- अब तक 12 गिरफ्तार, SIT गठित कर जांच और 25 लाख मुआवजा प्रत्येक परिवार की सरकारी नौकरी
पीएम मोदी ने मांगी रिपोर्ट, अमित शाह का करेंगे पीड़ितों से मुलाकात
अशोक झा/ कोलकाता: महासप्तमी की पूर्व संध्या पर पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से बेहद दर्दनाक खबर सामने आई। यहां चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में दर्शन के दौरान अचानक भीषण भगदड़ मच गई. इस भयानक हादसे में कुचलने से मौतों का आंकड़ा बढ़कर 20 हो गया है। इनमें से 6 लोगों की पहचान हो गई है। जबकि 25 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों का इलाज मेडिकल कॉलेज अस्पताल, एनआरएस (NRS) और आरजी कर अस्पताल में चल रहा है. घटना के बाद पूरे राज्य में मातम छा गया है और उत्सव के सभी सरकारी कार्यक्रम तुरंत प्रभाव से स्थगित कर दिए गए हैं।
हादसे के बाद अस्पताल और पुलिस प्रशासन ने मृतकों की शिनाख्त की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रशासनिक बयानों के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वालों में ज्यादातर महिलाएं शामिल हैं। जिन मृतकों की पहचान हुई है उनका विवरण इस प्रकार है।श्रीपर्णा पोद्दार (27 वर्ष)- निवासी बैद्यबाती, आरती सरकार विश्वास- निवासी चकदाहा., प्रिया समद्दर- निवासी न्यू बैरकपुर,मिठू पाल- निवासी कुमारटुली, तानिया विश्वास- निवासी न्यूटाउन, शुभम सोनकर- निवासी चोरबागान (स्थानीय)।।‘माइक पर घोषणा से फैली अफरा-तफरी, गिर गया मंडप का हिस्सा’: प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों ने व्यवस्था और पुलिस प्रशासन पर संगीन सवाल उठाए हैं।मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि रात करीब 8:20 बजे एसीपी से मिली सूचना के अनुसार पंडाल में माइक पर की गई एक घोषणा के बाद अचानक भीड़ में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अंधेरे, हल्की बारिश और संकरे रास्ते के बीच मंडप का एक हिस्सा अचानक झुक कर गिर गया, जिससे जान बचाने के लिए भागे लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरते चले गए। 12 गिरफ्तार, SIT जांच और 25 लाख मुआवजा
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी, मुख्य सचिव और स्वास्थ्य मंत्री के साथ देर रात अस्पताल और घटनास्थल पहुंचे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर चोरबागान पूजा समिति के 5 मुख्य आयोजकों समेत कुल 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हादसे की निष्पक्ष जांच के लिए वर्तमान न्यायाधीश की अध्यक्षता में एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है। इसके अलावा एसटीएफ, फोरेंसिक और अग्निशमन विभाग को भी जांच में लगाया गया है। राज्य सरकार ने मृतकों के आश्रितों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को ‘ग्रुप-डी’ की सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है। घायलों को 5-5 लाख रुपये की मदद दी जाएगी और उनके इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी।
पीएम मोदी ने मांगी रिपोर्ट, अमित शाह का दौरा तय मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार भी स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के मुख्य सचिव से हादसे की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और राहत राशि की घोषणा की है। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर रविवार सुबह 11 बजे कोलकाता मेडिकल कॉलेज में भर्ती घायलों से मुलाकात करने का निर्णय लिया है।
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखेंगे सीएम, एसटीएफ व फॉरेंसिक करेंगे जांच हादसे की निष्पक्ष जांच के लिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी कोलकाता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर एक 'फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी' गठित करने की सिफारिश करेंगे। इस जांच टीम में एसटीएफ (STF) और फॉरेंसिक विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा।
पूर्व सीएम ममता बनर्जी पर साधा निशाना: हादसे पर राजनीति करने वालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि पीड़ित परिवारों ने सरकार पर पूरा विश्वास जताया है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर पलटवार करते हुए सवाल उठाया कि वर्ष 2025 में दुर्गा पूजा के दौरान बारिश के कारण करंट लगने (इलेक्ट्रोक्यूशन) से जब 13 लोगों की जान गई थी और उत्तर बंगाल में बाढ़ से 100 लोगों की मौत हुई थी, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री की क्या भूमिका थी।
सिलीगुड़ी में पूजा पंडालों की सुरक्षा सख्त:कोलकाता हादसे के बाद सिलीगुड़ी में दुर्गा पूजा आयोजकों ने सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्वयंसेवकों की संख्या बढ़ाई गई है, लाउडस्पीकर से लगातार घोषणाएं की जा रही हैं और पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है।
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