बंगाल की नौका दुर्घटना में मारे गए परिवार को पीएम ने दिये दो- दो लाख, घायलो को 50 हजार
जुलाई 14, 2026
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- उपराष्ट्रपति ने व्यक्त किया शोक व्यक्त, नौ मछुआरे की हुई है मौत
अशोक झा/ कोलकाता: बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में सुंदरबन के पास बंगाल की खाड़ी से बड़ी घटना सामने आई है। अधिकारियों ने सोमवार (13 जुलाई) को बताया कि इस महीने की शुरुआत में एक मछली पकड़ने वाली लापता हुई नाव में नौ मछुआरे मृत पाए गए हैं, जबकि छह मछुआरे लापता हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर दुख जताया है और मृतक के परिवारों और घायलों को आर्थिक मदद की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में नाव पलटने से हुआ जानमाल का नुकसान बेहद पीड़ादायक है. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. ईश्वर करे कि घायल जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाएं.' उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की मदद का ऐलान किया.
अधिकारियों के अनुसार, रविवार को पुलिस, वन विभाग और भारतीय तटरक्षक बल के कर्मियों ने चुल्काठी जंगल के पास रक्ताचार इलाके में डूबे हुए नाव का पता लगाया. नाव को बाहर निकाल कर तलाशी ली गई तो नौ मछुआरों के शव मिले. 'एफबी मां काली' नाम का यह नाव 2 जुलाई को पूर्वी मिदनापुर जिले के शंकरपुर फिशरीज पोर्ट से 15 मछुआरों के साथ निकला था।हादसे को लेकर भारत के उपराष्ट्रपति ने दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
उपराष्ट्रपति सीपी. राधाकृष्णन ने हादसे पर दुख जताया। उपराष्ट्रपति के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ से पोस्ट जारी करके लिखा गया, “पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में नाव पलटने की घटना में हुई जान-माल की दुखद हानि से मुझे गहरा दुख हुआ है। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”जानकारी के मुताबिक, यह नाव 2 जुलाई को पूर्वी मिदनापुर जिले के शंकरपुर फिशरीज पोर्ट से 15 मछुआरों को लेकर समुद्र में गई थी। खराब मौसम के कारण 5 जुलाई के बाद नाव से संपर्क टूट गया था। इसके बाद सुंदरबन टाइगर रिजर्व के डिप्टी फील्ड डायरेक्टर चित्रक भट्टाचार्य के नेतृत्व में पुलिस, तटरक्षक बल, वन विभाग और मछुआरा संगठनों ने संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया था।
अधिकारियों ने बताया कि अभी छह मछुआरों का कोई सुराग नहीं मिला है। बरामद किए गए शवों को पोस्टमार्टम के लिए काकद्वीप सब-डिविजनल अस्पताल भेजा गया है। लापता मछुआरों की तलाश के लिए सोमवार को दोबारा व्यापक अभियान शुरू किया गया। अधिकारियों के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में लापता हुई मछली पकड़ने वाली नाव ‘एफबी मां काली’ का रविवार को पता लगाया गया। पुलिस, वन विभाग और भारतीय तटरक्षक बल की संयुक्त टीम ने चुल्काठी जंगल के पास रक्ताचार इलाके में डूबी हुई नाव को खोज निकाला। नाव को बाहर निकालकर तलाशी लेने पर उसमें से नौ मछुआरों के शव बरामद किए गए।रविवार को पुलिस, वन विभाग और भारतीय तटरक्षक बल के कर्मियों ने चुल्काठी जंगल के पास रक्ताचार इलाके में डूबे हुए नाव का पता लगाया। नाव को बाहर निकाल कर तलाशी ली गई तो नौ मछुआरों के शव मिले।'एफबी मां काली' नाम का यह नाव 2 जुलाई को पूर्वी मिदनापुर जिले के शंकरपुर फिशरीज पोर्ट से 15 मछुआरों के साथ निकला था। बताया जा रहा है कि इलाके में खराब मौसम के कारण 5 जुलाई के बाद नाव से संपर्क टूट गया था। तब से सुंदरबन टाइगर रिजर्व के डिप्टी फील्ड डायरेक्टर चित्रक भट्टाचार्य के नेतृत्व में पुलिस, तटरक्षक बल, वन विभाग और मछुआरा संगठनों का एक संयुक्त तलाशी अभियान चल रहा था।
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