TMC ने खुद ही प्राइवेट जेट- हेलिकाप्टर खरीद खुद को ही किराए पर देकर हजम किए 440 करोड़ रुपये
जुलाई 09, 2026
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- टीएमसी से जुड़े शीर्ष नेताओं पर कस सकता है शिकंजा
अशोक झा/ कोलकाता: बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी के दिन अब लगातार बुरे होते जा रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पार्टी के बैंक खातों से जुड़ी एक ऐसी धांधली का पर्दाफाश किया है। जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है।एजेंसी का दावा है कि पार्टी के चंदे का पैसा निजी कंपनियों के माध्यम से घुमाकर वापस पार्टी के ही पास 'किराए' के नाम पर पहुंच रहा था. इस पूरे खेल में 440.42 करोड़ रुपये की हेराफेरी का शक जताया गया है, जिसे फिलहाल ईडी ने फ्रीज कर दिया है। समझते हैं पूरी आगे की कहानी।
पार्टी फंड का 'हवाई' बंदरबांट: ईडी की शुरुआती जांच की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच टीएमसी के विभिन्न बैंक खातों से 'केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' और उससे जुड़ी फर्मों को लगभग 160 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। कंपनी ने इन पैसों से एक 'एम्ब्रेयर लिगेसी 600' विमान और एक 'अगस्ता 109 ग्रैंड न्यू' हेलिकॉप्टर खरीदा। सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि इन मशीनों को खरीदने में कुल 112 करोड़ रुपये खर्च हुए। जिसका बड़ा हिस्सा सीधे टीएमसी के चंदे से आया था। एजेंसी अब यह जांच कर रही है कि क्या चंदे का पैसा वाकई चुनाव प्रचार के लिए था या विमान खरीदने के लिए।विमान भी अपना और किराया भी अपना
इस मामले में सबसे ज्यादा संदेह पैदा करने वाली बात यह है कि विमान खरीदने के बाद उन्हें तृणमूल कांग्रेस को ही किराए पर दे दिया गया. सामान्यतः कोई पार्टी विमान किराए पर लेती है, लेकिन यहां टीएमसी ने पहले कंपनी को पैसे दिए, फिर उन्हीं के खरीदे विमान को खुद किराए पर लेकर कंपनी को और पैसा दिया. ईडी का मानना है कि यह कोई सामान्य व्यापारिक समझौता नहीं है. यह एक सोची-समझी साजिश है, जिसके जरिए पार्टी के पैसे को निजी कंपनियों में ठिकाने लगाकर काला धन सफेद करने का प्रयास किया जा रहा है।
विदेशी कर्ज और गहराया शक: जांच एजेंसी ने दावा किया है कि इस हेलिकॉप्टर को खरीदने के लिए केमैन आइलैंड्स की एक विदेशी कंपनी से 1.7 मिलियन डॉलर का असुरक्षित कर्ज भी लिया गया था। यह विदेशी लिंक अब ईडी की जांच का मुख्य केंद्र बन गया है। कोलकाता में न्यू टाउन और राजाबाजार स्थित 'केयरवेल ग्रुप' के पांच ठिकानों पर छापेमारी के बाद कई दस्तावेज हाथ लगे हैं। इन दस्तावेजों से यह साफ हो रहा है कि यह लेनदेन काफी प्लानिंग के साथ किया गया था और इसके पीछे बड़े स्तर पर पैसों की हेरीफेरी की गई थी। जिसकी परतें अब धीरे-धीरे खुल रही हैं।इस कार्रवाई के बाद टीएमसी ने इसे राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया है. पार्टी का कहना है कि उनके सभी पैसों के लेनदेन के सौदे पारदर्शी हैं और हर साल इनका ब्यौरा चुनाव आयोग को दिया जाता है। उन्होंने इस कार्रवाई को गैर-कानूनी बताते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाने के संकेत दिए हैं। हालांकि, ईडी ने स्पष्ट किया है कि यह छापेमारी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है और उनके पास पुख्ता सबूत हैं। आने वाले दिनों में पार्टी के आधिकारिक लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
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