- भारत नेपाल सीमान्त पशुपति फाटक के रास्ते नेपाल भागने की कर रहा था तैयारी
अशोक झा/ कोलकाता: बंगाल STF ने सोमवार को TMC के 'पुष्पा' जहांगीर खान पर बड़ी कार्रवाई की। उन्हें नेपाल बोर्डर से गिरफ्तार किया गया। जहांगीर पश्चिम बंगाल और नेपाल के बॉर्डर पर बने पशुपतिनाथ मार्केट के रास्ते नेपाल भाग गया था।लंबे समय से फरार चल रहे जहांगीर की गिरफ्तारी को सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, जहांगीर खान के खिलाफ फाल्टा थाने में जबरन वसूली, धमकी देने, राजनीतिक हिंसा और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने से जुड़े सात से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे।
कोर्ट से झटका मिलते ही हुए फरार: हाल ही में कलकत्ता हाई कोर्ट ने जहांगीर खान को बड़ा झटका देते हुए उनकी अंतरिम सुरक्षा की अवधि बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया था। कानूनी शिकंजा कसते देख वे फरार हो गए थे, जिसके बाद एसटीएफ लगातार उनकी तलाश में जुटी थी। जहांगीर खान अपने चुनावी अभियानों के दौरान बेहद आक्रामक और विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहे। चुनाव प्रचार के वक्त उन्होंने कहा था मैं पुष्पा हूं, झुकूंगा नहीं। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के चर्चित आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा के साथ उनके विवाद और बयानों ने भी सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक खूब सुर्खियां बटोरी थीं।
चुनावी नतीजों के बाद दर्ज हुए थे 5 मुकदमे
जहांगीर खान की मुश्किलें 4 मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही बढ़ गई थीं। नतीजों के ठीक बाद पुलिस ने उनके खिलाफ अलग-अलग मामलों में 5 एफआईआर दर्ज की थीं। तभी से पुलिस को उनकी तलाश थी, जिसका अंत अब नेपाल में हुई इस बड़ी गिरफ्तारी के साथ हुआ है। इन मामलों के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में कई जगहों पर छापेमारी कर रही थी।
कैसे पकड़ा गया 'फाल्टा का पुष्पा'?: पश्चिम बंगाल में हुए हालिया विधानसभा चुनाव के दौरान जहांगीर खान का एक वीडियो भी खूब वायरल हुआ था।इसमें वह फाल्टा सीट पर जीत का दावा करते हुए फिल्मी स्टाइल में कह रहा था कि पुष्पा झुकेगा नहीं। इसी के बाद जहांगीर खान को लोग 'फाल्टा का पुष्पा' भी कहकर बुलाने लगे थे।आरोप है कि वह अपने नेटवर्क के जरिये इलाके में दहशत का माहौल बनाकर रखता था और राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाता था।
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह नेपाल भागने की कोशिश कर रहा है। इसी इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे नेपाल सीमा के नजदीक से गिरफ्तार कर लिया गया। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फरारी के दौरान उसे किस-किस का संरक्षण मिला और वह किन ठिकानों पर छिपा हुआ था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जहांगीर खान से पूछताछ के बाद राजनीतिक हिंसा और संगठित अपराध से जुड़े कई मामलों में अहम खुलासे हो सकते हैं। उसकी गिरफ्तारी के बाद दक्षिण 24 परगना के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।
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