इसका नाम टायसन है...
यह एक जर्मन शेफर्ड नस्ल का dog है....
यह भारतीय सेना के पैरा 2 (स्पेशल फोर्सेस) यूनिट के साथ जम्मू कश्मीर में तैनात है, इसका काम दुर्गम पहाड़ी इलाकों मे आतंकी ठिकानों का पता लगाना है।
2 दिन पहले सेना को कश्मीर के किश्तवाड जिले मे 3 आतंकियों के होने की सूचना मिली, जिसके बाद सेना ने ऑपरेशन Trashi चलाया। इस ऑपरेशन मे इसकी अहम भूमिका रही। जिसे इसने पूरी ईमानदारी से अपनी जान पर खेलकर पूरा किया।
जम्मू कश्मीर के किश्तवाड जिले के छतरू मे सेना को जैश-ए-मोहम्मद के 3 आतंकियों के छुपे होने की सूचना मिली।
सेना ने सर्च ऑपरेशन चलाया जिसकी अगुवाई टायसन कर रहा था, ये सबसे आगे आतंकियों के ठिकानों की तलाश मे गया और इसने उन्हें ढूंढ भी लिया। आतंकियों ने इसपर गोली चलाई जो इसके पैर मे लगी। लेकिन ये फिर भी नहीं रुका और सेना को उनकी पिन पॉइंट लोकेशन की जानकारी दी।
सेना ने तीनों आतंकियों को मार गिराया, जिनमे एक जैश का कमांडर सैफुल्ला भी था जो काफी समय से सेना के टार्गेट पर था।
घायल टायसन को एयरलिफ्ट करके अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के बाद इसकी हालत स्थिर है।
ये एक जानवर है...
चोट लगने के बावजूद इसने देश के प्रति अपनी ड्यूटी को पूरी ईमानदारी से अपनी जान पर खेलकर पूरा किया। इसी देश मे कुछ लोग हैं, जो कहने को इंसान हैं, लेकिन जरा जरा सी बात पर देश को देश की उपलब्धियों को गाली देने से बाज नहीं आते..
इस सैनिक को दिल से सलाम है... और ईश्वर से प्रार्थना है कि ये जल्द ठीक होकर फिर से देश की सेवा करे..
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जय भारत

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