पंडित अशोक झा
कुंवारी कन्याएं भी सुयोग्य वर पाने के लिए भी तीज का व्रत करती हैं। हरियाली तीज पर महिलाएं अपनी सखियों के साथ मिलकर पेड़ पर झूला डालती है और सावन के लोकगीत गाकर इस त्योरहार की खुशियां मनाती हैं। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि पंचांग के अनुसार सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि की शुरुआत 14 अगस्त 2026 को शाम 6:46 मिनट पर होगी। वहीं तृतीया तिथि का समापन 15 अगस्त 2026 को शाम 5:28 मिनट पर होगा। उदया तिथि के आधार पर हरियाली तीज का पर्व 15 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। हरियाली तीज के दिन शिव योग, सिद्ध योग और रवि योग का दुर्लभ संयोग रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में इन तीनों योगों को शुभ कार्यों, पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है। रवि योग में पूजापाठ करना और व्रत रखना बहुत ही शुभ फल देने वाला माना जाता है। इस दिन हरे रंग का विशेष महत्व होता है इसलिए इस दिन हरी साड़ी के साथ हरी चूड़ियां भी पहनने का प्रचलन है। हरियाली तीज का व्रत करने से महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। हरियाली तीज पर्व को नाग पंचमी से दो तिथि पूर्व मनाया जाता है। हरियाली तीज के दिन महिलाएं व्रत रखती हैं और माता पार्वती के साथ गणेश जी और भगवान शिव की पूजा करती हैं।
सनातन धर्म में हर त्योहार का अपना एक विशेष महत्व हैं। इन्हीं त्योहारों में से एक है हरियाली तीज है, जो देशभर में मनाई जाती हैं। हरियाली तीज को श्रावणी तीज के नाम से भी जाना जाता हैं। हरियाली तीज सावन मास का सबसे महत्वपूर्ण पर्व हैं। महिलाएं इस दिन का पूरे वर्ष इंतजार करती हैं। हरियाली तीज सौंदर्य और प्रेम का पर्व हैं। यह उत्सव भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन के उपलक्ष्य में मनाया जाता हैं। यह पर्व प्रकृति से जुड़ने का पर्व हैं। हरियाली तीज का जब पर्व आता है तो हर तरफ हरियाली छा जाती हैं। पेड़ पौधे उजले उजले नजर आने लगते हैं। हरियाली तीज का पर्व श्रावण मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता हैं। हरियाली तीज या श्रावणी तीज, श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को कहते हैं। हरियाली तीज पर शुभ योग हरियाली तीज के दिन शिव योग, सिद्ध योग और रवि योग का दुर्लभ संयोग रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में इन तीनों योगों को शुभ कार्यों, पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है। शिव योग- सुबह 07:09 बजे तक रहेगा। सिद्ध योग- 15 अगस्त को पूरे दिन और पूरी रात के बाद 16 अगस्त सुबह 5:21 बजे तक रहेगा। रवि योग- सुबह 6:19 बजे से शुरू होकर 16 अगस्त को सुबह 3:25 बजे तक रहेगा।। रवि योग में पूजापाठ करना और व्रत रखना बहुत ही शुभ फल देने वाला माना जाता है।
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