प्रखर रिपोर्टर- पत्रकार साथी गोपेश पांडेय ( 73 ) हम सबको रुलाते हुए उस आखिरी सफर पर निकल गया जिसकी वापसी का टिकट नहीं होता। ।
आज अर्थात 11 जनवरी की सुबह जब यह दिल तोड़ने वाली दुखद वेदनादायी खबर मिली तो सहज ही विश्वास नहीं हुआ। वाराणसी के नवाबगंज स्थित पैत्रिक आवास पर गोपेश के भतीजे ने पुष्टि करते हुए बताया कि काशी में चल रही शीत लहरी ने चाचा जी की बलि ले ली। यह भी पता चला कि पिछले तीन चार दिनों से गोपेश की भोजन के प्रति अरुचि हो चुकी थी। दस जनवरी को ठंड ने इस तरह से जकड़ लिया था कि गोपेश को दिल का जानलेवा दौरा पड़ गया और आज सुबह सात बजे के करीब उसने हमेशा के लिए आंख मूद ली। इसी के साथ कभी दीप्त नक्षत्र की तरह मीडिया जगत में अपनी चमक बिखेरते आज अखबार की अत्यंत समृद्ध सिटी टेबल के एक और भूतपूर्व सितारे का अंत हो गया।
एक युग था जब आज की सिटी टेबल पर रिपोर्टिंग के डोनाल्ड ब्रैडमैन ईश्वर चंद सिन्हा के यशस्वी पट शिष्य दीनानाथ गुप्त से रिपोर्टिंग का ककहरा सीखने वाले गोपेश ने इस फील्ड में अपने इन स्मृति शेष दिग्गजों के पथ का संपूर्णता के साथ अनुसरण किया। डाक्टर राममोहन पाठक ने भी उसकी लेखनी को धार दी। यह वह दौर था जब आज अखबार भाषा- शैली का स्कूल ही नहीं समझा जाता था वरन उसके संवाददाता की किसी कार्यक्रम में गरिमामय सम्मानजनक उपस्थिति हुआ करती थी। आज की लोलुपता से इतर तब के आज से जुड़े पत्रकार क्या मजाल कि कोई गिफ्ट या उपहार आदि ग्रहण करते। गोपेश उसी कड़ी का सच्चा संवाहक था।
कालांतर में गोपेश का लखनऊ तबादला कर दिया गया जहां वह दशकों तक इसी अखबार में सेवारत था। मेरा और गोपेश का इस दैनिक में साथ पांच वर्षों का ही था लेकिन वह लिए हमेशा अनुज समतुल्य था। मैं दैनिक जागरण और अमर उजाला के बाद जब हिन्दुस्तान के साथ लखनऊ संस्करण से जुड़ा तब गोपेश अक्सर ओडियन सिनेमा के पास अंगेजों की बसायी कॉलोनी स्थित आवास पर मुझसे अक्सर मिलने आया करता था । आज के दिनों दिन पातालगामी होने से हम दोनो दुखी हो जाते थे।
अवकाश ग्रहण के बाद गोपेश की काशी वापसी हो गयी थी। गाहे बेगाहे हम मिला करते थे। पिछले दिनों उसने पेंशन के लिए ' मै जीवित हूं"प्रमाणपत्र के नवीनीकरण के लिए कहा था लेकिन कैसा दुर्योग कि अब गोपेश जीवित नहीं रहा। जाओ भाई वहां भी अपनी रिपोर्टिंग जारी रखना। हम भी जल्दी ही तुमसे मिलेंगे । ॐ शान्ति शान्ति ( देश के प्रसिद्ध खेल पत्रकार पदमपति शर्मा की कलम से )
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