-'हिंदू शरणार्थियों को जल्द मिलेगी नागरिकता, जिसने गौ माता पर हाथ उठाया...', CM शुभेदु का ऐलान, घुसपैठियों को क्या दी चेतावनी?
- उत्तर बंगाल के समग्र विकास की रूपरेखा पेश करते हुए क्षेत्र के लिए 30 नई विकास परियोजनाओं की दी जानकारी
अशोक झा/ सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 29 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) को उत्तर दिनाजपुर जिले के रायगंज में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक समीक्षा बैठक और तीस्ता मैदान में विशाल जनसेवा कार्यक्रम (जनसभा) को संबोधित किया। मुख्यमंत्री बनने के बाद इस जिले में यह उनका पहला आधिकारिक दौरा है। स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी घोषणाएं (एम्स और कैंसर अस्पताल): रायगंज में एम्स (AIIMS): मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार रायगंज के दिकनगर इलाके में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना के लिए केंद्र सरकार को जल्द ही प्रस्ताव भेजेगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को उत्तर दिनाजपुर जिले के रायगंज में एक प्रशासनिक बैठक के उपरांत इसकी आधिकारिक घोषणा की। उन्हाेंने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने रायगंज के दिकनगर में राज्य का दूसरा एम्स स्थापित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर बंगाल के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जलपाईगुड़ी और सिलीगुड़ी में पूर्ण स्तरीय कैंसर अस्पताल बनाने का भी ऐलान किया। गुरुवार को उत्तर दिनाजपुर जिले के रायगंज में प्रशासनिक बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कर्णजोड़ा इलाके के तीस्ता मैदान में जनसेवा कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार उत्तर दिनाजपुर जिले के रायगंज स्थित दिकनगर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार को औपचारिक प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी तैयारियां और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को साथ लेकर दिकनगर में परियोजना का भूमि पूजन करेंगे।मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक बैठक करने के बाद कर्णजोड़ा इलाके के तीस्ता मैदान में आयोजित एक जन-परिसेवा (लोक सेवा) वितरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसी मंच से उन्होंने उत्तर बंगाल के समग्र विकास की रूपरेखा पेश करते हुए क्षेत्र के लिए 30 नई विकास परियोजनाओं की जानकारी दी। एम्स के निर्माण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने दिकनगर में इस प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थान के निर्माण का प्रस्ताव भेजने का खाका तैयार कर लिया है। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा, केंद्र सरकार के पास यह प्रस्ताव भेजा जाएगा और सभी जरूरी कागजी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, मैं स्वयं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के साथ दिकनगर में एम्स के भूमि पूजन समारोह में शामिल होने आऊंगा।
CAA के तहत हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता दिलाने का वादा: शुभेंदु अधिकारी ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता दिलाने की प्रतिबद्धता भी जताई। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएगी कि समुदाय का कोई भी शरणार्थी जेल न जाए। मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि यहां एक भी हिंदू शरणार्थी जेल न जाए। उन्हें रिहा कराने और CAA के तहत नागरिकता देने के लिए तुरंत कानूनी कदम उठाए जाएंगे।" उन्होंने उन लोगों से जल्द नागरिकता के लिए आवेदन करने की अपील की, जिन्होंने अब तक आवेदन नहीं किया है। इसके अलावा, अधिकारी ने सीमावर्ती इलाकों में किसी भी अवैध मदरसे को अनुमति नहीं देने की बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसा कदम राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से जरूरी है।इन परियोजनाओं का उद्देश्य उत्तर बंगाल के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम करना है।
बता दे की रायगंज में एम्स स्थापित करने की मांग काफी पुरानी है। एक समय रायगंज में एम्स बनाने की केंद्र की मंजूरी भी मिली थी ,लेकिन जगह की कमी का हवाला देकर उसे राज्य के कल्याणी में स्थापित किया गया था।
उत्तर बंगाल में एम्स की स्थापना भाजपा के प्रमुख चुनावी वादों में से एक थी। कैंसर अस्पताल: उन्होंने उत्तर बंगाल के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए जलपाईगुड़ी और सिलीगुड़ी में पूर्ण सुविधाओं वाले कैंसर अस्पताल स्थापित करने की योजना की भी घोषणा की। घुसपैठ और नागरिकता पर सख्त रुख (CAA): घुसपैठियों को कड़ी चेतावनी: मुख्यमंत्री ने घुसपैठ के मुद्दे पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए कहा, "जिस रास्ते से बांग्लादेश से आए हो, उसी रास्ते से वापस भेजूंगा... मैं जेल का चावल नहीं खिलाऊंगा, सीधे वापस भेजूंगा।"
CAA और शरणार्थियों को नागरिकता: उन्होंने साफ किया कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत पात्र हिंदू शरणार्थियों को हर हाल में भारतीय नागरिकता दी जाएगी और सरकार उन्हें कानूनी मदद भी मुहैया कराएगी।
गोहत्या पर चेतावनी: सीमावर्ती इलाकों में अवैध गतिविधियों का जिक्र करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि सनातनियों के लिए पूजनीय गौ माता को कोई नुकसान न पहुंचाए, नहीं तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। सनातनियों और आदिवासियों की जमीन: मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य में पिछले 34 वर्षों के वामपंथी शासन और 15 वर्षों के तृणमूल (TMC) शासन के दौरान आदिवासियों और सनातनियों की जमीनों पर अवैध कब्जे किए गए। उन्होंने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया कि ऐसी जमीनों को चिह्नित कर उन्हें मूल मालिकों को वापस दिलाया जाए। विधायकों और माफियाओं पर निशाना: उन्होंने स्थानीय (चोपड़ा के) विधायक पर निशाना साधते हुए पुलिस को माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने इस्लामपुर के एसपी और उच्च पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि 2021 के चुनाव और पंचायत चुनाव के बाद जिन लोगों पर अत्याचार हुए थे, उनके मामलों में नए सिरे से FIR दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
सरकारी जमीन से अवैध निर्माण हटाना: उन्होंने चोपड़ा, इस्लामपुर, गोआलपोखर और चाकुलिया में चाय बागानों की कथित तौर पर कब्जाई गई जमीनों और सरकारी जमीनों से अवैध निर्माण हटाने का भी निर्देश दिया। [1]
4. प्रशासनिक समीक्षा और सरकारी योजनाएं
कर्णजोड़ा अডিটोरियम में हुई प्रशासनिक बैठक में मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन (जिलाशासक और पुलिस अधीक्षक) के साथ आवास योजना, जल जीवन मिशन और 125 दिनों के कार्य रोजगार जैसे सरकारी विकास परियोजनाओं की समीक्षा की और इनके क्रियान्वयन में तेजी लाने का निर्देश दिया।
इस प्रशासनिक बैठक की एक खास बात यह रही कि इसमें सत्तापक्ष और विपक्ष के सभी विधायकों को समान मर्यादा के साथ आमंत्रित किया गया था। शुभेंदु अधिकारी ने यह भी घोषणा की कि वह कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की जमीनी हकीकत जानने के लिए अपनी अगली समीक्षा बैठक विशेष रूप से चोपड़ा-इस्लामपुर क्षेत्र में करेंगे।
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