- कल लेंगे शपथ ग्रहण ,उन्हें मिला 255 वोट विरोधी को88 वोट मिले
-साढ़े तीन दशक बाद मतदान से हुआ राष्ट्रपति चुनाव,
हाफिज उद्दीन अहमद कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में संभाल रहे थे जिम्मेदारी
बांग्लादेश बोर्डर से अशोक झा: बांग्लादेश की संसद ने गुरुवार को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के उम्मीदवार मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर को देश का नया राष्ट्रपति चुना। इसके साथ ही 1960 के दशक के अंत में एक वामपंथी छात्र कार्यकर्ता के रूप में राजनीति में कदम रखने वाले मिर्जा ने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक का सफर तय किया है।नए राष्ट्रपति 21 अगस्त को बंगभवन में पद की शपथ लेंगे।
मिर्जा फखरुल इस्लाम बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति
बीएनपी के लंबे समय से महासचिव रहे मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति चुने गए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन समर्थित उम्मीदवार ओली अहमद को हराया। फखरुल को 255 वोट मिले, जबकि अहमद को 88 वोट प्राप्त हुए। गुरुवार दोपहर राष्ट्रीय संसद में हुए राष्ट्रपति चुनाव में कुल 343 वैध मत डाले गए। यह चुनाव मुख्य चुनाव आयुक्त और रिटर्निंग अधिकारी एएमएम नासिर उद्दीन की निगरानी में आयोजित किया गया।
साढ़े तीन दशक बाद मतदान से हुआ राष्ट्रपति चुनाव
यूएनबी की रिपोर्ट के मुताबिक, नतीजों की घोषणा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, "मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर को सबसे अधिक वोट मिले हैं, इसलिए वे विधिवत रूप से राष्ट्रपति चुने गए हैं।" रिपोर्टों के अनुसार, मतदान के पात्र 349 सांसदों में से छह ने राष्ट्रपति चुनाव में वोट नहीं डाला। जिन सांसदों ने मतदान नहीं किया, उनमें बीएनपी के मिर्जा अब्बास और मुस्तफा कमाल पाशा, निर्दलीय सांसद रुमीन फरहाना, जमात के सांसद गाजी नजरुल इस्लाम और इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश के सांसद ओली उल्लाह शामिल हैं।
यह राष्ट्रपति चुनाव पिछले साढ़े तीन दशकों से अधिक समय में पहला ऐसा चुनाव रहा, जिसमें मतदान के जरिए मुकाबला हुआ। इससे पहले 1991 से लगातार राष्ट्रपति बिना किसी प्रतिद्वंद्वी के चुने जाते रहे थे। संसद में मतदान के जरिए तय हुआ आखिरी राष्ट्रपति चुनाव 8 अक्टूबर 1991 को हुआ था। बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शाहाबुद्दीन के 24 जुलाई को इस्तीफा देने के बाद, राष्ट्रीय संसद के स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। बांग्लादेश के संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति पद खाली होने के 90 दिनों के भीतर नए राष्ट्रपति का चुनाव कराना जरूरी होता है।
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