- दोनों देशों ने पल्ला झाड़ा, फ्लैग मीटिंग से इनकार, अब दिल्ली पर है टिकी नजर
बांग्लादेश बोर्डर से अशोक झा: पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार आते ही अवैध बांग्लादेशियों में खलबली मची हुई है। अवैध तरीके से भारत आए लोग धीरे-धीरे भागना चाह रहे है। इस कारण अब दोनों देशों के बॉर्डर पर तनाव देखने को मिल रहा है। इस तनातनी के बीच सीमा पर स्थित नो-मैन्स लैंड पर बच्चों और महिलाओं सहित दर्जनों लोग फंसे हुए हैं। यह गतिरोध ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करने और उन्हें वापस भेजने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं। बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) का आरोप है कि पिछले 24 घंटों के दौरान भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने कई जगहों पर लोगों को बांग्लादेशी सीमा में धकेलने की कोशिश की। भारत ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. वहीं BSF ने उल्टा आरोप लगाया है कि BGB अवैध तरीके से लोगों को बॉर्डर पार कराने में लगी थी, जिसे नाकाम कर दिया गया। अगर BGB के आरोपों को देखें तो सवाल उठता है कि आखिर भारत की तरफ से बांग्लादेश में किसी को क्यों भेजा जाएगा। बांग्लादेश का हाल वैसे ही खराब है, तो जाहिर है कि वहां भारतीय तो नहीं जाने वाले. बांग्लादेश वही लोग जाएंगे जो गलत तरीके से बॉर्डर पार कर देश की सीमा में घुसे हैं। यह कोई छुपी हुई बात नहीं है कि बांग्लादेश के लोग अवैध तरीके से भारत में घुसते हैं। बांग्लादेश के सीमा सुरक्षा बल (BGB) ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर दावा किया कि भारतीय बीएसएफ ने गुरुवार और शुक्रवार के शुरुआती घंटों में कई बार लोगों को बांग्लादेशी क्षेत्र में धकेलने की कोशिश की। BGB के अनुसार, पिछले 24 घंटों में सीमावर्ती इलाकों जैसे पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के पास लालमोनिरहाट और पंचगढ़, दक्षिण दिनाजपुर और मालदा के पास नौगांव और मालदा और मुर्शिदाबाद के पास चापाइनवाबगंज में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं।
BGB का दावा है कि उन्होंने जीरो-लाइन पर 70 से अधिक लोगों को बांग्लादेश में प्रवेश करने से रोका है। BGB की 15वीं लालमोनिरहाट बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल मेहंदी इमाम ने बताया, "ये लोग फिलहाल वहीं फंसे हुए हैं और हमारी सेना किसी भी तरह की घुसपैठ को रोकने के लिए हाई अलर्ट पर है।" BGB के मुताबिक, शुक्रवार सुबह नौगांव में 5 बच्चों सहित 17 लोगों को रोका गया। लालमोनिरहाट के तीन इलाकों हातीबांधा, पटग्राम और आदित्यमारी में 33 लोगों को रोका गया। वहीं, गुरुवार तड़के चापाइनवाबगंज में 10 महिलाओं और 6 बच्चों समेत 28 लोगों को जीरो-लाइन पर रोका गया था।
BSF का पलटवार
भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने BGB के इन आरोपों को खारिज करते हुए बिल्कुल अलग दावा किया है। BSF ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने कूचबिहार के मेखलीगंज इलाके के पनिशाला में महिलाओं और बच्चों सहित 10 बांग्लादेशी नागरिकों को भारत में अवैध रूप से घुसाने की BGB की कोशिश को नाकाम कर दिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए BSF ने तुरंत इलाके में अतिरिक्त टुकड़ियों को तैनात कर दिया है ताकि कोई भी भारतीय सीमा में प्रवेश न कर सके। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें BSF और BGB के जवान सीमा पर फंसे कुछ लोगों के सामने इस मुद्दे पर चर्चा करते दिख रहे हैं।
दोनों देशों ने पल्ला झाड़ा, फ्लैग मीटिंग से इनकार
BSF और BGB दोनों ही बलों ने इन 10 लोगों को अपना नागरिक मानने से इनकार कर दिया है, इसलिए वे कड़कड़ाती धूप और असुरक्षित माहौल में सीमा पर फंसे रहने को मजबूर हैं। स्थिति को संभालने के लिए BSF द्वारा एक फ्लैग मीटिंग बुलाने का प्रयास किया गया था, लेकिन खबरों के मुताबिक BGB ने इस बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया। इसके बाद BSF ने सीमा पर गश्त काफी तेज कर दी है।
दिल्ली में होने वाली बैठक पर टिकी नजरें
सीमा पर उपजे इस ताजा विवाद के बीच दोनों देशों के सुरक्षा बलों के शीर्ष अधिकारी जल्द ही आमने-सामने होंगे। पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार, 8 से 11 जून तक नई दिल्ली में 57वीं भारत-बांग्लादेश सीमा समन्वय बैठक आयोजित होने जा रही है। माना जा रहा है कि इस बैठक में जीरो-लाइन पर फंसे लोगों और घुसपैठ के आरोपों का यह मुद्दा बेहद गरमाएगा।
#BSF
दुनियाभर के घुमक्कड़ पत्रकारों का एक मंच है,आप विश्व की तमाम घटनाओं को कवरेज करने वाले खबरनवीसों के अनुभव को पढ़ सकेंगे
https://www.roamingjournalist.com/