- अब नहीं कर सकेंगे मां को स्पर्श, मोबाइल भी काउंटर में करना होगा जमा
-6 नवंबर को होगा नए मंदिर का विधिवत उद्घाटन, पूजा की तैयारी शुरू
अशोक झा/ कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले स्थित प्रसिद्ध तारापीठ मंदिर में मां तारा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अब श्रद्धालु मां तारा को स्पर्श नहीं कर सकेंगे और न ही पहले की तरह उन्हें छूकर साड़ी पहना सकेंगे। मंदिर के अंदर मोबाइल फोन ले जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। मोबाइल लेकर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को निर्धारित काउंटर पर 100 रुपये देकर फोन जमा करना होगा। मंदिर कमेटी ने श्रद्धालुओं से नए नियमों का पालन करने की अपील की है।
साड़ी-माला चढ़ाने के लिए तय व्यवस्था: मंदिर कमेटी के सचिव पुलक चट्टोपाध्याय ने बताया कि मां तारा को साड़ी और माला अर्पित करने के लिए निर्धारित रेलिंग के भीतर से ही प्रक्रिया पूरी करनी होगी। श्रद्धालु मां तारा को सीधे स्पर्श नहीं कर सकेंगे। दर्शन के बाद चरण प्रणाम के लिए निर्धारित चरण घर में जाना होगा। इसके अलावा मंदिर के अंदर आलता खोलने, नारियल फोड़ने और कारण की बोतल खोलने पर भी प्रतिबंध रहेगा। मंदिर प्रबंधन का उद्देश्य पूजा और दर्शन की व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखना है।
6 नवंबर को होगा नए मंदिर का उद्घाटन:
मां तारा के नवनिर्मित मंदिर का औपचारिक उद्घाटन 6 नवंबर 2026 को 'महाशक्ति संगम' के तहत किया जाएगा। तारा माता सेवायत संघ, जगन्नाथ राय परिवार और मल्लारपुर रायबाड़ी के संयुक्त प्रयास से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं। मंदिर कमेटी के सचिव पुलक चट्टोपाध्याय के अनुसार, चतुर्दशी के दिन मां तारा को विश्राम मंच से मुख्य गर्भगृह में प्रवेश कराने की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी थी। हालांकि, अपरिहार्य कारणों से उद्घाटन समारोह की शेष औपचारिकताएं उस दिन पूरी नहीं हो सकीं। अब 6 नवंबर को विधिवत उद्घाटन समारोह आयोजित किया जाएगा।
विश्व शांति और जनकल्याण के लिए होगा महायज्ञ:
'महाशक्ति संगम' के दौरान विश्व शांति, सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना से विशेष महायज्ञ किया जाएगा। इसके साथ ही भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।कार्यक्रम में ओडिशा के मुख्य पुरोहित, कार्तिक महाराज सहित कई संतों और विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की संभावना है। विधायक अग्निमित्रा पाल, कृषि मंत्री दूधकुमार मंडल, उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय और बीरभूम जिले के भाजपा विधायकों को भी आमंत्रित किए जाने की जानकारी दी गयी है।
श्रद्धालुओं से नए नियमों का पालन करने की अपील:
मंदिर कमेटी ने श्रद्धालुओं से तारापीठ पहुंचने से पहले दर्शन संबंधी नए नियमों की जानकारी लेने की अपील की है। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को मोबाइल फोन निर्धारित काउंटर पर जमा करना होगा। साथ ही मां तारा को स्पर्श करने से बचना होगा और साड़ी-माला अर्पित करने के लिए तय व्यवस्था का पालन करना होगा। मंदिर परिसर में प्रतिबंधित गतिविधियों से दूर रहकर श्रद्धालु निर्धारित नियमों के अनुसार मां तारा के दर्शन कर सकेंगे।
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