- डेटा सेंटर और AI क्लाउड सर्विसेज, इंटरनेशनल केबल लैंडिंग स्टेशन (दीघा में)
- कोयला गैसीफिकेशन (कोयला परियोजना),फूड पार्क (उत्तर बंगाल में) होगा तैयार
- सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर,मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल में करेंगे निवेश
अशोक झा/ कोलकाता: रिलायंस इंडस्ट्रीज के वरिष्ठ अधिकारियों के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और मुख्य सचिव के साथ नबन्ना (राज्य सचिवालय) में एक महत्वपूर्ण बैठक की है। अदानी के बाद अब मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस ने भी पश्चिम बंगाल में निवेश करने का वादा किया है। कोलकाता में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल के साथ रिलायंस इंडस्ट्री की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें बंगाल में एक न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा उन्होंने होटल, एक मॉडर्न डेटा सेंटर और कोयला गैसीफिकेशन यूनिट विकसित करने का भी प्रस्ताव दिया है। एक अनुमान है कि इस पावर प्लांट से छह से सात साल की अवधि में लगभग 2 लाख करोड़ का निवेश आ सकता है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, रिलायंस ने पूर्वी मिदनापुर में कोंटाई के पास हरिपुर गांव में प्लांट लगाने का सुझाव दिया था। इसी जगह पर 15 साल पहले न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCIL) की 1000 मेगावाट के प्रोजेक्ट की योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। NPCIL ने रूस के साथ तकनीकी सहयोग से इस यूनिट का प्रस्ताव दिया था। अगस्त 2011 में तत्कालीन तृणमूल सरकार ने इसे रद्द कर दिया क्योंकि स्थानीय मछुआरों और ग्रामीणों ने इसका विरोध किया था। वे 2009 में प्रोजेक्ट को अंतिम मंजूरी मिलने से कम से कम तीन साल पहले से ही विरोध कर रहे थे। दो (2) लाख करोड़ का होगा निवेश: एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "रिलायंस इंडस्ट्री के शीर्ष अधिकारियों की टीम ने बुधवार को चीफ सेक्रेटरी के साथ दो घंटे की बैठक की। इसके बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ बैठक हुई। टीम के प्रस्तावों में न्यूक्लियर पावर प्लांट सबसे महत्वपूर्ण था क्योंकि इससे भारी निवेश आएगा। शायद लगभग 2 लाख करोड़ का।" 200 एकड़ का प्लाट: अधिकारी ने कहा कि हरिपुर में NPCIL द्वारा स्वीकृत 2000 एकड़ का प्लॉट उपलब्ध है। इसका मतलब है कि प्रोजेक्ट रद्द होने से पहले NPCIL ने सभी जरूरी सर्वे जैसे कि भूकंपीय और भू-तकनीकी, जल-विज्ञान और समुद्र-विज्ञान, मौसम-विज्ञान, जनसांख्यिकीय और पर्यावरणीय सर्वे पूरे कर लिए थे। अधिकारी ने कहा, "अब अगर कोई उस प्लॉट पर न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाना चाहता है तो नए प्लॉट की तुलना में उन्हें मंजूरी मिलना आसान होगा।" अधिकारी ने कहा, "राज्य सरकार इस प्रस्ताव को लेकर बहुत लचीला रुख अपना रही है क्योंकि वह एक बड़े संभावित निवेश को हाथ से जाने नहीं देना चाहती है।"
कभी शुभेंदु अधिकारी ने किया था विरोध: मनमोहन सिंह सरकार ने तत्कालीन मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य के अनुरोध पर NPCIL प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया था। शुभेंदु और उनके पिता शिशिर अधिकारी ने इसका विरोध किया था। खेती और मछली पकड़ने के काम पर खतरे की आशंका के चलते करीब 50 गांवों के लोग तृणमूल के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों में शामिल हुए थे।इन शहरों में होटल का प्रस्ताव
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बंगाल के अलग-अलग हिस्सों जैसे कि कलकत्ता, पहाड़ी इलाकों और सुंदरबन में होटल बनाने का प्रस्ताव भी दिया है। एक अन्य अधिकारी ने कहा, "उत्तरी बंगाल और सुंदरबन में बेहतरीन क्वालिटी के होटल खास तरह के टूरिज्म को बढ़ावा देंगे।" डेटा सेंटर पर भी काम: सूत्रों के मुताबिक, रिलायंस ने अपने प्रस्तावित डेटा सेंटर का एक हिस्सा अगले तीन महीनों के भीतर विकसित करने का वादा किया है। एक सूत्र ने बताया, "रिलायंस ने सरकार को भरोसा दिलाया है कि न्यू टाउन में उसे आवंटित 40 एकड़ जमीन में से 15 एकड़ पर काम तीन महीनों में पूरा कर लिया जाएगा। डेटा सेंटर का काम अगले साल जून तक पूरा हो जाएगा।
" क्या होता है कोल गैसीफिकेशन?: रिलायंस ने कोल गैसीफिकेशन में निवेश करने में भी दिलचस्पी दिखाई है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके जरिए जमीन के नीचे मौजूद कोयले को भाप और ऑक्सीडेंट डालकर और उसमें आग लगाकर इस्तेमाल लायक गैस में बदला जाता है। इससे बनने वाली गैसों में मीथेन, हाइड्रोजन, कार्बन मोनोऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड जैसी कीमती गैसें शामिल होती हैं। इनका इस्तेमाल ईंधन, फर्टिलाइजर और विस्फोटक बनाने के लिए केमिकल फीडस्टॉक के तौर पर किया जा सकता है।
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