- इलाज के लिए आये थे भारत,कई ओर भी गंभीर रूप से झुलसे
- एसआईटी गठित कर किया जाएगा मामले की जांच,जिम्मेदार पर होगी कारवाई
अशोक झा/ कोलकाता: बीरभूम तारापीठ अग्निकांड की राख अभी शांत भी नहीं हुई थी कि एक बार फिर कोलकाता के धर्मतला स्थित मिर्जा गालिब स्ट्रीट के 'शिखा इन' होटल में बुधवार अहले सुबह भीषण अग्निकांड की घटना घटी।
बुधवार तड़के कोलकाता के एक होटल में लगी भीषण आग ने कई जिंदगियां छीन लीं। पश्चिम बंगाल के दमकल मंत्री कौशिक चौधरी ने बुधवार को कहा कि जांच के लिए पांच सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई के चलते मध्य कोलकाता की एक इमारत से करीब 80 लोगों को बचाया जा सका, जबकि भीषण आग में नौ लोगों की मौत हो गई।मंत्री कौशिक चौधरी ने कहा कि उन्होंने इस मामले पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ विस्तार से चर्चा की और यह तय किया गया कि सभी होटलों, लॉज और गेस्ट हाउस का पूरी तरह से ऑडिट किया जाएगा। चौधरी ने कहा, "हम इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहे हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।" कौशिक चौधरी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "मुझे हैरानी है कि पिछली सरकारों के समय इन होटलों को ट्रेड लाइसेंस कैसे मिल गए? राज्य अग्निशमन सेवा विभाग का मिर्जा गालिब स्ट्रीट पर एक बड़ा स्टेशन है। जिस होटल की इमारत में आज सुबह आग लगी, वह उसी अग्निशमन सेवा स्टेशन के बहुत पास थी। उस इमारत की हर मंजिल पर एक अलग होटल या गेस्ट हाउस है। वहां के रास्ते इतने संकरे हैं कि दो लोग भी साथ-साथ चल या खड़े नहीं हो सकते। आपातकालीन निकास के लिए कोई बाहरी सीढ़ी नहीं है।" उन्होंने बताया कि नौ लोगों की मौत हो गई है। हमारे विभाग के अधिकारियों और फायरफाइटर्स ने लगभग 80 लोगों को बचाया, जिन्हें अस्पताल और रेस्क्यू सेंटर ले जाया गया। मंत्री कौशिक ने कहा कि सूचना मिलने के तुरंत बाद हमारे अधिकारी और फायरफाइटर्स मौके पर पहुंच गए थे, जिससे लगभग 80 लोगों की जान बचाई जा सकी। उन्होंने भी कहा कि इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। होटल के लाइसिंस की जांच कोलकाता पुलिस करेगी। कौशिक चौधरी ने कहा, "आग लगने का अभी ठोक कारण सामने नहीं आया है। फोरेंसिक जांच चल रही है। इस मामले में कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री के साथ बातचीत चल रही है। मरने वाले सभी बांग्लादेशी नागरिक: इस हादसे में एक और अहम जानकारी सामने आई है. अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, मरने वाले सभी नौ लोग बांग्लादेशी नागरिक थे। वे इलाज के लिए कोलकाता आए थे और होटल में ठहरे हुए थे. यह जानकारी हादसे को और गंभीर बनाती है। कोलकाता लंबे समय से इलाज के लिए आने वाले बांग्लादेशी नागरिकों का बड़ा ठिकाना रहा है।अब मृतकों की पहचान और उनके परिजनों से संपर्क की प्रक्रिया की जा रही है।रात के समय होटल में ठहरे लोग गहरी नींद में थे, तभी अचानक धुएं और आग की लपटों से पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई. इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं।जानकारी के मुताबिक, यह हादसा कोलकाता की मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित एक होटल में हुआ। बुधवार तड़के करीब 2 बजे होटल में आग लग गई। देखते ही देखते आग तेजी से फैल गई और होटल में ठहरे लोगों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। इसके बाद तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया।अग्निशमन कर्मियों ने होटल में फंसे लोगों को बाहर निकालने और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की।
पुरानी इमारत में कई होटल और गेस्ट हाउस
स्थानीय लोगों के मुताबिक, 15 मिर्जा गालिब स्ट्रीट की पुरानी इमारत में करीब 5 से 7 छोटे होटल और गेस्ट हाउस संचालित होते हैं। आग के दौरान कुछ लोगों ने इमारत के पीछे की तरफ मौजूद खिड़कियों से बाहर निकलने की कोशिश भी की। इस दौरान एक व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई है। फायर सेफ्टी को लेकर उठे सवाल: हादसे के बाद होटल और पूरी इमारत की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इमारत में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। इसके अलावा बिल्डिंग के रखरखाव की स्थिति भी ठीक नहीं होने की बात कही जा रही है। फिलहाल पुलिस और दमकल विभाग आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच कर रहे हैं। हादसे के बाद प्रशासन की ओर से इमारत में सुरक्षा मानकों और फायर सेफ्टी व्यवस्था की भी जांच किए जाने की संभावना है।
धुएं ने बढ़ाई बचावकर्मियों की मुश्किल: दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आग के साथ उठे घने धुएं के कारण बचाव अभियान में काफी परेशानी हुई. ऊपरी मंजिलों तक पहुंचना मुश्किल हो गया था और सीढ़ियों के जरिए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में भी दिक्कत आई. काफी मशक्कत के बाद दमकल की टीम ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया. इस हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग बांग्लादेशी नागरिक बताए जा रहे हैं, जो इलाज के लिए कोलकाता आए थे. फिलहाल आग लगने की असली वजह साफ नहीं हो सकी है. पुलिस और फॉरेंसिक टीम होटल की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग कहां और कैसे लगी।
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