- विद्यार्थी परिषद समर्थकों पर हमला का आरोप,निकाली गई रैली
अशोक झा/कोलकाता: बंगाल की राजधानी कोलकाता की जादवपुर यूनिवर्सिटी में बुधवार देर रात को भारी बवाल हुआ। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। यूनिवर्सिटी के सूत्रों के अनुसार, मारपीट की यह घटना फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी स्टूडेंट्स यूनियन की जनरल बॉडी की बैठक को लेकर हुई। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि उसके कई समर्थक इस घटना में घायल हुए हैं। गुरुवार को कैंपस में पुलिस मौजूद रही और जादवपुर यूनिवर्सिटी में हालात सामान्य रहे। यूनिवर्सिटी में दोनों गुटों का विरोध- प्रदर्शन: झड़प में घायल हुए कुछ छात्रों का इलाज केपीसी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में चल रहा है। गुरुवार सुबह जादवपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक और अभिनेत्री से नेता बनीं सरबोरी मुखर्जी अस्पताल पहुंचीं और भर्ती छात्रों का हेल्थ अपडेट ली। घटना को लेकर दोनों प्रतिद्वंद्वी समूहों ने जादवपुर थाने में एक-दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। साथ ही दोनों छात्र संगठनों ने गुरुवार को कैंपस के अंदर बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान भी किया है। बताया जा रहा है कि बुधवार शाम को इंजीनियरिंग विभाग के छात्रों की आम सभा चल रही थी। वहीं एबीवीपी और एफईटीएसयू के नियंत्रण वाली डीएसएफ के बीच झड़प हो गई।बाद में एसएफआई भी इस झड़प में शामिल हो गई. स्थिति बेकाबू हो गई. उसी रात एबीवीपी के निखिल दास पर हमले का आरोप लगा. कई लोग घायल हो गए।
अरविंद भवन में खुद को बंद किये छात्र
देर रात कथित तौर पर बाहरी लोगों का एक और समूह विश्वविद्यालय परिसर में घुस गया। जब संघर्ष की स्थिति दोबारा उत्पन्न हुई, तो वामपंथी छात्रों ने विश्वविद्यालय के अरविंद भवन में खुद को बंद कर लिया। खबर मिलते ही शरवरी घायल छात्रों को देखने के लिए केपीसी मेडिकल गईं। शरवरी ने कहा-अगर एसएफआई महासचिव सृजन भट्टाचार्य एक घंटे के भीतर पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो उसके छिपने की जगह से घसीट कर बाहर निकाल लाऊंगी।
ABVP पर तोड़फोड़ का आरोप: दूसरी ओर, सृजन ने विद्यार्थी वोट की चुनौती को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा- शुरुआत में, विद्यार्थियों की चर्चाओं के बीच एसएफआई का कोई नामोनिशान नहीं था। बाद में, मैंने सुना कि भाजपा तोड़फोड़ कर रही है। आप इतना क्यों डर रहे हैं। अगर आपको जादवपुर पसंद नहीं है, तो विद्यार्थियों को अपना वोट घोषित करने दीजिए।उन्हें एसएफआई के साथ चुनाव लड़ने दीजिए।
एबीवीपी की केंद्रीय कार्य समिति के सदस्य सुभाब्रत अधिकारी ने कहा कि उनके पदाधिकारियों पर हमला सिर्फ एसएफआई कार्यकर्ताओं ने नहीं किया, बल्कि अन्य वामपंथी छात्र समूहों के छात्र भी इसमें शामिल थे। दूसरी ओर एसएफआई के महासचिव सृजन भट्टाचार्य ने कहा कि इस पूरे झगड़े में एसएफआई कहीं नहीं थी। उन्होंने सवाल किया कि मैंने सुना है कि एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने स्थानीय भाजपा सहयोगियों की मदद से कैंपस में तोड़फोड़ की। एबीवीपी चुनाव का सामना करने और लोकतांत्रिक तरीके से जेयू में छात्र संगठन पर कब्जा करने से इतना क्यों डर रही है?
कैंपस पढ़ाई के लिए है, तोड़फोड़ बर्दाश्त नहीं: कुलपति
जादवपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर चिरंजीब भट्टाचार्य ने इस घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा, "इस कैंपस में छात्रों को अलग-अलग राजनीतिक विचार रखने की आजादी है लेकिन यह पढ़ाई की जगह है। तोड़फोड़ को बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जा सकता। जादवपुर यूनिवर्सिटी हाल ही में गलत वजहों से खबरों में रही है। हमारी पहचान रिसर्च के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए होनी चाहिए।" कुलपति ने कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन इस मामले में लगातार पुलिस के संपर्क में है। भट्टाचार्य ने बताया कि अदालत ने कैंपस में सीसीटीवी कैमरे लगाने और 24 घंटे पुलिस के मौजूद रहने का निर्देश दिया था लेकिन यूनिवर्सिटी की ओर से कैंपस के अंदर पुलिस की तैनाती का विरोध किया गया था। कुलपति ने कहा कि किसने गड़बड़ शुरू की, किसने उकसाया, यह सब जांच में पता चल जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों और परिसर की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है और अगर पुलिस चौकी की जरूरत पड़ी तो यह भी बनाई जाएगी।
दुनियाभर के घुमक्कड़ पत्रकारों का एक मंच है,आप विश्व की तमाम घटनाओं को कवरेज करने वाले खबरनवीसों के अनुभव को पढ़ सकेंगे
https://www.roamingjournalist.com/