पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के दूसरे सबसे महत्वपूर्ण नेता सैफुल्लाह कसूरी ने पाकिस्तानी सेना से संगठन के संबंधों को स्वीकार किया है और एक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में भीड़ को संबोधित करते हुए इस बात की पुष्टि की। पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. लंबे समय से आरोप लगाए जा रहे हैं कि पाकिस्तानी सेना और आतंकवादी संगठन के बीच गठजोड़ हैं. हालांकि, एक बार फिर इसके सबूत सामने आए हैं. हाल ही में एक बड़ा खुलासा हुआ है जो बताता है कि कैसे पाकिस्तानी सेना आतंकवादियों को न्योता देकर बुलाती है। जिसमें उसने खुले मंच से पाकिस्तानी सेना से अपने रिश्तों को स्वीकार किया है। ये वीडियो एक बच्चों के स्कूल का है। जिसमें वो कहते हुए दिख रहा है कि पाकिस्तान की सेना मुझे जनाजे की नमाज पढ़ने के लिए न्योता देकर बुलाती है।सामने आया वीडियो: इस वीडियो की तारीख स्पष्ट नहीं है, लेकिन खुफिया सूत्रों ने इसकी प्रामाणिकता की पुष्टि की है। बावजूद इसके टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है। वीडियो के एक फ्रेम में स्कूल का आंशिक लोगो भी दिखाई देता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये वीडियो मुल्तान का बताया जा रहा है। इसमें आतंकी नेटवर्क का डिप्टी चीफ सैफुल्लाह लाल गुब्बारों से सजे मंच पर खड़ा होकर भीड़ को संबोधित करता दिखता है। इसमें उसने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना अपने शहीद जवानों के जनाजे की नमाज पढ़ने के लिए उसे न्योता देती है। बता दें कि सैफुल्लाह अंसारी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकी घोषित किया जा चुका है। और भारत का वह मोस्ट वांटेड आतंकी है।सैनिक के जनाजे में दिखा था आतंकी सैफुल्लाह : इससे पहले, दिसंबर में पाकिस्तान के साउथ वजीरिस्तान का एक वीडियो सामने आया था। वीडियो में लश्कर-ए-तैयबा का कुख्यात आतंकी सैफुल्लाह कसूरी एक पाकिस्तानी सैनिक के जनाजे में नमाज पढ़ता दिखा था। इस वीडियो ने इस्लामाबाद के झूठे दावों की परतें उधेड़ दी थीं। उसी महीने कसूरी का तीन घंटे लंबा एक और वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह लश्कर की बड़ी सभा को संबोधित करता नजर आया था। यह फेसबुक लाइव पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग के आधिकारिक पेज पर डाला गया था। आतंकी अड्डा दोबारा खड़ा करने के लिए "सरकारी" फंड: वीडियो में लश्कर का डिप्टी चीफ भारत के खिलाफ जहर उगलता नजर आता है। वह शेखी बघारते हुए कहता है कि भारत उसकी मौजूदगी से थर्राता है और भारतीय एजेंसियां उसके डर के साये में जी रही हैं। आगे वह गीदड़भभकी देते हुए दावा करता है कि जल्द ही जम्मू-कश्मीर की नदियां और बांध उनके कब्जे में होंगे। इसमें वह पीएम मोदी को लेकर भी बयान दे रहा था।
नए वीडियो से दिखा सेना-आतंकियों का गठजोड़
भारत के लिए कसूरी का यह बयान कोई नई बात नहीं है। भारत वर्षों से दुनिया के सामने पाकिस्तान के राज्य-प्रायोजित आतंकवाद का मुद्दा उठाती रही है। सबसे भयावह तथ्य यह है कि पहलगाम हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या से जुड़े इस आतंकी को पाकिस्तान के एक स्कूल में बच्चों के सामने बोलने का मंच दिया गया। जिन बच्चों के हाथों में कलम-किताबें होनी चाहिए थीं, वहां एक आतंकी भारत के खिलाफ नफरत, हिंसा और जिहादी उन्माद का पाठ पढ़ा रहा है।फिर सक्रिय हो रहा लश्कर: गौरतलब है कि नवंबर 2025 में एनडीटीनी की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि पहलगाम हमले के बाद शुरू किए गए भारत की ऑपरेशन सिंदूर के छह महीने बाद भी पाकिस्तान समर्थित आतंकी गतिविधियों में खतरनाक बढ़ोतरी देखी जा रही है। खुफिया इनपुट्स के मुताबिक लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) नए सिरे से संगठित होकर समन्वित हमलों की तैयारी कर रहे हैं। भारत में अधिकारियों ने इसे 'गंभीर चेतावनी' बताते हुए उत्तरी कमान के सभी सेक्टरों में हाई अलर्ट जारी किया। भारत ने साफ किया है कि अगर पाकिस्तान का आतंक का निर्यात जारी रहा तो ऑपरेशन सिंदूर का नया चरण शुरू किया जाएगा। ( हिंदुस्तान की सरहद से अशोक झा की रिपोर्ट )
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