बिहार के सीमांचल किशनगंज, अररिया और पूर्णिया में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का आज अंतिम दिन है। उसके बाद वह फिर पहली मार्च की रात को कोलकाता पहुंचेंगे अमित शाह
पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा ने यह जानकारी दी है. पार्टी ने बताया है कि 1 मार्च 2026 को रात के 9:50 बजे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दमदम के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरेंगे। वह कोलकाता में रात्रि विश्राम करेंगे।
2 मार्च को परिवर्तन यात्रा में शामिल होंगे अमित शाह
अगले दिन 2 मार्च को सड़क मार्ग से सुबह 11:15 बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट जायेंगे। वहां से वह परिवर्तन यात्रा में शामिल होने के लिए हेलीकॉप्टर से रवाना होंगे। दक्षिण 24 परगना के रायदिघी में होगी शाह की जनसभा: दिन में 11:40 बजे अमित शाह दक्षिण 24 परगना के रायदिघी हेलीपैड पर उतरेंगे.ल। 11:55 बजे वह पब्लिक मीटिंग में शामिल होंगे. परिवर्तन यात्रा जनसभा को संबोधित भी करेंगे. भाजपा का कहना है कि अमित शाह की इस जनसभा में भारी संख्या में लोग शामिल होंगे।
अप्रैल-मई में हो सकते हैं बंगाल चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल में अप्रैल या मई में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। वर्ष 2021 में राज्य में 8 चरणों में अप्रैल-मई में चुनाव कराये गये थे. इस बार उम्मीद है कि सभी 294 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में चुनाव कराये जायेंगे। बिहार के सीमांचल दौरे में शाह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से 10 किमी तक अवैध अतिक्रमण हटाने का ऐलान गृह मंत्री अमित शाह ने भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के दस किलोमीटर की परिधि में अवैध अतिक्रमण और घुसपैठियों पर निशाना साधा. उन्होंने ऐलान किया कि सीमा से 10 किमी के अंदर तक के अवैध अतिक्रमण को खत्म कर घुसपैठियों को देश से बाहर किया जाएगा. उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को आश्वस्त किया कि एक-एक घुसपैठिए को बाहर निकालने को लेकर वे दृढ़ संकल्पित हैं. घुसपैठियों को बाहर निकालने के बाद ही वे वोट मांगेंगे.
घुसपैठियों को निकालने को माना बड़ी चुनौती:गृह मंत्री ने घुसपैठियों को देश से बाहर निकालने को बड़ी चुनौती मानते हुए केंद्र और राज्य सरकार के साथ सुरक्षा एजेंसियों के तालमेल से कार्य योजना तैयार कर उसे मूर्त रूप देने की बात भी कही. सीमा सुरक्षा प्रबंधन के तहत सीमा से दस किलोमीटर के अंदर के अवैध अतिक्रमण को हटाने को पहली प्राथमिकता करार दिया, जिसके बाद घुसपैठियों को खदेड़ने की बात कही. अतिक्रमण और घुसपैठियों के कारण जनसांख्यिकी बदलाव पर चिंता जाहिर की।
उन्होंने घुसपैठियों के कारण हो रहे जनसांख्यिकी बदलाव को देश की संस्कृति और डेमोग्राफी के लिए चिंतनीय करार दिया. जनसंख्यायिकी परिवर्तन पर उच्च स्तरीय समिति बनाकर सीमांत क्षेत्र, बल्कि पूरे देश की समीक्षा की जाने की बात भी कही। गृह मंत्री ने जनसांख्यिकी बदलाव सबसे अधिक पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में होने की बात कही।
स्थानीय नेतृत्व की प्रतिक्रिया: गृह मंत्री के आगमन पर स्थानीय विधायक एवं बिहार सरकार के पूर्व मंत्री विजय कुमार मंडल ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा को मजबूत करने के साथ ही सीमावर्ती गांवों को स्वावलंबी बनाने की दिशा में प्रयास है. उन्होंने कहा कि सीमावर्ती गांव तरक्की कर रहे हैं और गृह मंत्री के लगातार दो दौरों से सीमावर्ती गांव विकसित हो रहे हैं और विकास के राह पर चल रहे हैं.सीमा सुरक्षा प्रबंधन और वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम पर समीक्षा: समाहरणालय स्थित परमान सभागार में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा प्रबंधन के साथ दूसरे चरण के वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम को लेकर समीक्षात्मक बैठक की. भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा के तहत खुली सीमा का लाभ उठाकर होने वाली अवैध गतिविधियों और घुसपैठ को रोकने के लिए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ सीमा सुरक्षा में लगी एजेंसी एसएसबी को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों के साथ चर्चा
सीमावर्ती इलाकों में बदलती आबादी के पैटर्न पर खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों के साथ चर्चा की गई. अवैध प्रवासियों और उनके माध्यम से बनाए जा रहे वोट बैंक की पहचान को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए. गृह मंत्री ने वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के जरिए सीमावर्ती गांवों में बुनियादी ढांचा मजबूत करने और पलायन रोकने जैसे मुद्दों पर अधिकारियों से राय लेते हुए चर्चा की. बिहार के सीमावर्ती गांवों के इंफ्रास्ट्रक्चर, संस्कृति, पर्यटन, जीवन और आर्थिक उन्नति को वाइब्रेंट करने की बात कही गई.
मोदी सरकार के लिए सीमावर्ती गांवों की सुरक्षा और सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता करार दिया गया. घुसपैठ मुक्त सीमांचल को लेकर अधिकारियों से सतर्कता बरतने और चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए. बैठक में गृह मंत्री अमित शाह के अलावा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, बिहार सरकार के डिप्टी सीएम एवं गृह मंत्री सम्राट चौधरी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार, एसएसबी के डीजीपी समेत कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी तथा सात सीमावर्ती जिलों के डीएम-एसपी मौजूद थे।सांसद ने दौरे को 'ऐतिहासिक और दूरदर्शी' बताया: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के सीमांचल दौरे को अररिया सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने ऐतिहासिक और दूरदर्शी करार दिया. भारत-नेपाल सीमा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों तथा वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम को लेकर आयोजित समीक्षात्मक बैठक को संबोधित करने पहुंचे गृह मंत्री का सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने स्वागत और अभिनंदन किया.
मौके पर सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि सशक्त सीमा ही सुरक्षित भारत की आधारशिला है, और सीमांचल क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना केंद्र सरकार का संकल्प है.
वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के माध्यम से एनडीए सरकार बिहार के सीमावर्ती गांवों के इंफ्रास्ट्रक्चर, संस्कृति, पर्यटन, जीवन स्तर और आर्थिक उन्नति को सशक्त बना रही है. मोदी सरकार के लिए सीमावर्ती गांवों की सुरक्षा और सर्वांगीण विकास सर्वोच्च प्राथमिकता है. सीमांचल अब उपेक्षा का नहीं, बल्कि अवसर और विकास का केंद्र बनेगा. सांसद ने विश्वास व्यक्त किया कि गृह मंत्री के मार्गदर्शन में सीमांचल क्षेत्र सुरक्षा, विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित करेगा। सीमा पर तारबंदी और सुरक्षा बलों की तैनाती: सीमा सुरक्षा के तहत अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कंटीले तार और बाड़ लगाने की बात कही गई. गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान सीमांचल से घुसपैठियों को बाहर निकालने के किए गए वादे को पूरा करने के लिए कमर कस लेने की बात कही. गृह मंत्री के कार्यक्रम को लेकर भारत-नेपाल सीमा से लेकर हेलिपैड, लेटी बीओपी कैंप पर भारी संख्या में बिहार पुलिस के जवान और दंडाधिकारी, साथ ही एसएसबी और सीआरपीएफ के अधिकारियों और जवानों की प्रतिनियुक्ति की गई थी.
लेटी पहुंचने पर गृह मंत्री का स्वागत डीएम विनोद दूहन, एसपी जितेंद्र कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष आदित्य नारायण झा, सांसद प्रदीप कुमार सिंह, विधायक विजय कुमार मंडल सहित एसएसबी और केंद्रीय पुलिस बल के अधिकारियों ने बुके और अंगवस्त्र प्रदान कर किया।तीन दिन में बनेगी कार्ययोजना: अपने संबोधन में शाह ने कहा कि घुसपैठ देश के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुकी है और अब समय आ गया है कि हर स्तर पर समन्वित कार्रवाई की जाए। उन्होंने जानकारी दी कि इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, बिहार के गृह विभाग, संबंधित जिलों के डीएम-एसपी और अन्य एजेंसियों के साथ विस्तृत बैठक की जाएगी। तीन दिन के भीतर एक ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसके तहत सीमा क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण हटाने और घुसपैठियों की पहचान सुनिश्चित की जाएगी।
जनसंख्या संतुलन पर चिंता जताई: अमित शाह ने कहा कि किसी भी देश में जनसंख्या का असंतुलित बदलाव स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए उचित नहीं होता। अतिक्रमण और घुसपैठ के कारण जनसंख्यिकी में परिवर्तन देश की संस्कृति, इतिहास और भूगोल तीनों के लिए खतरनाक हो सकता है। उन्होंने ऐलान किया कि जनसंख्यिकी परिवर्तन की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी। यह समिति केवल सीमांत क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे देश की स्थिति का आकलन कर आवश्यक सुझाव देगी।
बंगाल, बिहार और झारखंड अधिक प्रभावित:शाह ने बताया कि घुसपैठ से सबसे अधिक प्रभावित राज्य पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड हैं। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में आगामी चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने पर सीमा पर बाड़ लगाने का काम प्राथमिकता से होगा। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा को मजबूत करना और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना हमारी प्रतिबद्धता है। घुसपैठियों को चिन्हित कर विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत देश से बाहर भेजा जाएगा।
सीमांचल पर विशेष फोकस: सीमांचल क्षेत्र का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि बिहार में सरकार बनने के समय वादा किया गया था कि इस इलाके से अवैध घुसपैठ की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि सरकार अपने वादे पर कायम है और चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सीमा सुरक्षा बलों की सराहना करते हुए कहा कि सीमाओं की रक्षा में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार उन्हें हर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी।
किशनगंज में आर्मी बेस पर तेजी के निर्देश: गृह मंत्री अमित शाह का तीन दिवसीय सीमांचल दौरा महज राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को नए सिरे से मजबूत करने की ठोस पहल के रूप में सामने आया। बुधवार को किशनगंज जिला परिषद स्थित 'मेची सभागार' में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में सीमा सुरक्षा, खुफिया तंत्र की मजबूती और प्रस्तावित सेना के बेस कैंपों पर विस्तार से मंथन हुआ। बैठक के बाद यह संकेत स्पष्ट हो गया कि केंद्र सरकार अब सीमांचल जैसे संवेदनशील इलाके में सुरक्षा परियोजनाओं में किसी भी तरह की देरी स्वीकार करने के मूड में नहीं है।
बैठक का सबसे अहम मुद्दा कोचाधामन, बहादुरगंज और नटुआपारा में प्रस्तावित सेना के बेस कैंप रहा। ये तीनों स्थान सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। लंबे समय से भूमि अधिग्रहण को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध और प्रक्रियात्मक अड़चनें बनी हुई हैं। गृह मंत्री ने अधिकारियों से साफ शब्दों में कहा कि देश की सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं में विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला प्रशासन ग्रामीणों के साथ सीधे संवाद स्थापित करे, उनकी शंकाओं का समाधान करे और मुआवजे की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाए।'चिकन नेक' पर सख्त पहरे की तैयारी: किशनगंज का इलाका सामरिक दृष्टि से इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह 'चिकन नेक' कहे जाने वाले सिलीगुड़ी कॉरिडोर के बेहद करीब है। यह संकरा गलियारा पूर्वोत्तर भारत को देश के शेष हिस्सों से जोड़ता है। गृह मंत्री ने स्पष्ट कहा कि इस इलाके में खुफिया तंत्र को और सशक्त किया जाए। सीमा पार की हर गतिविधि की रियल-टाइम जानकारी मुख्यालय तक पहुंचे, इसके लिए आधुनिक ड्रोन सर्विलांस, तकनीकी निगरानी और संचार प्रणाली को और उन्नत करने पर सहमति बनी। अररिया से अशोक झा की रिपोर्ट

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