- कहा ज्ञानेश कुमार को हटाए बिना चुप नहीं बैठेंगे,मेरी जान भी जाए तो जाए
अशोक झा/ नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विपक्षी इंडिया गठबंधन की बुधवार को अहम बैठक हुई। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ममता बनर्जी का हमला और तेज हो गया है। बुधवार को दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक के बाद उन्होंने ज्ञानेश कुमार को 'डाकू' करार देते हुए तत्काल उनके इस्तीफे की मांग की। इसमें कांग्रेस के अलावा, सपा, टीएमसी, पीडीपी समेत तमाम विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। लगभग साढ़े तीन घंटे तक चली बैठक में अगले दो महीनों तक चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर बड़ी रैलियों के आयोजन पर फैसला लिया गया।ममता बनर्जी ने कहा कि अगर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने इस्तीफा नहीं दिया, तो विपक्षी दल 'वोट चोरी' के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे।
CEC पर हमला और सीधे इस्तीफे की मांग:संयुक्त प्रेस वार्ता में ममता बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार पर चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाये. उन्होंने सीईसी को 'चोर' और 'डाकू' तक कह डाला. ममता ने ज्ञानेश कुमार से तत्काल पद छोड़ने की मांग की. ये आरोप ममता के राजनीतिक दावे हैं, जिन्हें उन्होंने विपक्षी नेताओं की संयुक्त प्रेस वार्ता में रखा।
इस्तीफा नहीं तो करेंगे बड़ा आंदोलन : ममता
ममता बनर्जी ने कहा कि अगर मुख्य निर्वाचन आयुक्त इस्तीफा नहीं देते हैं, तो विपक्षी दल 'वोट चोरी' के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे. उन्होंने कहा कि विपक्ष मिलकर इस मुद्दे पर लड़ाई जारी रखेगा।INDIA की बैठक से सड़क तक आंदोलन की तैयारी: CEC के इस्तीफे की मांग पर विपक्षी दलों की बैठक ऐसे समय हुई, जब INDIA गठबंधन चुनाव आयोग के खिलाफ साझा कार्यक्रम तैयार कर रहा है. खबर है कि बैठक में एसआईआर और चुनावी प्रक्रिया को लेकर संयुक्त आंदोलन की रणनीति पर चर्चा हुई।आंदोलन की ऐसी है रूपरेखा
विपक्षी गठबंधन 2 से 8 अक्टूबर के बीच जिला स्तर पर 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च निकालेगा। विपक्षी सांसद 6 अक्टूबर को निर्वाचन आयोग तक मार्च निकालेंगे। 6 अक्टूबर को ही पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर में उपचुनाव है।अक्टूबर में राष्ट्रपति से मिलने की तैयारी: विपक्षी दलों ने अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए समय मांगने का भी फैसला किया है. इस तरह CEC के खिलाफ उठाये जा रहे सवालों को सड़क से लेकर संवैधानिक संस्थाओं तक ले जाने की रणनीति सामने आयी है।
ममता ने चुनावी प्रक्रिया पर लगाये गंभीर आरोप:ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में लोगों के वोट के साथ छेड़छाड़ की गयी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद ईवीएम जलाकर सबूत नष्ट करने की कोशिश करने के भी आरोप टीएमसी सुप्रीमो ने लगाये। चुनाव आयोग ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है और अपनी प्रक्रियाओं को कानूनी बताया है।'वोट चोरी' को विपक्षी आंदोलन का मुद्दा बनाने की कोशिश
ममता बनर्जी ने अपने आरोपों को 'वोट चोरी' के मुद्दे से जोड़ा और कहा कि विपक्ष इस लड़ाई को मिलकर आगे बढ़ायेगा. इससे स्पष्ट है कि उनके बयान का केंद्र सिर्फ व्यक्तिगत रूप से CEC पर हमला नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की साझा राजनीतिक मुहिम। ममता इससे पहले भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर चुकी हैं। सितंबर में उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर CEC पर निशाना साधा था। ममता दी ने कहा था कि विरोध प्रदर्शन उनके इस्तीफा देने तक जारी रहेगा।
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