बंगाल के पड़ोसी राज्य त्रिपुरा के उनाकोटी जिले के कुमारघाट उपमंडल में शनिवार को दो समुदायों के बीच स्थानीय मेले के लिए चंदा वसूली को लेकर हुई झड़पों के बाद निषेधाज्ञा लागू कर दी गई और भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए। तनाव की शुरुआत एक विवाद से हुई, जब फातिक रॉय थाना क्षेत्र के सैदारपार इलाके में कुछ युवकों ने लकड़ी से लदे एक वाहन को रोककर सामुदायिक मेले के लिए चंदा मांगा. इस दौरान दो समूहों के बीच बहस हुई, जो जल्द ही सांप्रदायिक रंग ले बैठी. पुलिस ने बताया कि स्थिति बिगड़ने पर भीड़ ने संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया, आगजनी की और एक धार्मिक स्थल को भी क्षति पहुंचाई.
घटनाओं के बाद कुमारघाट के एसडीएम ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी. साथ ही, मोबाइल इंटरनेट सेवाएं 48 घंटे के लिए बंद कर दी गईं ताकि अफवाहों को फैलने से रोका जा सके. पुलिस ने आठ लोगों को हिरासत में लिया है और इलाके में केंद्रीय बलों की तैनाती कर फ्लैग मार्च किया गया।
सूत्रों के अनुसार, विवाद तब और बढ़ गया जब शिमुलतला क्षेत्र में एक परिवार ने चंदा देने से इनकार कर दिया।
इसके बाद एक समुदाय के लोगों ने कथित तौर पर संपत्तियों को आग लगा दी और एक धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाया. जवाबी कार्रवाई में दूसरी ओर से भी हिंसा हुई।
राज्य सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है। सभी राजनीतिक दलों ने हिंसा की निंदा करते हुए शांति की अपील की है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन प्रशासन सतर्क है और हालात पर नजर रखे हुए है.
बताया गया है कि शिमुलतला इलाके में एक अल्पसंख्यक परिवार द्वारा मेले के लिए चंदा देने से कथित तौर पर इनकार करने के बाद तनाव बढ़ गया। इसके बाद उग्र भीड़ ने लकड़ी की एक दुकान सहित कई संपत्तियों में आग लगा दी और एक धार्मिक स्थल में तोड़फोड़ की। मिश्रित आबादी वाले इलाके में खबर फैलते ही स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक अविनाश राय, जिला मजिस्ट्रेट तमल मजूमदार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अतिरिक्त बल लेकर प्रभावित इलाकों में पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।मीडिया से बातचीत में राय ने कहा, "दिन में पहले कुछ लोगों द्वारा कुछ घरों के बाहर आग लगाए जाने की घटनाओं के बाद तनाव पैदा हुआ। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर भीड़ को तितर-बितर किया। स्थिति को देखते हुए एसडीएम ने धारा 163 लागू की है और बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। फ्लैग मार्च जारी रहेंगे, हालांकि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।" नुकसान के आकलन को लेकर उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा विस्तृत सर्वे किया जा रहा है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने फ्लैग मार्च किए, जबकि कुछ इलाकों में तनाव बना रहा। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहें न फैलाने की अपील की है। इस बीच राज्य भाजपा अध्यक्ष राजीब भट्टाचार्जी, राज्य कांग्रेस अध्यक्ष आशीष कुमार साहा और नेता प्रतिपक्ष व माकपा के राज्य सचिव जितेंद्र चौधरी ने अलग-अलग बयान जारी कर हिंसा की निंदा की और शांति व सौहार्द बनाए रखने की अपील की। ( बांग्लादेश बोर्डर से अशोक झा की रिपोर्ट )
#त्रिपुरा
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