- इसी बीच रॉ चीफ और तारिक रहमान के सलाहकार की मुलाकात क्यों?
भारत के दुश्मन देशों की उड़ी हुई है नींद, क्या भारत पर्दे के पीछे खेल रहा है कोई खेल
बांग्लादेश बोर्डर से अशोक झा: पड़ोसी राष्ट्रबांग्लादेश में 20 अगस्त को राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं। देश के शीर्ष संवैधानिक पद पर 35 साल में पहली बार “बैलट बैटल” देखने को मिलेगा। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना वतन वापसी की घोषणा कर चुकी है। बोर्डर पर घुसपैठियों की वापसी को लेकर तनाव का माहौल है। इस सब के बीच रॉ चीफ और तारिक रहमान के सलाहकार की मुलाकात क्यों? पर्दे के पीछे का खेल समझिए। बांग्लादेश में चुनाव राष्ट्रपति के बिना किसी विरोध के चुने जाने के लंबे समय से चले आ रहे रिवाज में आया एक बड़ा बदलाव है, जो 1991 से जारी है। बांग्लादेश चुनाव आयोग शेड्यूल के मुताबिक, राष्ट्रपति चुनाव 20 अगस्त को नेशनल पार्लियामेंट बिल्डिंग के सेशन चैंबर में होगा। अगर एक से ज्यादा उम्मीदवार इस दौड़ में शामिल होते हैं तो संसद सदस्य गुप्त मतदान करेंगे। 24 जुलाई को बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के इस्तीफे के बाद, राष्ट्रीय संसद के अध्यक्ष हाफिज उद्दीन अहमद फिलहाल, देश के कार्यवाहक राष्ट्रपति का कार्यभार संभाल रहे हैं। बांग्लादेशी अखबार ढाका ट्रिब्यून ने संविधान के हवाले से बताया कि, पद खाली होने के 90 दिनों के अंदर नए राष्ट्रपति का चुनाव होना जरूरी होता है। इसी बीच भारत की रिसर्च एंड एनालिसिस विंग के प्रमुख पराग जैन ने ढाका में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के रक्षा मामलों के सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. एकेएम शम्सुल इस्लाम से मुलाकात की है। यह मुलाकात ऐसे वक्त में हुई है, जब शेख हसीना को लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच तकरार जारी है। भारत-बांग्लादेश के रिश्तों में उतार-चढ़ाव का दौर है। दोनों देशों के बीच शेख हसीना को लेकर भी मनमुटाव है। इस बीच रॉ चीफ पराग जैन ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के रक्षा मामलों के सलाहकार से मुलाकात की है। जी हां, भारत की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के चार सीनियर अधिकारियों की एक टीम ने सोमवार को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के रक्षा मामलों के सलाहकार डॉ. एकेएम शम्सुल इस्लाम से मुलाकात की. इस चार सदस्यीय टीम का नेतृत्व रॉ यानी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग के प्रमुख पराग जैन ने किया. भारतीय प्रतिनिधिमंडल में अश्विन मुकुंद कोटनिस, राहुल नेगी और शैबल रॉय चौधरी शामिल थे। हमें इसके पहले ढाका में इस भारतीय दल की यात्रा से जुड़ा एक इंटरनल कम्युनिकेशन मिला था। इसमें बताया गया था कि भारतीय डेलिगेशन 9 अगस्त को दोपहर 2:56 बजे हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचा था। इस संचार में यह भी बताया गया कि भारतीय दल बांग्लादेश की प्रमुख सैन्य खुफिया एजेंसी डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फोर्सेज इंटेलिजेंस (DGFI) के निमंत्रण पर आधिकारिक दौरे पर आया है। रॉ चीफ पराग जैन के अलावा तमिलनाडु कैडर के 2003 बैच के अधिकारी अश्विन मुकुंद कोटनिस भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे।वह फिलहाल केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर हैं। भारतीय दल के दो अन्य सदस्यों के नाम राहुल नेगी और शैबल रॉय चौधरी भी थे। भारत और बांग्लादेश के बीच सुरक्षा और खुफिया सहयोग को लेकर यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब दोनों देशों के रिश्तों में तनाव देखने को मिल रहा है. कुछ दिन पहले बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत में रहते हुए पहली बार वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पर कड़ी नाराजगी जताई थी।हालांकि, भारत ने इस कार्यक्रम से खुद को अलग कर लिया था, लेकिन बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने शेख हसीना के लिए काफी कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उसने उन्हें ‘नरसंहार की दोषी’ बताया और उनके शासन को ‘माफिया जैसा तंत्र’ करार दिया। वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी इस मामले में कहा था कि वह कभी किसी देश का ‘क्लाइंट स्टेट’ नहीं बनेगा और न ही ‘फासीवाद के अंधेरे दौर’ में वापस जाएगा। बांग्लादेश में शेख हसीना को 2024 के प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसक कार्रवाई के मामले में अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने उनकी गैरमौजूदगी में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है। क्या पर्दे के पीछे चल रही बातचीत?: इन सबके बीच भारत और बांग्लादेश के बीच सुरक्षा और खुफिया सहयोग को लेकर हुई यह शांत बातचीत काफी अहम मानी जा रही है। इससे दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे बातचीत की संभावना के संकेत मिल रहे हैं। इससे पहले रविवार को भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान से मुलाकात की थी। सोमवार को उन्होंने प्रधानमंत्री तारिक रहमान से भी मुलाकात की।बताया जा रहा है कि इस मुलाकात का एक मकसद 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान तारिक रहमान की भारत यात्रा को लेकर रास्ता साफ करना भी है. इससे पहले रविवार को त्रिवेदी ने पत्रकारों से कहा था कि उन्होंने तारिक रहमान के भाषण कई बार सुने हैं और वह जनता से जुड़े नेता हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जिक्र करते हुए कहा कि जब दो नेता मिलते हैं तो कई समस्याओं का समाधान हो जाता है. उन्होंने इसको लेकर पूरा भरोसा जताया।रॉ-DGFI प्रमुखों की मुलाकात पर नजर: सितंबर में तारिक रहमान ब्रिक्स समिट में आने का न्योता मिला है। तारिक रहमान को दिल्ली लाने की कोशिशों के बीच रॉ प्रमुख पराग जैन और बांग्लादेश की सैन्य खुफिया एजेंसी DGFI के प्रमुख मेजर जनरल मोहम्मद कैसर राशिद चौधरी के बीच संभावित मुलाकात पर भी नजर रहेगी। इस बीच शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय के हालिया आरोप भी भारत की चिंता बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा था कि भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता यह होनी चाहिए कि बांग्लादेश उसकी पूर्वी सीमा पर एक और पाकिस्तान बन गया है। उन्होंने दावा किया कि हिज्ब-उत-तहरीर खुलेआम मार्च निकाल रहा है और अल-कायदा से जुड़े लोग सार्वजनिक रैलियों में भाषण दे रहे हैं।
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