मोहम्मद यूनुस की जान पर बन आई? बांग्लादेश में चुनाव से पहले 'खूनी' संग्राम! पुलिस ने छात्रों पर दागे ग्रेनेड
बांग्लादेश में चुनाव से पहले युनूस के सामने एक बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई।जिसकी वजह से कुछ ऐसा होने वाला था जो अगस्त 2024 में शेख हसीना के साथ हो चुका है।ढाका की सड़कों पर जनसैलाब उमड़ आया था, यमुना गेस्ट हाउस यानी प्रधानमंत्री आवास का घेराव शुरू हो गया था।प्रदर्शनकारी अपने नेता उस्मान हादी की हत्या के आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रहे थे।
पुलिस ने चीफ एडवाइजर डॉ. मोहम्मद यूनुस के आधिकारिक आवास के बाहर जमा हुए प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए आंसू गैस, वॉटर कैनन और साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया. इस हिंसक झड़प में 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं, जिन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
चीफ एडवाइजर के घर के बाहर 'युद्ध' जैसे हालात: प्रदर्शनकारी स्टेट गेस्ट हाउस 'जमुना' (जो चीफ एडवाइजर का आवास है) का घेराव करने की कोशिश कर रहे थे. पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोका. जब प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने लाठियां बरसाईं और आंसू गैस के गोले दागे। रिपोर्ट के मुताबिक, इंकलाब मंच ने फेसबुक पोस्ट में दावा किया है कि पुलिस फायरिंग में उनके सदस्य सचिव अब्दुल्ला अल जाबेर को गोली लगी है।पलटवार: प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस पर ईंट-पत्थर फेंके, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
सरकारी कर्मचारियों को भी नहीं बख्शा
सिर्फ छात्र ही नहीं, शुक्रवार दोपहर को अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे सरकारी कर्मचारियों पर भी पुलिस का कहर टूटा। 9वें वेतनमान को लागू करने की मांग कर रहे कर्मचारियों को भी पुलिस ने लाठियों और आंसू गैस के जरिए तितर-बितर कर दिया।
चुनाव से पहले ढाका में कर्फ्यू जैसा माहौल
बांग्लादेश में तनाव चरम पर है। उस्मान हादी की दिसंबर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद से गुस्सा सुलग रहा था. चुनाव को देखते हुए ढाका में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. पैरामिलिट्री फोर्स तैनात है. चीफ एडवाइजर के आवास के आसपास कर्फ्यू लगा दिया गया है और किसी भी तरह के प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है। ( बांग्लादेश बोर्डर से अशोक झा की रिपोर्ट )
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