काशी नहीं कश्मीर है, कलम कम एके-56 ज्यादा..
जुलाई 06, 2023
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गयी ठंड जड़ जंगम अब, जीव-जंतु जगत निहाल। बीत रही जनवरी आगमन, देख बसंत धमका बेहाल।। चिड़िया चहक महक पा, भौ…
ruke nahi path par phir bhi ham ,liye aastha mann me hardam, pag dridhtar hote jate hain ,path par jyon badhte jate hain .........
जवाब देंहटाएंजय गणेश
हटाएंजय हिंद जय गणेश
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