- 35 बोरियों में नोट, सोने की छड़ें और बिस्किट... पूर्व बस ड्राइवर के घर इतना कैश
- अब ईडी भी करेंगी पूरे मामले की जांच
अशोक झा / कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में पुलिसिया रेड के दौरान अवैध धन और अकूत संपत्ति का एक ऐसा समंदर मिला है जिसने पूरे देश को हैरान कर दिया है। एमएम पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर कम से कम 29 करोड़ कैश और 15 किलोग्राम खरा सोना जब्त किया है।राज्य के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी सहयोगी के ठिकानों से चार साल पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जब्त की गई रकम के बाद यह अवैध रूप से जमा की गई नकदी और सोने की सबसे बड़ी बरामदगी में से एक है. पुलिस ने बताया कि सरकारी बस ड्राइवर से पत्थर व्यापारी बने मीनार मंडल के देवचा गांव स्थित दो मंजिला मकान से एक-एक किलोग्राम वजनी सोने की 14 छड़ और 100-100 ग्राम के सोने के 10 बिस्कुट बरामद किए गए हैं, जिनकी वर्तमान बाजार दर के अनुसार कीमत लगभग 21.5 करोड़ रुपये है।बंगाल में यह सबसे बड़ा छापा माना जा रहा है।आखिरकार मिनार मंडल को गिरफ्तार कर लिया गया है। बीरभूम के पत्थर व्यापारी नजीबुद्दीन (उर्फ़ तुलु मंडल) के रिश्तेदार मिनार के घर से 29 करोड़ रुपए नकद बरामद किए गए। साथ ही, लगभग 15 किलो सोना भी मिला। जांचकर्ताओं का अनुमान है कि ज़ब्त की गई नकद और सोना मिलाकर इसकी कुल कीमत लगभग ₹50 करोड़ है। गुरुवार सुबह से ही मोहम्मदबाज़ार के देउचा में मिनार के घर पर अतिरिक्त केंद्रीय बल के जवान तैनात किए गए हैं। भारी सुरक्षा बल ने घर के आस-पास के पूरे इलाके को घेर लिया है और रात भर पुलिस की तैनाती जारी रही। कड़ी सुरक्षा के बीच बरामद नकदी को घर से बाहर निकाला गया। बाद में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) गायकवाड़ नीलेश श्रीकांत ने कहा, "घर के मालिक मिनार मंडल को गिरफ्तार कर लिया गया है। चूंकि यहां काफी मात्रा में सामान मिला है, इसलिए फिलहाल घर को सील कर दिया गया है।" हालांकि, मिनार की पत्नी ने दावा किया, "तुलु मंडल ने यह पैसा एक साल पहले यहां रखा था। हमें बताया गया था कि इसके लिए ज़रूरी कागज़ात मौजूद हैं। अलमारी की चाबी तुलु मंडल के पास थी। हम पेंशन के पैसे से अपना घर चलाते हैं।हमें इस बारे में कुछ भी पता नहीं था।" राज्य के पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने टिप्पणी की, "वे कोयला खनन क्षेत्र में जाने-माने लोग हैं। तृणमूल शासन के दौरान उनका कारोबार खूब फला-फूला। पुलिस उनकी मदद करती थी और पैसा नबान्न तक पहुंचाया जाता था। अब वे संबंध टूट चुके हैं, नई जानकारी सामने आ रही है और पुलिस गिरफ्तारियां कर रही है।" बुधवार सुबह सोशल मीडिया पर बरामद नकदी और सोने की तस्वीरें पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु वअधिकारी ने लिखा, "एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए, बीरभूम पुलिस ने रेत माफिया तुलु मंडल के गुप्त ठिकाने पर छापा मारा और 15 किलो सोना और ₹5.5 करोड़ (यह आंकड़ा रात तक बढ़कर ₹28.5 करोड़ हो गया) नकद बरामद किए। भ्रष्टाचार के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस ही हमारा मूल मंत्र है। भ्रष्ट लोगों के खिलाफ राज्य सरकार का अभियान जारी रहेगा।" मुख्यमंत्री ने पुलिस ऑपरेशन की भी सराहना की। पुलिस मंगलवार तड़के करीब 3 बजे मोहम्मदबाज़ार के देउचा में मिनार के घर पहुंची थी। इसके बाद, पुलिस की एक टीम ने उसे हिरासत में लिया और मोहम्मदबाज़ार पुलिस स्टेशन ले गई, जबकि दूसरी टीम ने उस जगह की तलाशी शुरू कर दी। पुलिस स्टेशन में पूछताछ के दौरान, मिनार ने बताया कि पैसे एक अलमारी और दूसरी जगहों पर छिपाकर रखे गए थे। बुधवार सुबह, इतनी बड़ी रकम को गिनने के लिए नोट गिनने वाली पाँच मशीनें और पाँच बड़े बक्से मँगाए गए। सेंट्रल फ़ोर्स की सुरक्षा में, मिनार के घर से बरामद पैसे को बुधवार रात सूरी में बीरभूम के पुलिस सुपरिटेंडेंट के ऑफ़िस ले जाया गया। तलाशी पूरी रात चलती रही; बिजली जाने की आशंका के कारण उस दिन दोपहर में ही मिनार के घर पर एक जनरेटर भी पहुँचा दिया गया था। इससे पहले, पुलिस पूछताछ के लिए मिनार के बेटे को स्टेशन ले गई थी। मिनार और उसका बेटा दोनों बुधवार रात तक मोहम्मद बाज़ार पुलिस स्टेशन में ही रहे।कैसे आया था बेटी के शादी के बाद सुर्खियों में : पिछले साल मिनार मंडल की बेटी की शादी बहुत ही धूम-धाम से हुई थी। इस शादी में बॉलीवुड के कई चर्चित सितारे शामिल हुए थे।अभिनेता अर्बाज खान, अभिनेत्री जरीन खान, गायक मोनाली ठाकुर जैसी हस्तियां इस शादी में शामिल हुई थी। मोनाली ठाकुर ने इस शादी में गाना भी गाया था।।साथ ही बंगाली सिनेमा जगत के भी कई सितारे इस शादी में नजर आए थे। बंगाली फिल्म कलाकार, अंकुश हाजरा, सुमित गांगुली और दर्शना बनिक भी इस शादी में शरीक हुए थे। भाजपा और CPM ने इसपर सवाल उठाया था। मेहमानों के लिए शहर और जिले के लगभग सभी होटलों को बुक किया गया था। पिछले साल 28 दिसंबर को बीरभूम के सूरी में यह शादी हुई थी। मिनार मंडल के रिश्तेदार तुलु मंडल भी पत्थर व्यापारी हैं। वे TMC के करीब माने जाते हैं।खास बात तो ये है कि ED ने मवेशी तस्करी मामले में उन्हें समन भेजा है। ।बता दें, मिनार मंडल कुछ साल पहले तक सरकारी बस ड्राइवर थे, लेकिन फिर उन्होंने अपने रिश्तेदार तुलु मंडल की व्यापार में मदद करने के लिए यह काम छोड़ दिया था। इसके बाद वे पत्थर व्यापारी बने थे।।यह रिकवरी बीरभूम में कथित अवैध माइनिंग और रेवेन्यू के नुकसान के खिलाफ़ चल रही व्यापक कार्रवाई के बीच हुई है। यह जिला लंबे समय से अवैध पत्थर खनन और पत्थर के व्यापार से जुड़े संगठित अपराध के आरोपों के कारण जांच के दायरे में रहा है।पुलिस ने कहा कि तलाशी अभियान के दौरान मीनार और उसके बेटे को घर पर ही हिरासत में ले लिया गया और उनसे उन संभावित अतिरिक्त ठिकानों के बारे में पूछताछ की जा रही थी, जहां नकदी छिपाई जा सकती थी. इस संबंध में एक सूत्र ने कहा, “मीनार मंडल इलाके के उन सात टोल गेटों में से एक का प्रभारी था, जहां से पत्थर खदानों के ट्रक गुजरते थे, और वह ट्रांसपोर्टर से राजस्व वसूला करता था. आशंका है कि उसने सरकारी खजाने में जाने वाली भारी नकदी की धोखाधड़ी की है, और यह उस संपत्ति का एक हिस्सा है, जिसे पुलिस ने अब बरामद किया है.” पुलिस के मुताबिक, मीनार पहले नॉर्थ बंगाल स्टेट ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन में ड्राइवर के पद पर कार्यरत था. कुछ साल पहले वह नौकरी छोड़कर अपने रिश्तेदार के पत्थर के कारोबार में शामिल हो गया था।
ED जांच इन बातों पर फोकस करेगी: टुल्लू मंडल ने कथित तौर पर सैकड़ों करोड़ की दौलत कैसे जमा की। गैर-कानूनी रेत माइनिंग, पत्थर की खदान और DCR (डिस्पैच क्लीयरेंस रिसीट) फ्रॉड में उनकी कथित भूमिका। असरदार पॉलिटिकल और बिज़नेस हस्तियों के साथ कथित लिंक, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या उन्हें अनुब्रत मंडल का संरक्षण मिला था या उनके कोलकाता तक कनेक्शन थे। उनके कथित लग्ज़री एसेट्स, ज़मीनें, और यह दावा कि दुबई में उनका एक होटल है। उनकी बेटी की हाई-प्रोफाइल शादी और उनके दामाद के परिवार के सोने की तस्करी के एक मामले से कथित लिंक। क्या गैर-कानूनी खदान से हुए कथित रेवेन्यू लॉस से सिर्फ़ लोकल पॉलिटिकल नेताओं को फ़ायदा हुआ या यह एडमिनिस्ट्रेशन के ऊँचे लेवल तक फैला।
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