कहा, भतीजा का भी समय आ रहा है क्या होगा बंगाल ही नहीं देश जानेगा
अशोक झा/ कोलकाता: पश्चिम बंगाल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि अब वह 'दीदी' नहीं, बल्कि 'आंटी' हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान जब एक पत्रकार ने पूछा दीदी कह रही हैं। तो शुभेंदु अधिकारी ने तंज कसते हुए उसे बीच में टोका और कहा कि कौन दीदी? आंटी? आंटी गईं? शुभेंदु अधिकारी यह बोलते हुए हंसे और उनके आसपास के लोग भी हंसने लगे। उसके बाद वह वहां से निकल गए। उनका यह बयान संभवतः दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित एक रैली में ममता बनर्जी द्वारा की गई टिप्पणी के जवाब में था।।शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि जनता ने टीएमसी और उसके निशान को खत्म कर दिया है। पार्टी का नाम नहीं, झंडा नहीं। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी निकाय चुनाव लड़ेंगी कि नहीं, उनसे जाकर पूछिए। मैं इतना जानता हूं कि टीएमसी यहां नहीं है। फालता का प्रत्याशी भाग गया। नंदीग्राम का प्रत्याशी भाग गया। जो लड़े उनकी जमानत जब्त हो गई।तृणमूल के पूर्व विधायक जहांगीर उर्फ पुष्पा के खिलाफ हमारी सरकार ने जो कार्रवाई की, उसे सूबे की जनता ने देखा। भतीजे का क्या हाल होगा, यह भी आप समय आने पर देंखेंगे।
राहुल गांधी पर कहा, एलओपी हैं तो क्या?
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता बनर्जी और राहुल गांधी, दोनों देश विरोधी ताकतों को सपोर्ट कर रहे हैं। वे देश के खिलाफ काम कर रहे हैं। विकास के खिलाफ काम कर रहे हैं। ये टुकड़े-टुकड़े गैंग हैं। कश्मीर मांगे आजादी वाला गैंग है यह। यह भ्रष्टाचार पार्टी है। शुभेंदु ने राहुल गांधी पर कहा कि वह एलओपी हैं तो क्या हैं? जब-जब इन लोगों ने पीएम मोदी के माता-पिता को उल्टा-सीधा कहा, तब-तब जनता ने इन्हें जवाब दिया है। यह भाषा हमारी संस्कृति नहीं है, यह सोनिया गांधी की संस्कृति है।रविवार को, 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की रैली में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने CJP नेतृत्व और 'जेन जेड' (Gen Z) कार्यकर्ताओं को अपना समर्थन दिया। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर चुनावों में हेरफेर करने और विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों को निशाना बनाने के लिए 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) प्रक्रिया का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
रामलीला मैदान पहुंची थीं ममता बनर्जी
रामलीला मैदान में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा से लड़ने और लोकतंत्र की रक्षा करने के लिए सभी विपक्षी दलों और समाज के विभिन्न वर्गों को एकजुट होना चाहिए। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेताओं और नागरिक समाज के सदस्यों की उपस्थिति का उल्लेख करते हुए की।
ममता बनर्जी ने कहा, 'मैं CJP नेतृत्व और 'जेन Z' (नई पीढ़ी) के प्रति एकजुटता, समर्थन और उनके संघर्ष के जज्बे के लिए अपना समर्थन जताती हूं।' ममता बनर्जी ने 'SIR' कवायद को भाजपा के लिए तैयार किया गया एक विशेष सघन राहत कार्यक्रम बताया और दावा किया कि पश्चिम बंगाल में TMC कोई निष्पक्ष चुनाव नहीं हारी है।
बीजेपी पर चुनाव हाईजैक करने का ममता बनर्जी ने लगाया था आरोप
टीएमसी चीफ ने कहा कि पश्चिम बंगाल इन हालात का शिकार आम है, जो इन लोगों ने पैदा किए हैं। हम इन्हें बख्शेंगे नहीं। हम अपनी जान लगाकर लड़ेंगे। इन्होंने बंगाल को लूटा है, लेकिन हम लोकतंत्र को बचाएंगे और उसे वापस लाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि हम हारे नहीं हैं, बल्कि हमें हराया गया है। हम लोकतांत्रिक तरीके से इसका मुकाबला करेंगे। आपने लोगों की नौकरियां छीनीं, जिंदगियां बर्बाद कीं और महिलाओं का सम्मान छीना। आपने चुनाव को हाईजैक कर लिया।
शुभेंदु अधिकारी का सीएए पर बयान: इधर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की कि उनकी सरकार इस साल 31 दिसंबर तक राज्य में CAA के लगभग 2.5 लाख आवेदकों की सुनवाई पूरी कर लेगी और उन्हें नागरिकता प्रमाण पत्र जारी करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कोई भी पात्र आवेदक छूट नहीं पाएगा। उन्होंने चालू वित्त वर्ष में मतुआ समुदाय के विकास के लिए 50 करोड़ रुपये की अनुदान राशि देने की भी घोषणा की और इसी अवधि के दौरान 'मतुआ विकास बोर्ड' के पुनर्गठन का वादा किया।
उत्तर 24 परगना जिले में आयोजित 'अंतर्राष्ट्रीय मतुआ गोसाई सम्मेलन 2026' को संबोधित करते हुए, अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय, राज्य सरकार और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के बाद प्रशासन ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में अब तक CAA के तहत केवल 25,000 लोगों को ही नागरिकता प्रमाण पत्र मिले हैं। जबकि लगभग 2.5 लाख लोगों ने आवेदन किया है। हम 31 दिसंबर तक सुनवाई पूरी कर लेंगे और उन्हें नागरिकता प्रमाण पत्र जारी कर देंगे। यह मेरी जिम्मेदारी है।
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