- पत्नी कर रही थी नेतृत्व, पुलिस ने चटकाई लाठी जान बचाने के लिए नदी ने लगाई छलांग
अशोक झा/कोलकाता: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फलता इलाके में उस समय बड़ा हंगामा खड़ा हो गया, जब गिरफ्तार किए गए चर्चित TMC नेता जहांगीर खान को छुड़ाने के लिए उसके समर्थकों ने थाने पर धावा बोल दिया।देखते ही देखते हालात इतने बिगड़ गए कि व्यवस्था संभालने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों को लाठीचार्ज करना पड़ा। कार्रवाई के दौरान कई लोग मौके से भाग निकले, जबकि कुछ लोगों ने बचने के लिए पास की नदी में छलांग लगा दी। स्थानीय लोगों के अनुसार, पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब जहांगीर खान की पत्नी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समर्थक फलता थाने के बाहर जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए थाने का घेराव कर लिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आरोप है कि भीड़ का उद्देश्य जहांगीर खान को पुलिस हिरासत से छुड़ाना था। स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने थाने के मुख्य गेट के पास धक्का-मुक्की शुरू कर दी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले स्थानीय पुलिस ने समझाने की कोशिश की, लेकिन जब लोग नहीं माने तो केंद्रीय बलों को आगे आना पड़ा।
जैसे ही केंद्रीय बलों ने भीड़ को पीछे हटाने के लिए लाठीचार्ज शुरू किया, वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग इधर-उधर भागने लगे। कई प्रदर्शनकारी जान बचाने के लिए नजदीक बह रही नदी की ओर दौड़े और उसमें कूद गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ लोगों को नदी तैरकर दूसरी तरफ जाते हुए भी देखा गया। इस घटना के वीडियो और तस्वीरें भी इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।इस बीच, जहांगीर खान की पहली पांच दिन की पुलिस हिरासत पूरी होने के बाद उसे डायमंड हार्बर की अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने अदालत को बताया कि मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच अभी बाकी है और इसके लिए अतिरिक्त समय की जरूरत है। पुलिस की दलील सुनने के बाद अदालत ने जांच एजेंसी को राहत देते हुए जहांगीर खान की पुलिस हिरासत छह दिन और बढ़ा दी। अब पुलिस उससे जुड़े मामलों में आगे पूछताछ करेगी।
कभी इलाके में था दबदबा, अब माफी मांगता दिखे
फलता क्षेत्र में जहांगीर खान का नाम लंबे समय तक काफी प्रभावशाली माना जाता रहा है। स्थानीय लोग बताते हैं कि उसके नाम से लोग डरते थे। लेकिन गिरफ्तारी के बाद तस्वीर बदलती दिखाई दे रही है।
हाल के दिनों में जहांगीर खान को पुलिस सुरक्षा के बीच सिर झुकाकर चलते देखा गया। कुछ जगहों पर वह लोगों से माफी मांगते भी नजर आए। इस वजह से उनकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है।
नेपाल सीमा के पास हुई थी गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार, कानूनी राहत समाप्त होने के बाद जहांगीर खान काफी समय तक फरार रहे थे। पुलिस और जांच एजेंसियां उनकी तलाश कर रही थीं। आखिरकार राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने उन्हें उत्तर बंगाल के भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के पास से गिरफ्तार कर लिया।
कई गंभीर आरोपों का सामना कर रहे जहांगीर खान
जहांगीर खान पर कई तरह के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों की शिकायत है कि उसने अवैध रूप से जमीनों पर कब्जा किया, लोगों से जबरन पैसे वसूले और इलाके में डर का माहौल बनाया। इन आरोपों की जांच फिलहाल जारी है।
पुलिस हिरासत बढ़ाए जाने के बाद फलता थाने और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए केंद्रीय बलों और पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है।
दुनियाभर के घुमक्कड़ पत्रकारों का एक मंच है,आप विश्व की तमाम घटनाओं को कवरेज करने वाले खबरनवीसों के अनुभव को पढ़ सकेंगे
https://www.roamingjournalist.com/