- अस्पताल में क्यों दर्ज हुआ मेडिको-लीगल केस?,घर पर अचानक बिगड़ी नाना पाटेकर तबीयत, अस्पताल की टीम पहुंची तो बेहोश मिले
अशोक झा / मुंबई: भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 08 अक्तूबर की सुबह निधन हो गया है। 75 वर्ष की उम्र में दिल का कार्डियक अरेस्ट से सुबह 5:20 बजे उनका निधन हो गया।
नाना पाटेकर अपने गोवा स्थित घर में बेहोश मिले थे। जिसके बाद उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषत कर दिया। इस मामले में अस्पताल की ओर से मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है।
मौत की सही परिस्थितियों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम किया जाएगा। नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने पिता के निधन की पुष्टि की है। मल्हार पाटेकर ने कहा है कि फिलहाल उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि उनके पिता के साथ आखिरी पलों में हुआ क्या। उन्हें गोवा पहुंचकर सारी जानकारी लेंगे।
घर पर अचानक बिगड़ी नाना पाटेकर तबीयत, अस्पताल की टीम पहुंची तो बेहोश मिले: नाना पाटेकर को सुबह अचानक सीने में तेज दर्द हुआ था। परिवार की सूचना के बाद मेडिकल टीम उनके घर पहुंची। उस वक्त वह बेहोश मिले। टीम ने मौके पर ही उन्हें कार्डियक मसाज देना शुरू किया और फिर डोना पाउला स्थित अस्पताल ले जाया गया।
गोवा मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग प्रमुख डॉ. शेखर सालकर ने बताया,"हमारी टीम ने लगातार 45 मिनट तक CPR देकर उन्हें होश में लाने की पूरी कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। आखिरकार सुबह 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित करना पड़ा।"
अस्पताल में क्यों दर्ज हुआ मेडिको-लीगल केस?
नाना पाटेकर की मौत के बाद मेडिको-लीगल केस यानी MLC दर्ज किया गया है। इसका मतलब यह नहीं है कि किसी पर सीधे तौर पर आरोप लगा है। MLC एक मेडिकल और कानूनी प्रक्रिया है, जिसके जरिए मौत की परिस्थितियों को आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है। नाना की मौत अचानक हुई और अस्पताल पहुंचने से पहले वह घर पर बेहोश मिले थे।ऐसे मामलों में डॉक्टर और प्रशासन मौत की वजह को मेडिकल तौर पर पक्का करने के लिए आगे की प्रक्रिया पूरी करते हैं। इसी वजह से पोस्टमॉर्टम भी कराया जाएगा। इससे मौत की मेडिकल वजह को रिकॉर्ड में दर्ज करने में मदद मिलेगी।
मेडिको लीगल केस (MLC) क्या होता है और यह क्यों जरूरी है?
मेडिको लीगल केस (MLC) का सीधा और आसान मतलब है, इलाज के साथ-साथ पुलिस या कानूनी जांच का मामला। जब भी कोई व्यक्ति किसी ऐसी स्थिति में अस्पताल पहुंचता है जहां किसी हादसे, अपराध या गड़बड़ी की आशंका होती है, तो डॉक्टर का फर्ज होता है कि वह मरीज का इलाज करने के साथ-साथ इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दे।
डॉक्टर या अस्पताल सड़क दुर्घटना (एक्सीडेंट), लड़ाई-झगड़ा, संदिग्ध मौत या बेहोशी, एक्सीडेंटल या संदिग्ध मौत, यौन अपराध और घरेलू हिंसा या पुलिस या कोर्ट की मांग की जैसे मामलों में MLC दर्ज करते हैं। MLC बनाने का मुख्य मकसद कानूनी प्रक्रिया को सही और पारदर्शी रखना है। इससे पुलिस को यह जानने में मदद मिलती है कि घटना के पीछे असली वजह क्या थी, कोई अपराध हुआ था या यह सिर्फ एक हादसा था, और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। डॉक्टर की बनाई रिपोर्ट अदालत में बहुत अहम सबूत का काम करती है।
कुछ दिनों पहले अपनी फिटनेस को लेकर भी चर्चा में थे नाना पाटेकर: निधन से कुछ ही समय पहले नाना पाटेकर अपनी शानदार फिटनेस को लेकर काफी चर्चा में थे। फोटोग्राफर और प्रोड्यूसर अतुल कसबेकर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर उनका एक वीडियो शेयर किया था। इसमें नाना लगातार 15 ट्राइसेप डिप्स करते नजर आए थे। उन्होंने बिना रुके एक्सरसाइज पूरी की और आखिर में मुस्कुराते भी दिखा। नाटा पाटेकर का 48 सालों का यादगार सफर: नाना पाटेकर ने 1978 की फिल्म 'गमन' से एक्टिंग करियर शुरू किया था। इसके बाद 'सिंहासन', 'अंकुश', 'प्रतिघात' और 'सलाम बॉम्बे!' जैसी फिल्मों से उनकी पहचान मजबूत हुई। विधु विनोद चोपड़ा की 'परिंदा' ने उन्हें बड़े स्तर पर पहचान दिलाई। नाना पाटेकर को तीन बार नेशनल फिल्म अवॉर्ड से नवाजा गया है। 'क्रांतिवीर', 'तिरंगा', 'खामोशी: द म्यूजिकल', 'अग्निसाक्षी', 'यशवंत', 'अपहरण', 'राजनीति', 'वेलकम' और 'वेलकम बैक' जैसी फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए। विलेन से लेकर गंभीर किरदार और कॉमेडी तक, नाना ने हर जोनर में अपनी अलग छाप छोड़ी। उन्हें अपने काम के लिए तीन नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिले थे। साल 2013 में उन्हें पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया।
एक्टिंग ही नहीं, सेना से भी रहा खास रिश्ता: नाना पाटेकर ने सिर्फ पर्दे पर सैनिक का किरदार नहीं निभाया था। फिल्म 'प्रहार: द फाइनल अटैक' के लिए उन्होंने आर्मी ट्रेनिंग ली थी। 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भी वह सेना के साथ मौजूद रहे थे। इसी फिल्म से उन्होंने निर्देशन में भी कदम रखा था।
हाल के वर्षों में भी वह एक्टिंग में सक्रिय रहे। 2024 में 'वनवास', 2025 में 'हाउसफुल 5' और 2026 में 'ओ' रोमियो' और 'सुबेदार' में नजर आए। प्रकाश झा की वेब सीरीज 'संकल्प' में उन्होंने केंद्रीय किरदार निभाया था। यानी आखिरी दौर तक नाना पाटेकर कैमरे के सामने सक्रिय रहे।
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