जम्मू की सड़कों पर चलते-चलते चल रही थी अंताक्षरी, अचानक जवान बोले थम
May 31, 2011
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दुनियाभर के घुमक्कड़ पत्रकारों का एक मंच है,आप विश्व की तमाम घटनाओं को कवरेज करने वाले खबरनवीसों के अनुभव को पढ़ सकेंगे
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- आस्था, राष्ट्रभाव और सामाजिक समरसता की सशक्त स्वर है साध्वी ऋतंभरा - भाई ताराचंद की जीवनी चिकन नेक के सं…
बहुत सही. लेकिन ये बात सार्वजनिक करने की क्या जरूरत थी कि पहले दिन ही ५ खबर ले आये? अब अगली बार जायेंगे तो संपादक जी उम्मीद करेंगे कि एक ही दिन में ६ खबर दे दीजिए, फिर ५ दिन डेस्क का काम कर लीजिए... सातवें दिन फिर रिपोर्टिग पर निकल जाइए और ८ खबर लेकर लौट आइये...
ReplyDeletethand bhagane ke liye antakshari se badiya kuch nahi aur apka anubhav aur use shabdon me dhaal kar likhna ..vakai kabile tareef hai ...dinesh bhai...
ReplyDeleteek barfani,swargnuma per rahasya se bhare pradesh se bade atmeeya se chitthe darj karne ke liye dineshji aapka bahut, bahut aabhar ! devayani. http://electionindiawatch.blogspot.com
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