अशोक झा/ कोलकाता : बंगाल के नॉर्थ कोलकाता स्थित चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार को मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, 25 लोग घायल हुए हैं। सभी का इलाज जारी है। राज कुमार सेवड़ा उर्फ राजा (48 वर्ष): चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा उत्सव समिति के सचिव।शांतनु दुबे (55 वर्ष): पूजा समिति के उपाध्यक्ष, बिप्लब मुखर्जी उर्फ जॉय (48 वर्ष): पंडाल के बांस के ढांचे के निर्माण से जुड़े व्यक्ति, कौशिक साहा (53 वर्ष): भीड़ प्रबंधन और वीआईपी पास की जांच की जिम्मेदारी से जुड़े,पिंटू डे (51 वर्ष): भीड़ प्रबंधन में शामिल,सुमन चक्रवर्ती (30 वर्ष): निजी सुरक्षा पर्यवेक्षक, राजेश पाल (29 वर्ष): निजी सुरक्षा पर्यवेक्षक है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 110 और 3(5) के तहत स्वतः संज्ञान लेकर मामला दर्ज किया है। घटना के बाद पूछताछ के लिए 14 लोगों को हिरासत में लिए जाने की भी जानकारी दी गई थी।मृतकों में 13 महिलाएं, बच्चे और दूसरे राज्यों से आए श्रद्धालु। कोलकाता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की ओर से जारी पहचान संबंधी जानकारी के मुताबिक, मृतकों में 13 महिलाएं, पांच पुरुष और एक सात वर्षीय बच्चा शामिल हैं। मृतकों में कोलकाता और आसपास के जिलों के लोगों के अलावा पड़ोसी राज्य बिहार से आए पिता-पुत्र भी शामिल हैं। पीएम मोदी से लेकर राज्य के मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री ने शोक जताया है।साथ ही प्रभावित परिवार और लोगों के लिए मुआवजा राशि का ऐलान किया है।पश्चिम बंगाल सरकार ने रविवार को कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को संभालने के लिए नौ ऐसे आईपीएस अधिकारियों को तैनात करने का फैसला किया, जिन्हें दुर्गा पूजा के दौरान भीड़ प्रबंधन का अनुभव है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के नौ अधिकारियों – महानिरीक्षक (सीमा) सुमनजीत राय, खुफिया ब्यूरो (आईबी) के महानिरीक्षक (आईजी) महमूद अख्तर, यातायात के आईजी मिराज खालिद, विशेष कार्यबल (एसटीएफ) के उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) रूपेश कुमार, यातायात के डीआईजी शुभंकर भट्टाचार्य, अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के डीआईजी तरुण हलदर, प्रवर्तन शाखा (ईबी) के वरिष्ठ अधीक्षक (एसएस) सौम्य राय, यातायात के पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रियब्रत राय और सीआईडी के एसएस दीपक सरकार को त्योहार के दौरान भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सात आरोपियों की कोर्ट में पेशी: वहीं, इस मामले में रविवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सात लोगों को हिरासत में लेकर स्थानीय अदालत में पेश किया, जिन्हें 10 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। जिन लोगों को जेल भेजा गया है, उन्हें समिति के सचिव राजकुमार सेवदा, उपाध्यक्ष शांतनु दुबे, बिप्लब मुखर्जी, कौशिक साहा, पिंटू डे, सुमन चक्रवर्ती, राजेश पाल शामिल हैं।
वीआईपी गेट रखने पर बैन लगा सकती है सरकार:
इधर, घटना को लेकर गंभीर नजर आ रहे, राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि सरकार दुर्गा पूजा पंडालों में वीआईपी गेट को रखने की परंपरा को खत्म करने का आदेश दे सकती है. कई लोगों की जान चली गई। ऐसे में एंट्री गेट की जरूरत पर जोर देना जरूरी है. खासकर उन जगह पर जो काफी लोकप्रिय हैं और उनका बजट बड़ा है। इस तरह के पंडाल ही वीआईपी पंडाल को विशेष सुविधा देते है। इससे वह भीड़ से बच सके. इनके टिकट ज्यादा कीमत पर बेचे जाते हैं।
सिक्योरिटी रिव्यू कमिटी ने किया पूजा स्थलों का दौरा
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अधिकारी ने बताया है कि पश्चिम बंगाल के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों की सिक्योरिटी रिव्यू के लिए बनाई हाई लेवल कमिटी ने कोलकाता में कई सामुदायिक पूजा स्थलों का निरीक्षण किया है. भगदड़ के बाद इस कमिटी का गठन राज्य के मुख्यमंत्री ने किया था. इस समिति में आपदा प्रबंधन के सचिव राजेश कुमार सिंह, अग्निशमन सेवा के महानिदेशक अनुज शर्मा और एसटीएफ के महानिदेशक जावेद शमीम शामिल हैं
राज्य सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान: मुख्यमंत्री ने बताया कि 19 में 17 लोगों की मौत मौके पर ही हो गई थी. सभी मृतक के परिवार जनों को 25 लाख और प्रत्येक परिवार को एक सरकारी नौकरी का ऐलान किया गया है. वहीं घायलों के लिए 5 लाख के मुआवजे का ऐलान किया गया है. मुख्यमंत्री ने साथ ही कहा है कि वह कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को लेटर लिखकर फैक्ट फाइंडिंग कमिटी के गठन का अनुरोध करेंगे.
केंद्र भी देगा पीड़ित परिवारों को मुआवजा: कल देर शाम करीबन साढ़े सात बजे के आसपास कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में अचानक से भगदड़ मच गई। पंडाल का एक हिस्सा टूटकर गिर गया था. बारिश के कारण भीड़ पंडाल की तरफ बढ़ रही थी, तभी यह हादसा हुआ. इधर, केंद्र की तरफ से भी मृतकों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार के मुआवजे का ऐलान किया है।इधर, टीएमसी ने आरोप लगाया है कि भीड़ खराब मैनेजमेंट और पुलिस की अपर्याप्त मौजदूगी के कारण बढ़ी, जिससे भगदड़ मचने के बाद ये हादसा हो गया।
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