- शहजाद भट्टी नेटवर्क पाकिस्तान में मौजूद और ISI के समर्थन से चलने वाला आतंकी सिंडिकेट
- अभियान के दौरान हथियार, विस्फोटक, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड और जासूसी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण बरामद
अशोक झा/ कोलकाता: केंद्र की मोदी सरकार ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सुरक्षा एजेंसियों ने स्वतंत्रता दिवस से पहले 14 राज्यों में एक साथ ऑपरेशन चलाकर इस नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध ऑपरेटिव्स को पकड़ा है। जांच एजेंसियों के अनुसार इस कार्रवाई के बाद 80 से अधिक एफआईआर दर्ज की गईं और 200 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है। अभियान के दौरान हथियार, विस्फोटक, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड और जासूसी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण बरामद होने का भी दावा किया गया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई जब देश 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों में जुटा था। सुरक्षा एजेंसियों को कथित तौर पर इनपुट मिले थे कि पाकिस्तान स्थित नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए भारतीय युवाओं तक पहुंच बनाने, उन्हें अपने संपर्क में लाने और संवेदनशील स्थानों की रेकी कराने की कोशिश कर रहा है। इससे पहले भी अलग-अलग राज्यों की पुलिस और एंटी-टेरर एजेंसियां शहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करती रही हैं। 14 राज्यों में एक साथ कार्रवाई से मचा हड़कंप: रिपोर्टों के मुताबिक ताजा कार्रवाई का दायरा काफी बड़ा था। सुरक्षा एजेंसियों ने अलग-अलग राज्यों में एक साथ संदिग्ध ठिकानों पर कार्रवाई की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश में 62, हरियाणा में 52, दिल्ली में 51 और पंजाब में 44 संदिग्धों को पकड़ा गया। राजस्थान से 15, महाराष्ट्र से 8 और उत्तराखंड से 5 संदिग्धों के पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा कर्नाटक, गुजरात और बिहार से तीन-तीन तथा तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल से दो-दो संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने की बात रिपोर्टों में कही गई है। कुल संख्या 253 बताई जा रही है।
इस कार्रवाई का सबसे महत्वपूर्ण पहलू एजेंसियों के बीच समन्वय बताया जा रहा है। अलग-अलग राज्यों में मौजूद संदिग्धों और उनके डिजिटल संपर्कों से संबंधित सूचनाओं को जोड़कर नेटवर्क की कड़ियों को समझने की कोशिश की गई। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इनमें से कितने लोग सीधे तौर पर आतंकी गतिविधियों में शामिल थे और कितने लोग केवल सोशल मीडिया या दूसरे माध्यमों से नेटवर्क के संपर्क में आए थे। सोशल मीडिया से शुरू होता था संपर्क: शहजाद भट्टी नेटवर्क की जांच में सोशल मीडिया की भूमिका लगातार सामने आती रही है। इससे पहले उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली में हुई जांच में एजेंसियों ने आरोप लगाया था कि पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय युवाओं को अपने संपर्क में लाने की कोशिश कर रहे थे।
महाराष्ट्र एटीएस ने जुलाई में दावा किया था कि पाकिस्तान स्थित कुछ गैंगस्टर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए भारतीय युवाओं को निशाना बना रहे थे। जांच में बड़ी संख्या में ऐसे लोगों की पहचान किए जाने की बात कही गई थी, जिन्होंने संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स पर प्रतिक्रिया दी थी या उनसे संपर्क किया था। उत्तर प्रदेश में भी जांच एजेंसियों ने आरोप लगाया था कि सोशल मीडिया और वीडियो कॉल के जरिए युवाओं को पाकिस्तानी हैंडलर्स से जोड़ा जा रहा था। मई में सहारनपुर से गिरफ्तार किए गए चार संदिग्धों के बारे में पुलिस ने कहा था कि वे संवेदनशील स्थानों की निगरानी, युवाओं की भर्ती और कथित आतंकी गतिविधियों की साजिश से जुड़े थे।अधिकारी ने कहा कि गृह मंत्रालय की इसी बेहतरीन तालमेल और निगरानी की वजह से हाल के समय में भारत के सबसे बड़े मॉड्यूल्स में से एक का भंडाफोड़ हो सका।
एक अधिकारी ने बताया कि अगला कदम भट्टी को ‘गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम’ (यूएपीए) के तहत नामित करना होगा। राज्य और केंद्रीय एजेंसियों से बातचीत के बाद उसे हिरासत में लेने का प्रस्ताव गृह मंत्रालय को भेजा गया है। यह एक अहम कदम है, जिसका मकसद भट्टी को अपना दायरा बढ़ाने से रोकना है। एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद, अगला कदम इंटरपोल के साथ तालमेल बिठाना और शहजाद भट्टी के खिलाफ ‘लुक-आउट’ और ‘रेड कॉर्नर नोटिस’ जारी करवाना होगा। अधिकारी ने कहा कि इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। लगातार की गई कार्रवाई के चलते 200 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 80 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
अधिकारी ने आगे कहा कि सुरक्षा एजेंसियां इन मॉड्यूल्स को भट्टी और आईएसआई से जोड़ने वाले पर्याप्त सबूत जुटाने में कामयाब रही हैं, इसलिए इंटरपोल से उसके खिलाफ कार्रवाई करवाने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।इस पूरे ऑपरेशन के दौरान अलग-अलग राज्यों में बड़ी संख्या में संदिग्धों को पकड़ा गया। जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 62, हरियाणा में 52, दिल्ली में 51, पंजाब में 44 और राजस्थान में 15 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके अलावा महाराष्ट्र में 8, उत्तराखंड में 5, जबकि कर्नाटक, गुजरात और बिहार में 3-3 लोगों पर कार्रवाई हुई। तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल में 2-2 लोगों को हिरासत में लिया गया।दिल्ली और कर्नाटक में इस कार्रवाई के दौरान नई FIR भी दर्ज की गई हैं।
क्या है शहजाद भट्टी नेटवर्क?
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, शहजाद भट्टी नेटवर्क पाकिस्तान में मौजूद और ISI के समर्थन से चलने वाला आतंकी सिंडिकेट है। आरोप है कि यह नेटवर्क भारत में हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए स्थानीय लोगों का इस्तेमाल करता था। वहीं जांच एजेंसियों ने यह भी बताया कि नेटवर्क से जुड़े लोग ग्रेनेड, IED और पेट्रोल बम से हमले की योजना बनाने के अलावा टारगेट किलिंग जैसी गतिविधियों में भी शामिल थे। स्थानीय सहयोगियों को पैसे देकर पुलिस हेडक्वार्टर, रक्षा से जुड़े ठिकानों और धार्मिक स्थलों की रेकी कराने का भी आरोप है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि यह भी सामने आया कि नेटवर्क से जुड़े लोग निगरानी के लिए CCTV कैमरों का इस्तेमाल करते थे। सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई के दौरान ऐसे उपकरण भी बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर जासूसी और रेकी में किया जा रहा था।ऑपरेशन में क्या-क्या बरामद हुआ?
ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी और गिरफ्तारी के दौरान IED, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और CCTV कैमरे बरामद किए गए।
इन बरामदगी को जांच में अहम सबूत माना जा रहा है।
मामलों में आतंकवाद और संगठित आपराधिक गतिविधियों से जुड़े अलग-अलग कानूनों के तहत कार्रवाई की गई है।
इनमें UAPA, BNS, आर्म्स एक्ट, NDPS एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम शामिल हैं।
अमित शाह ने क्या कहा?
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दिखाने का काम करती है। उन्होंने कहा कि भारत सीमा पार से होने वाले आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख जारी रखेगा।
सुरक्षा एजेंसियों की यह कार्रवाई स्वतंत्रता दिवस से पहले की गई है। ऐसे में कई राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया निगरानी को भी मजबूत किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि नेटवर्क की गतिविधियों और गिरफ्तार किए गए लोगों से जुड़े संपर्कों की आगे भी जांच जारी रहेगी।
पाकिस्तान ने भारत के आरोपों को बताया गलत
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारत के गृह मंत्री की ओर से लगाए गए आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। पाकिस्तान का कहना है कि भारत में हुई कुछ गिरफ्तारियों को पाकिस्तान से जोड़ना गलत है और इसका कोई आधार नहीं है।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि भारत लगातार पाकिस्तान को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। उसके मुताबिक, ऐसे आरोप भारत की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने और घरेलू राजनीति में फायदा लेने के लिए लगाए जा रहे हैं।
कुलभूषण जाधव का भी किया जिक्र
पाकिस्तान ने अपने बयान में एक बार फिर भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव का मामला उठाया। पाकिस्तान का दावा है कि जाधव के मामले से भारत की कथित गतिविधियों के सबूत मिलते हैं। वहीं, भारत पहले भी पाकिस्तान के इन दावों को खारिज करता रहा है। पाकिस्तान ने यह भी कहा कि उसने आतंकवाद और देश में अस्थिरता फैलाने से जुड़ी कथित भारतीय गतिविधियों के सबूत कई बार साझा किए हैं।
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