- जल्दी घर छोड़ो.', भूटान में ग्लेशियर झील फटते ही बंगाल-असम में हड़कंप, देखिए कहां-कहां बाढ़ का खतरा
सांसद से लेकर बंगाल के मंत्रियों की उड़ी हुई है नींद लोगों को कर रहे अलर्ट
अशोक झा/ सिलीगुड़ी: पहाड़ों में एक बार फिर से ग्लेशियर वाली आफत उठी है, जो भारत के लिए भी खतरे की घंटी बनी हुई है। दरअसल नेपाल में जो जलप्रलय थोड़े दिन पहले दिखा था, वही दृश्य भूटान में भी देखने को मिल रहा है। बड़ी ग्लेशियल जीत फूटने की वजह से नदियां उग्र हो गई हैं और बॉर्डर वाले जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।पूर्वोत्तर भारत के सीमावर्ती इलाकों और पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों में एक बार फिर डर और अनिश्चितता का माहौल पैदा हो गया है. भूटान की पहाड़ियों में एक हिमनद झील के फटने या उसमें अचानक अत्यधिक जलस्तर बढ़ने की खबर ने भारत के निचले इलाकों में प्रशासन की नींद उड़ा दी है। भूटान में गुरुवार रात एक ग्लेशियर झील फटने से पश्चिम बंगाल और असम के सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। भूटान के लेमथांग इलाके में स्थित शितांफू ग्लेशियर झील से पानी निकलने के बाद संकोश नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है। स्थिति को देखते हुए पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार और असम के धुबरी जिले में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। ग्लेशियर झील फटने की घटना गुरुवार रात करीब 8:15 बजे हुई। इसके बाद पानी तेजी से मोफू नदी के रास्ते संकोश नदी की ओर बढ़ने लगा। रात में ही पानी के तक्तसिमाखांग इलाके तक पहुंचने की सूचना मिली। अंधेरा होने के कारण पानी की वास्तविक मात्रा और संभावित नुकसान का आकलन नहीं किया जा सका।
अलीपुरद्वार में 15 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा: बाढ़ की आशंका को देखते हुए अलीपुरद्वार जिले में संकोश नदी के किनारे स्थित भलका-1, भलका-2, चेंगमारी और लैंड ग्राम पंचायतों के करीब 15 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। तक्तसिमाखांग परियोजना कार्यालय और गासा छाचू में तैनात सेना के जवानों को भी सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचना देने को कहा गया है। सभी ग्राम पंचायतों और संबंधित अधिकारियों को लगातार हालात पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।भूटान से पानी छोड़े जाने की खबर के बाद उत्तरी बंगाल के अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग समेत कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया है।
संकोश नदी और उसकी सहायक नदियों के आसपास के इलाकों में सायरन बजाकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है।
डिजास्टर मैनेजमेंट, NDRF और SDRF की टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है।दार्जिलिंग से बीजेपी सांसद राजू बिस्टा ने वीडियो जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
वहीं, पश्चिम बंगाल के मंत्री निशिथ प्रमाणिक और वन मंत्री मनोज कुमार ओरांव ने भी नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। 6 से 8 घंटे में भारत पहुंच सकता था बाढ़ का पानी: भारत की ओर से जारी विशेष एडवाइजरी में बताया गया था कि पुनात्सांगछू नदी के ऊपरी क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ के कारण पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार और असम के धुबरी जिले में जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। एडवाइजरी में आशंका जताई गई थी कि बाढ़ का पानी घटना के 6 से 8 घंटे के भीतर भारत-भूटान सीमा तक पहुंच सकता है। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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