- बदला ताला और कहा हम ही है टीएमसी के असली मालिक
अशोक झा/ कोलकाता:
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में बागी गुट ने 03 जलाई को कोलकाता स्थित पार्टी हेडक्वार्टर ऑफिस पर कब्जा कर लिया। चुनाव में करारी हार झेलने के बाद अब ममता बनर्जी की राजनीतिक जमीन पूरी तरह खिसकती नजर आ रही है। बागी गुट के बड़े नेता ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई में भारी संख्या में नेता और कार्यकर्ता हेडक्वार्टर दफ्तर पहुंचे, वहां के ताले तोड़े या बदल दिए और बाहर लगे पोस्टरों को भी बदल दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बाहर लगे नए पोस्टरों से ममता बनर्जी की तस्वीरें गायब हैं, हालांकि दफ्तर के अंदर अभी भी उनके कुछ कटआउट और तस्वीरें लगी हुई हैं।
कोलकाता दफ्तर पर हाई-वोल्टेज ड्रामा: कैसे हुआ हेडक्वार्टर पर कब्जा?: कोलकाता का यह मेट्रोपॉलिटन दफ्तर साल 2022 से टीएमसी की तमाम बड़ी गतिविधियों का केंद्र रहा है, क्योंकि ईएम बाईपास वाले पुराने दफ्तर में पुनर्निर्माण का काम चल रहा है। शुक्रवार 03 जुलाई को ऋतब्रत बनर्जी अपने साथ पार्टी के कई कद्दावर चेहरों को लेकर यहां पहुंचे थे। उनके साथ फिरहाद हकीम, जावेद खान, सांदीपन साहा और अखरुज्जमा जैसे बड़े नेता मौजूद थे। इस गुट ने सीधे दफ्तर के अंदर जाकर एक बड़ी बैठक की और साफ ऐलान कर दिया कि अब से पार्टी की कमान और सारा कामकाज इसी दफ्तर से संचालित होगा। ऋतब्रत बनर्जी ने मीडिया के सामने दावा किया कि उनके साथ तृणमूल के सच्चे और जमीनी नेता हैं, इसलिए वही असली टीएमसी हैं। इस गुट ने दफ्तर की जमीन के मालिकों के साथ नया एग्रीमेंट भी पूरा कर लिया है, जिससे कानूनी रूप से भी वे मजबूत दिख रहे हैं।
'पुलिस की मदद से हुआ दफ्तर पर कब्जा'- कुणाल घोष का बड़ा आरोप: जब दफ्तर पर कब्जे की खबर फैली तो ममता बनर्जी के सबसे वफादार माने जाने वाले वरिष्ठ नेता कुणाल घोष वहां पहुंचे। लेकिन उनके लिए दफ्तर के दरवाजे बंद थे। गेट पर नया ताला देखकर वह अंदर कदम भी नहीं रख सके। मीडिया से बात करते हुए कुणाल घोष ने अपना गुस्सा जाहिर किया।कुणाल घोष ने कहा"जो लोग TMC भवन में घुसकर ताला लगा दिया है हम उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज की है। परिसर में ताला लगाने की कोई जरूरत नहीं थी। इसके अलावा पार्टी से निकाले गए सदस्यों को पार्टी कार्यालय में घुसने का कोई अधिकार नहीं है। हमने इस बारे में पुलिस से अनुरोध किया था। हम आसानी से उनके लगाए गए ताले को तोड़ सकते थे, लेकिन हमने कोई भी गैर-कानूनी या गैर-जिम्मेदाराना काम नहीं किया। हालांकि हमने पुलिस से अपील की थी, लेकिन उन्होंने घुसपैठियों को परिसर में ताला लगाने दिया और फिर उस ताले की सुरक्षा के लिए पहरा दिया। जब हमने पुलिस से अंदर जाने में मदद करने को कहा, तो स्थानीय पुलिस, RAF और केंद्रीय बल बस वहीं खड़े रहे। यह तृणमूल पार्टी को नुकसान पहुंचाने की एक बड़ी साजिश है। बंगाल की जनता और तृणमूल कार्यकर्ता सब कुछ देख रहे हैं।"
तृणमूल कार्यालय की बड़ी बातें:तृणमूल भवन कोलकाता के ईएम बाईपास (महानगर क्षेत्र) में स्थित TMC का कार्यालय भवन है। साल 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद जब टॉपसिया स्थित मुख्य कार्यालय को पुनर्निर्माण के लिए गिराया गया था। इसके बाद तब 2022 में इस बहुमंजिला इमारत को पार्टी के अस्थायी मुख्यालय के रूप में किराए पर लिया गया था। विधानसभा चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद इस 5-मंजिला इमारत के मालिक मोनोतोष (मोंटू) साहा ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए मई 2026 में टीएमसी को दो महीने के भीतर परिसर खाली करने का कानूनी नोटिस दिया था।
इसके बाद जून 2026 में पार्टी द्वारा इस कार्यालय से फर्नीचर और सामान हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। 3 जुलाई 2026 ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने इस भवन पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है।
ममता बनर्जी की जगह अरूप रॉय अध्यक्ष:
ऋतब्रत बनर्जी का दावा है कि अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) के कुल 80 विधायकों में से 60 से अधिक विधायक उनके साथ हैं, जो कि दो-तिहाई से अधिक बहुमत है। इसके अलावा उन्होंने आयोग को बताया कि पार्टी के अधिकांश काउंसलर, कॉर्पोरेटर और जिला परिषद सदस्य भी उनके गुट का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने आयोग को सूचित किया कि 22 जून 2026 को हुए पार्टी के एक विशेष राष्ट्रीय अधिवेशन में ममता बनर्जी को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है और उनकी जगह वरिष्ठ विधायक अरूप रॉय को नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
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