साल 2017 से 2022 तक पश्चिम बंगाल की सरकार पर सीएजी ने अनियमितता का किया खुलासा
अशोक झा/ कोलकाता: सीएजी ने ममता बनर्जी सरकार के वक्त राज्य के तमाम आदिवासियों को पूरा मुआवजा न मिलने की ओर अपनी रिपोर्ट में अंगुली उठाई है। भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक यानी सीएजी केंद्र और हर राज्य की सरकार के आय और व्यय का ऑडिट करते हैं। सीएजी की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2017 से 2022 तक पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार के दौरान आदिवासियों को उनकी जमीन लिए जाने के बदले पर्याप्त मुआवजा नहीं दिया गया। सीएजी रिपोर्ट में आदिवासियों के पुनर्वास में भी गंभीर खामी बताई गई है। सीएजी ने आदिवासियों से ली गई जमीन के 66 मामलों की जांच की। ये ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के परबेलिया, सालानपुर, श्रीपुर और कुनुस्तोरिया के अलावा भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के बराकर इलाके में हैं। सीएजी रिपोर्ट में कहा गया है कि आदिवासियों की जमीनों का बाजार मूल्य 17.79 करोड़ रुपए आंका गया, लेकिन ईस्टर्न कोलफील्ड्स और भारत कोकिंग कोल ने 2.55 करोड़ ही भुगतान किया।सीएजी ने रिपोर्ट में कहा कि जमीन के अधिग्रहण, आदिवासियों के पुनर्वास और फिर से उनको बसने के लिए जरूरी प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार एक्ट 2013 के तहत 100 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा भी नहीं दिया गया। जिससे आदिवासियों को और 17.80 करोड़ का नुकसान हुआ। सीएजी ने जांच में पाया कि आदिवासियों को 1 एकड़ जमीन के बदले 2.50 लाख से 12.63 लाख रुपए दिए गए। जबकि, सरकार को इसी इलाके में हर एकड़ जमीन के लिए 19.77 लाख से 1.25 करोड़ रुपए का भुगतान ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ने किया। सीएजी ने कहा है कि जिला प्रशासन आदिवासियों को उनकी जमीन का उचित बाजार मूल्य दिलाने में नाकाम रहा। ईस्टर्न कोलफील्ड्स ने कहा कि जमीन प्रत्यक्ष खरीद से ली गई। इस वजह से कलेक्टर की भागीदारी जरूरी नहीं थी। वहीं, भारत कोकिंग कोल लिमिटेड ने कहा कि उसने जमीन के मालिकों से आपसी सहमति के आधार पर मुआवजा तय किया था। सीएजी ने दोनों की दलील खारिज कर दी। पश्चिम बंगाल में टीएमसी के 15 साल के शासन के अंत के साथ ही पार्टी सुप्रीमो और पूर्व सीएम ममता बनर्जी के लिए दिक्कतें पैदा होनी शुरू हुईं। पहले उनके 20 सांसद और 64 विधायकों ने अलग गुट बना लिया। राज्यसभा के 4 सांसदों ने भी इस्तीफा दे दिया और इनमें से 3 बीजेपी के टिकट पर जीतकर फिर राज्यसभा पहुंच गए। इसके अलावा ममता और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी पर कई केस हुए हैं।
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