अशोक झा/कोलकाता:: अभिषेक बनर्जी को रविवार, 14 जून को फिर से CID के सामने पेश होना होगा। उन्होंने पिछले तीन समन को नजरअंदाज कर दिया था। लेकिन कोर्ट के निर्देश के बाद वह गुरुवार को पूछताछ के लिए पहुंचे. CID हेडक्वार्टर से निकलने के बाद अभिषेक सीधे ममता बनर्जी से मिलने उनके घर पर पहुंचे. करीब 6 घंटे तक हुई पूछताछ के दौरान उनसे मुख्य रूप से चार सवालों के जवाब जांच एजेंसी ने मांगे।सीआईडी ने पूछा क्या आपके पास वह ओरिजिनल प्रस्ताव है, जिसकी एक कॉपी विधानसभा अध्यक्ष को भेजी गई थी? विपक्ष के नेता को चुनने के लिए 6 मई और 19 मई को हुई दो बैठकों में पार्टी के कौन-कौन से लोग मौजूद थे?क्या आपको पता है कि कुछ विधायकों ने कहा है कि प्रस्ताव पर उनके हस्ताक्षर नहीं हैं? कुछ विधायकों ने ब्लॉक लेटर्स में और दूसरों ने सामान्य लिखावट में हस्ताक्षर क्यों किए?
पूछताछ के दौरान भड़के अभिषेक बनर्जी-सूत्र
सीआईडी ने इन सवालों के जवाब अभिषेक बनर्जी से मांगे. सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी अभिषेक से पूछे सवालों के जवाब से संतुष्ट नहीं हुई तो इस दौरान वह कई बार भड़के भी. बता दें कि जांच एजेंसी के सामने पेश होने के लिए अभिषेक को तीन नोटिस मिले थे, जिनको उन्होंने बीमारी और कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती याचिका दायर करने का हवाला देते हुए नजरअंदाज कर दिया था. गुरुवार को जब उनको अदालत से किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम संरक्षण मिला, तब अभिषेक शाम करीब 5:50 बजे सीआईडी मुख्यालय भवानी भवन पहुंचे।दरअसल कोर्ट ने अभिषेक को गुरुवार को शाम 6 बजे तक सीआईडी मुख्यालय में पेश होने का निर्देश दिया था.बता दें कि सांसद अभिषेक बनर्जी को फर्जी हस्ताक्षर मामले में हाईकोर्ट से किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम राहत मिली है.मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।
दुनियाभर के घुमक्कड़ पत्रकारों का एक मंच है,आप विश्व की तमाम घटनाओं को कवरेज करने वाले खबरनवीसों के अनुभव को पढ़ सकेंगे
https://www.roamingjournalist.com/