- पहली बार पूरी रेलवे टीम ने बंगाल सरकार के साथ की बैठक
- पेंडिंग सभी रेल परियोजनाओं को शुरू करने पर बल
अशोक झा/ सिलीगुड़ी:
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पश्चिम बंगाल के लिए कई बड़ी रेलवे परियोजनाओं का ऐलान किया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य को जल्द ही बुलेट ट्रेन की सौगात मिलेगी। उन्होंने बताया कि यह प्रस्तावित हाईस्पीड रेल कॉरिडोर दिल्ली से सिलीगुड़ी तक जाएगा और इसके रास्ते में लखनऊ, वाराणसी और पटना जैसे प्रमुख शहर शामिल होंगे। इस बुलेट ट्रेन के शुरू होने के बाद दिल्ली से सिलीगुड़ी की यात्रा महज छह घंटे में पूरी की जा सकेगी।पश्चिम बंगाल को जल्द ही बुलेट ट्रेन की सौगात मिलने वाली है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के लिए कई बड़ी रेलवे परियोजनाओं का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित हाईस्पीड रेल कॉरिडोर दिल्ली से सिलीगुड़ी तक जाएगा और इसके रास्ते में लखनऊ, वाराणसी और पटना जैसे प्रमुख शहर शामिल होंगे। इस बुलेट ट्रेन के शुरू होने के बाद दिल्ली से सिलीगुड़ी की यात्रा महज छह घंटे में पूरी की जा सकेगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के लिए कई बड़ी रेलवे परियोजनाओं का ऐलान किया है।यह पहला मौका था, जब अश्विनी वैष्णव के साथ पूरा रेलवे बोर्ड कोलकाता दौरे पर पहुंचा और सभी पेंडिंग प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाने चर्चा की। इस मौके पर रेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में रेलवे ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि यूपीए सरकार के समय राज्य के रेलवे विकास के लिए जहां करीब 4,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, वहीं मौजूदा सरकार ने यह राशि बढ़ाकर 14,205 करोड़ रुपये कर दी है। अब तेजी से बढ़ेगा रेल प्रोजेक्ट का काम:
वैष्णव ने कहा कि लंबे समय तक कई रेलवे परियोजनाएं प्रशासनिक मंजूरी और भूमि संबंधी अड़चनों के कारण अटकी रहीं. कुछ मामलों में विवाद अदालतों तक पहुंच गए थे। उन्होंने कहा कि अब इन बाधाओं को दूर कर परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। रेल मंत्री ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल को देश के कई राज्यों से पहले वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक ट्रेनों की सुविधा मिली है. आने वाले समय में राज्य को और भी नई रेल परियोजनाएं मिलने वाली हैं। कोलकाता मेट्रो के लिए भी खास ऐलान
कोलकाता मेट्रो के विकास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 42 वर्षों में जहां केवल 28 किलोमीटर मेट्रो लाइन तैयार हुई थी, वहीं प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में 45 किलोमीटर नई मेट्रो लाइनें बनकर तैयार हुई हैं. उन्होंने बताया कि अगले पांच वर्षों में कोलकाता मेट्रो के लिए 60 अत्याधुनिक नई मेट्रो रेक शामिल की जाएंगी।
रेल मंत्री ने माल परिवहन क्षेत्र में भी बड़े बदलाव की घोषणा की. उन्होंने कहा कि डानकुनी और सूरत को जोड़ने वाला ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जिससे पूर्वी और पश्चिमी भारत के बीच माल परिवहन और तेज तथा सस्ता होगा।
उन्होंने बताया कि राज्य में रेलवे विद्युतीकरण का काम पूरा हो चुका है और आने वाले वर्षों में कई नए रेलवे स्टेशन तथा नई ट्रेन सेवाएं शुरू की जाएंगी. साथ ही, राज्य के सभी विधायकों से संपर्क कर उनके क्षेत्रों की विकास जरूरतों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है ताकि स्थानीय स्तर पर भी रेलवे परियोजनाओं को गति दी जा सके। रेल मंत्री के इन ऐलानों को पश्चिम बंगाल में रेलवे और बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. खास तौर पर दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का प्रस्ताव पूर्वी भारत की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार दे सकता है।
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