- लगातार कटाव से ग्रामीणों में भय का माहौल, कल उत्तरबंग दौरे पर आयेंगे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी
अशोक झा/ सिलीगुड़ी: उत्तर बंगाल में तीस्ता ओर गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और भीषण कटाव ने उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, कलिंपोंग, जलपाईगुड़ी तथा मालदा जिले में चिंता बढ़ा दी है। रतुआ-1 ब्लॉक के महानंदाटोला इलाके के मुलीराम टोला में स्थित करीब 150 साल पुराना शिव मंदिर गंगा की तेज धारा और कटाव की चपेट में आकर नदी में समा गया।मंदिर के नदी में समाने का भयावह दृश्य सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। सोमवार सुबह से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने के साथ ही मालदा के मानिकचक इलाके में भूतनी क्षेत्र में नदी कटाव भी तेज हो गया है। पानी में पुल से जुड़े संपर्क बांध की सड़क डूब गई है, जिसके कारण भूतनी द्वीप का मानिकचक और मालदा के मुख्य भूभाग से सड़क संपर्क टूट गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और नदी के भयावह रूप को देखकर पहले से ही लोगों में दहशत थी। अब 150 वर्ष पुराने शिव मंदिर के नदी में समा जाने के बाद इलाके में कटाव और संभावित नुकसान को लेकर चिंता और बढ़ गई है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग की ओर से हालात पर नजर रखी जा रही है तथा वैकल्पिक बांध और सड़क बनाने की कोशिश शुरू कर दी गई है।इलाके में केंद्रीय बलों के साथ आपदा प्रबंधन टीम भी काम कर रही है। प्रशासनिक स्तर पर बालू, लकड़ी के लट्ठे, लोहे के खंभे और टूटे हुए ईंट-पत्थरों की मदद से अस्थायी रास्ता बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है।।बताया जा रहा है कि करीब 100 मीटर लंबी नई सड़क तैयार करने की योजना है, जिसके बनने के बाद भूतनी द्वीप तक पहुंचना संभव हो सकेगा। हालांकि, प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार इस रास्ते को तैयार करने में कम से कम दो से तीन दिन लग सकते हैं।।गंगा के बढ़ते कटाव के कारण मानिकचक के भूतनी दियारा इलाके के पश्चिम रतनपुर स्थित एकमात्र प्राथमिक विद्यालय के भी नदी में समा जाने का खतरा पैदा हो गया है। वर्ष 1968 में स्थापित इस विद्यालय के आसपास कटाव लगातार बढ़ रहा है।स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि गंगा का कटाव इसी तरह जारी रहा तो विद्यालय भी जल्द नदी की चपेट में आ सकता है। बताया गया है कि गत मंगलवार को भाजपा विधायक गौरचंद्र मंडल ने सिंचाई विभाग और ब्लॉक प्रशासन के अधिकारियों के साथ प्रभावित इलाके का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया था। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर और तेज कटाव ने मालदा के नदी तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है और प्रशासन के सामने प्रभावित क्षेत्रों को बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।कमोवेश यही स्थिति सिक्किम से सटे कलिंगपोंग जिला का भी है। प्रशासन की ओर से अलर्ट किया गया है। लोगों में डर का माहौल है। बंगाल के सीएम कल यानी 8 सितंबर को एक दिवसीय दौरे पर उत्तरबंग आ रहे है। एडमिनिस्ट्रेटिव सूत्रों के मुताबिक, बागडोगरा एयरपोर्ट पर उतरने के बाद मुख्यमंत्री सीधे कलिम्पोंग के लिए निकलेंगे। वहां उनका एक खास एडमिनिस्ट्रेटिव मीटिंग में हिस्सा लेने का प्लान है।एडमिनिस्ट्रेटिव सूत्रों के मुताबिक, कलिम्पोंग में करीब एक घंटे की मीटिंग में पहाड़ों के अलग-अलग एडमिनिस्ट्रेटिव और डेवलपमेंट से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री सिलीगुड़ी लौट जाएंगे।इसके बाद, शुभेंदु अधिकारी सिलीगुड़ी के उत्तरकन्या में अधिकारियों के साथ एक और ज़रूरी एडमिनिस्ट्रेटिव मीटिंग करेंगे। खबर है कि मीटिंग में नॉर्थ बंगाल की पूरी एडमिनिस्ट्रेटिव स्थिति,अलग-अलग डेवलपमेंट के काम और कानून-व्यवस्था पर बात हो सकती है।हालांकि, इस दौरे में नॉर्थ बंगाल में हाल ही में आई बाढ़ की स्थिति खास हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री अलग-अलग इलाकों में नदी के बढ़ते पानी, डूबे हुए इलाकों और संभावित आपदाओं से निपटने के लिए एडमिनिस्ट्रेशन की तैयारियों पर अधिकारियों से डिटेल्ड रिपोर्ट ले सकते हैं। ज़रूरत के हिसाब से बचाव और राहत के उपायों को और मज़बूत करने के निर्देश भी दिए जा सकते हैं।मुख्यमंत्री उत्तरकन्या मीटिंग खत्म करने के बाद मंगलवार को कोलकाता के लिए रवाना होंगी। हालांकि नॉर्थ बंगाल का यह दौरा छोटा है, लेकिन संबंधित विभागों के मुताबिक, उम्मीद है कि एडमिनिस्ट्रेटिव साइड से कई ज़रूरी फैसले और निर्देश लिए जाएंगे।
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