- स्वरा भास्कर के बयान पर भड़के धीरेंद्र शास्त्री, बोले- तुम क्या जानो जौहर क्या होता है, ये कायरता नहीं, है वीरता
- कहते है जिसके सिर पर बाबा बागेश्वर का हाथ, उसका क्या बिगाड़ पाएगा किसी का बाप
अशोक झा/ कोलकाता: बंगाल के हावड़ा में चल रही हनुमंत कथा के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने स्वरा भास्कर के जौहर संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया दी।
स्वरा भास्कर के जौहर वाले बयान पर बाबा बागेश्वर धाम पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पलटवार किया है। उन्होंने स्वरा भास्कर पर जमकर सुनाई है. इसको लेकर उन्होंने कहा कि अब एक तथाकथित खातून हैं…हमसे रोका नहीं जा रहा, हमारा पेट बार-बार गुड़-गुड़ कर रहा है।
उन्होंने जौहर को वीरता, समर्पण और सम्मान का प्रतीक बताया। कथा में नवरात्रि, संस्कृति और सामाजिक मुद्दों पर भी अपने विचार रखे। पश्चिम बंगाल के हावड़ा में चल रही हनुमंत कथा के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कथा के दौरान जौहर को लेकर अपनी राय रखते हुए कहा कि इसे कायरता नहीं, बल्कि वीरता, समर्पण और सम्मान से जुड़े भाव के रूप में देखा जाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने संस्कृति, परंपराओं और धर्म से जुड़े कई मुद्दों पर भी अपने विचार व्यक्त किए, जिनका वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। हनुमंत कथा में जौहर पर दी प्रतिक्रिया: हावड़ा के लिलुआ वर्कशॉप मैदान में आयोजित हनुमंत कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बिना नाम लिए अभिनेत्री स्वरा भास्कर के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें जौहर को लेकर टिप्पणी की गई थी. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने रानी पद्मावती और जौहर पर बयान देते हुए इसे कायरता बताया, जबकि उनकी नजर में जौहर वीरता और समर्पण का प्रतीक है।
'संस्कृति को समझे बिना टिप्पणी करना ठीक नहीं': कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जो लोग भारतीय संस्कृति और परंपराओं को नहीं समझते, वे जौहर के वास्तविक अर्थ को भी नहीं समझ सकते. उन्होंने कहा कि भले ही उनकी बात से कुछ लोगों को असहमति हो, लेकिन वे अपनी समझ के अनुसार सत्य कहने से पीछे नहीं हटेंगे।
नवरात्रि को लेकर भी की अपील
अपने संबोधन में धीरेंद्र शास्त्री ने पश्चिम बंगाल में आने वाले नवरात्रि पर्व का भी उल्लेख किया. उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि नवरात्रि के दौरान देवी प्रतिमाओं के आसपास मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री नहीं होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि समाज में सौहार्द और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत बनाए रखने की जरूरत है।'प्रतिमा में ही नहीं, प्रति मां में भी मां के दर्शन करें': कथा के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश देते हुए कहा कि नवरात्रि केवल पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि मातृशक्ति के सम्मान का भी अवसर है. उन्होंने कहा कि लोग प्रतिमा में मां के दर्शन करने के साथ-साथ प्रत्येक मां में भी उसी सम्मान और श्रद्धा का भाव देखें। बाबा बागेश्वर सरकार से मिलने के लिए उत्तर बंगाल से एसएस ग्रुप के निदेशक नारायण अग्रवाल और उनकी पत्नी सीमा अग्रवाल ने आशीर्वाद लिया।
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