ममता की साया कहें जाने वाली चंद्रिमा भट्टाचार्य ने भी तोड़ा टीएमसी से नाता
जुलाई 04, 2026
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अशोक झा/ कोलकात: तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी गुट को एक और झटका उस समय लगा, जब पार्टी की बंगाल प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।अभी पार्टी दफ्तर पर कब्जे की रार मची ही है, इस बीच ममता बनर्जी को एक और झटका लगा है। बंगाल टीएमसी के अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी नेता ममता बनर्जी को पत्र लिखकर बताया कि वह 3 जून को संभाले गए इस पद को छोड़ रही हैं। चंद्रिमा ने तृणमूल कांग्रेस और उससे जुड़ी संस्थाओं के अलग-अलग बैंक खातों के लिए हस्ताक्षरकर्ता (सिग्नेटरी) के तौर पर अपनी ज़िम्मेदारियों से भी मुक्त किए जाने का अनुरोध किया। इसके अलावा, राज्य की पूर्व मंत्री ने चुनाव आयोग के सामने पार्टी का प्रतिनिधित्व करने की भूमिका से भी इस्तीफा दे दिया है। चंद्रिमा भट्टाचार्य का टीएमसी छोड़ना ममता बनर्जी के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि चंद्रिमा ममता की बेहद करीब थी। एक रूप उन्हें ममता का राइट हैंड माना जाता था. लेकिन अब टीएमसी में मची भगदड़ के बीच उन्होंने भी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी की बेहद करीबी और टीएमसी की सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में शुमार चंद्रिमा भट्टाचार्य ने पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से अचानक इस्तीफा दे दिया है।
चुनाव के बाद पार्टी में मची इस भारी उठापठक के बीच चंद्रिमा का यह कदम ममता बनर्जी के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि वे सरकार से लेकर संगठन तक में टीएमसी का एक बेहद मजबूत और विश्वसनीय चेहरा रही हैं।
बंगाल टीएमसी की प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने सीधे ममता बनर्जी को एक चिट्ठी भेजकर अपने इस चौंकाने वाले फैसले का ऐलान किया है। इस इस्तीफे के बाद बंगाल के सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या तृणमूल कांग्रेस के भीतर अब ममता बनर्जी का नियंत्रण पूरी तरह कमजोर पड़ चुका है।
सिर्फ पद नहीं, बैंकों की 'साइनिंग अथॉरिटी' भी चंद्रिमा भट्टाचार्य ने छोड़ी:
चंद्रिमा भट्टाचार्य ने जो इस्तीफा सौंपा है, वह केवल एक साधारण पद छोड़ना नहीं है, बल्कि उन्होंने पार्टी के सारे वित्तीय और प्रशासनिक हकों से भी अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। अपनी चिट्ठी में चंद्रिमा ने साफ-साफ शब्दों में लिखा है कि वे ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के स्टेट प्रेसिडेंट के उस पद से मुक्त हो रही हैं, जो उन्हें हाल ही में 3 जून 2026 को कालीघाट में हुई एक हाई-लेवल बैठक में दिया गया था।ममता बनर्जी की पिछली सरकार में मंत्री रहीं भट्टाचार्य ने वित्त और स्वास्थ्य जैसे अहम विभागों में मंत्री के तौर पर काम किया था और वह पार्टी की महिला शाखा की प्रमुख नेता भी थीं।भट्टाचार्य ने अलग-अलग बैंकों में पार्टी के खातों के लिए अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता और निर्वाचन आयोग के सामने पेश होने के लिए ममता बनर्जी की अधिकृत प्रतिनिधि के तौर पर भी अपना नाम वापस ले लिया।
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