सोचिए एक बच्ची घर में अपने बाप को लहूलुहान घुसते देखती है और पूछती है ये कैसे हुआ?
तो जवाब मिलता है कि ये तो बेटा पार्ट ऑफ जॉब है। छोटी-मोटी चोटें तो ड्यूटी में लगती रहती हैं। पर ये छोटी मोटी चोट नहीं है। शर्ट खून से भीगी हुई है। सिर पे चार टाँके लगे हैं। जगह-जगह वर्दी फटी हुई है। क्या अजब है कि जिनका काम ही रक्षा करना है, वो जैसे-तैसे अपनी जान बचाकर आए हैं।
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर दर्जनों घायल पुलिस कर्मियों में, इस लड़की,
जिसका नाम कुंजल है; इसके पिताजी भी थे।
अब दीपके का कहना है कि ये हमने नहीं किया, स्टूडेंट्स की आड़ में कुछ असामाजिक तत्व घुसे थे। उन्होंने उपद्रव मचाया है। लेकिन जब उनपर एफआईआर होती है, धर-पकड़ शुरु होती है तो कॉकरोच नंबर 2, सौरभ दास कहते हैं कि चाहें किसी ने कुछ भी किया हो, सरकार बहादुर ने वादा किया था कि सबको छोड़ देंगे, किसी पे एफआईआर नहीं करेंगे तो अपने वादे पर रहे। सबको छोड़ दें।
अभी दीपके का नया स्टेटमेंट आया है; जस्ट राहुल G की प्रेस कान्फ्रन्स के 24 घंटे में आया है कि होम मिनिस्टर का इस्तीफ़ा माँगना है हमें, हम उसके लिए प्रोटेस्ट करेंगे क्योंकि 20 जुलाई को जो स्थिति बिगड़ी, उसमें होम मिनिस्ट्री का ही हाथ था।
जब मिनिस्ट्री का हाथ था तो कार्यवाही होने दो, जिन 2800+ अपराधियों की लिस्ट बनी है, उनको सज़ा मिलने दो।
माना रोहित शेट्टी के सिवा कभी सिनेमा में भी किसी ने पुलिस को पाज़िटिव नहीं दिखाया। उनकी इमेज घूस खाने वाले, हफ़्ता वसूलने वाले की बनी हुई है; लेकिन सब ऐसे ही हों ये ज़रूरी नहीं है।
कोई जेन-ज़ी लड़की परसों चिल्ला रही थी कि क्या दिया है आर्मी ने हमें? बॉर्डर पर जो लोग रहते हैं उनके लिए करती होगी आर्मी कुछ, हमें क्या मतलब आर्मी से? हमसे क्या मतलब?
तो बेटा आप NEET छोड़ो और पहले कॉमन सेंस की क्लासेस करो तो समझो कि फौजी बॉर्डर पर नहीं लड़ता, फौजी जहाँ खड़ा होता है न, वो बॉर्डर होता है। कारगिल में सहमति से फौजी कुछ कदम पीछे आया था तो पड़ोसी कबीले वासी का रूप धरकर घुस आया था अंदर...
तब समझ आई थी आर्मी की वैल्यू, ऐसे ही पुलिस का हिसाब है। 24 घंटे के लिए अगर ये डिपार्ट्मन्ट छुट्टी पर चला जाए न, तो मुहल्ले का कोई घर सुरक्षित नहीं बचेगा। हमारे और असामाजिक भेड़ियों के बीच में कोई दीवार है तो ये पुलिस ही है।
इनपर किसी ने हमला किया है, जानबूझकर लिंच किया है तो उसको ऐसा सबक मिलना चाहिए कि सपने में भी बर्फ़ और डंडा नज़र आए।
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