- वित्तीय अनियमितता के साथ हवाला कारोबार से भी जुड़े होने की आशंका
- दफ्तरी मेगा मार्ट के अकाउंटेंट के घर चल रही छापेमारी
- कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइज और नगदी लिया अपने कब्जे में
- सीमांचल में इतिहास रच रहा यह छापामारी
बंगाल के पड़ोसी राज्य बिहार के किशनगंज के दफ्तरी ग्रुप और कटिहार के उद्योगपति राजेश चौधरी के ठिकानों पर आयकर विभाग ने एक साथ दबिश दी। विभाग की टीम सिलीगुड़ी, दालकोला, कोलकाता और राजस्थान तक जांच कर रही है। इस कार्रवाई में, पहले दिन ही दोनों जगहों से 80 लाख रुपये की भारी रकम बरामद की गई। अधिकारियों का कहना है कि यह छापेमारी इन उद्योगपतियों की कथित तौर पर अवैध वित्तीय गतिविधियों और कर चोरी के आरोपों की जांच का हिस्सा है। इसलिए अब इस जांच में जीएसटी की टीम की भी इंट्री हो गई है। आर्थिक लेनदेन का बड़ा खुलासा या फिर हवाला का कोई भी नेटवर्क मिला तो ईडी की भी इंट्री होना पक्का माना जा रहा है। बिहार बंगाल के कई वरिष्ठ व्यापारियों का कहना है कि व्यवसाय जगत में छापामारी होगा कोई आश्चर्य की बात नहीं है लेकिन 24 घंटे से अधिक की छापामारी जीवन में पहली बार देखने को मिल रहा है। इस छापामारी से उद्योग जगत, व्यापार जगत, रियल एस्टेट और चाय कारोबारियों में हड़कंप मचा दिया है। बड़ी रकम की बरामदगी: आयकर विभाग की टीम ने पहली बार में ही जांच के दौरान 80 लाख रुपये की नकद राशि जब्त की है, जो कि संदिग्ध परिस्थितियों में पाए गए। अधिकारियों ने बताया कि यह रकम अवैध तरीके से जमा की गई हो सकती है, और यह इस बात का संकेत हो सकता है कि उद्योगपतियों ने कर चोरी की है। टीम ने मौके पर मौजूद दस्तावेजों की भी जांच की है और अधिक जानकारी जुटाने के लिए आगे की कार्रवाई जारी है।
आयकर विभाग का बयान: आयकर विभाग ने इस छापेमारी के बाद कहा है कि इस प्रकार की कार्रवाई किसी भी भ्रष्टाचार या कर चोरी को उजागर करने के लिए की जा रही है। विभाग की टीम ने इन उद्योगपतियों की वित्तीय गतिविधियों की गहरी जांच शुरू कर दी है और इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप कई अन्य महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की संभावना है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक पूरा मामला सुलझ नहीं जाता। छापामारी करने आई टीमें किशनगंज के नेमचंद रोड, भगत टोली रोड, पश्चिमपाली और धर्मशाला रोड पर छापेमारी कर रही हैं। कोलकाता में भी दफ्तरी ग्रुप के प्रतिष्ठानों की जांच हो रही है। कारोबारी जयकरण दफ्तरी के ठिकानों को भी जांच में शामिल किया गया है। यह ऑपरेशन बिहार, गुजरात, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में 40 से अधिक स्थानों पर चल रहा है। अर्धसैनिक बलों की तैनाती के बीच जांच एजेंसियां दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। 24 घंटे से खुलासे का इंतजार: दफ्तरी ग्रुप किशनगंज और कोलकाता में चाय, कपड़ा, फर्नीचर, निर्माण, होटल और वाहन बिक्री का कारोबार करता है। सूत्रों के अनुसार, जांच में ऐसे खुलासे हो सकते हैं जो क्षेत्र के कारोबारी और राजनीतिक गलियारों को प्रभावित करेंगे। आयकर विभाग ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। दफ्तरी मेगा मार्ट के अकाउंटेंट के घर छापेमारी: जिले के पोठिया प्रखंड के रायपुर पंचायत, वार्ड संख्या 08, खरखरी निवासी गंगा दास, जो दफ्तरी मेगा मार्ट के अकाउंटेंट लगभग 7 साल से वहा पर काम करते है। उनके घर शनिवार सुबह 7:30 बजे से आयकर विभाग की छापेमारी चल रही है। पटना से आई आयकर विभाग की एक दस सदस्यीय टीम, जिसमें पुरुष और महिला कर्मचारी शामिल हैं, भारी पुलिस बल के साथ गंगा दास के घर दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है। गंगा दास के चाचा के अनुसार, टीम ने घर से किसी को बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी है और बच्चों को भी स्कूल जाने से रोक दिया गया है। अभी तक घर से कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली है, और जांच जारी है।
इसी बीच, किशनगंज सदर थाना क्षेत्र में सुबह दो अधिकारियों की गाड़ियां दफ्तरी मेगा मार्ट पहुंचीं, जहां से कुछ बैग उतारे गए और मॉल के अंदर ले जाए गए। सूत्रों के अनुसार, इन बैगों में संभवतः जांच के लिए मशीनें थीं। दफ्तरी ग्रुप के व्यापक कारोबारी नेटवर्क, जिसमें चाय बागान, होलसेल और रिटेल शोरूम, कंस्ट्रक्शन कंपनी और फैक्ट्रियां शामिल हैं, पर भी आयकर विभाग की नजर है।पश्चिम बंगाल के टीएमसी नेता पर भी कार्रवाई: दफ्तरी ग्रुप का तार पश्चिम बंगाल के पांजीपारा से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां टीएमसी नेता जाहिदुर रहमान उर्फ लादेन के आवास पर भी केंद्रीय जांच एजेंसियां छापेमारी कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई कर चोरी, काले धन और वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, भागलपुर में असिस्टेंट कमिश्नर सुनीता कुमारी के नेतृत्व में यह कार्रवाई चल रही है। कई अन्य कारोबारी और प्रभावशाली लोग भी जांच के दायरे में हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जिले के इतिहास की सबसे बड़ी छापेमारी है। आयकर विभाग ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह कार्रवाई लंबे समय से मिल रही शिकायतों के आधार पर की जा रही है, जिसमें कर चोरी और हवाला नेटवर्क की आशंका शामिल है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों की माने तो जांच टीम को आशंका है कि बड़े व्यापार में नंबर दो के पैसे का लेन देन रुक्का के माध्यम यानि हवाला के जरिए होता रहा है। सच्चाई तो विभाग के पर्दा उठाने के बाद ही सामने आ सकता है। जबतक पर्दा नहीं उठ रहा है तबतब जितना मुंह उतनी बातें सुनने को मिल रहा है। ( बंगाल बॉर्डर से अशोक झा की रिपोर्ट )
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