- भारत सरकार से लगाई गुहार, कहा इस प्रकार की कार्रवाई दोनों देशों के बीच के संबंध पर असर
अशोक झा/ कोलकाता:
बंगाल में सरकार बदलने के बाद से बांग्लादेश बड़ा बेचैन हुआ फिर रहा है।बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की नई सरकार अवैध घुसपैठियों के खिलाफ पूरी तरह से आक्रामक रुख अपना चुकी है। विधानसभा में बोलते हुए सीएम सुवेंदु अधिकारी ने साफ कर दिया है कि राज्य सरकार केंद्र की 'डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट' (खोजो, नाम हटाओ और बाहर निकालो) की नीति पर बेहद कड़ाई से आगे बढ़ रही है और इससे किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटा जाएगा। वहां की बीएनपी सरकार के नेताओं के पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी के अवैध प्रवासियों को खदेड़ने वाले एक्शन से बड़ी दिक्कत हो रही है। दरअसल, शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के बाद पश्चिम बंगाल में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है। बड़ी संख्या में घुसपैठियों को डिटेंशन सेंटरों में डाला गया है और उन्हें वापस उनके देश भेजा जा रहा है। इसके अलावा उनकी सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़बंदी के लिए जमीन भी मुहैया कराई है, ताकि घुसपैठ को रोका जा सके।
बांग्लादेशी सांसद की मोदी सरकार से अपील:
बांग्लादेश की संसद में वित्त वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित बजट पर चर्चा के दौरान गोलाम मोहम्मद सिराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार से दखल देने की मांग की। उन्होंने कहा, "माननीय स्पीकर, आपके जरिए मैं मोदी सरकार से अपील करता हूँ और साथ ही विनम्रता से कहना चाहता हूँ कि कृपया पश्चिम बंगाल के नेता शुभेंदु बाबू को रोकें। समय-समय पर बांग्लादेश-विरोधी बयान आ रहे हैं, जो बातें वे कह रहे हैं... वे बांग्लादेश-भारत की दोस्ती में बाधा बन गए हैं।"
भारत-बांग्लादेश संबंधों पर दिया जोर: उन्होंने आगे कहा, "हम सभी चाहते हैं कि भारत और बांग्लादेश सम्मानजनक तरीके से दोस्ती बनाए रखें।" हम कभी भी अपने पड़ोसियों को नजरअंदाज़ नहीं कर सकते। न तो भारत और न ही बांग्लादेश ऐसा कर सकता है।" मोहम्मद सिराज ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर पुश इन की कोशिशों के साथ ही सीमा पर ड्रग फैक्ट्रियों का भी जिक्र किया। उन्होंने दोनों देशों की सरकारों से इसे बंद करने की मांग की।बीएनपी सांसद गोलाम मोहम्मद सिराज ने आज भारत से पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को 'रोकने' के लिए कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि शुभेंदु अधिकारी के बयानों से बांग्लादेश और भारत के बीच अच्छे संबंध बनाने में रुकावट आ रही है।दरअसल, शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के बाद पश्चिम बंगाल में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है। बड़ी संख्या में घुसपैठियों को डिटेंशन सेंटरों में डाला गया है और उन्हें वापस उनके देश भेजा जा रहा है। इसके अलावा उनकी सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़बंदी के लिए जमीन भी मुहैया कराई है, ताकि घुसपैठ को रोका जा सके।
बांग्लादेशी सांसद की मोदी सरकार से अपील: बांग्लादेश की संसद में वित्त वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित बजट पर चर्चा के दौरान गोलाम मोहम्मद सिराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार से दखल देने की मांग की। उन्होंने कहा, "माननीय स्पीकर, आपके जरिए मैं मोदी सरकार से अपील करता हूँ और साथ ही विनम्रता से कहना चाहता हूँ कि कृपया पश्चिम बंगाल के नेता शुभेंदु बाबू को रोकें। समय-समय पर बांग्लादेश-विरोधी बयान आ रहे हैं, जो बातें वे कह रहे हैं... वे बांग्लादेश-भारत की दोस्ती में बाधा बन गए हैं।"
भारत-बांग्लादेश संबंधों पर दिया जोर: उन्होंने आगे कहा, "हम सभी चाहते हैं कि भारत और बांग्लादेश सम्मानजनक तरीके से दोस्ती बनाए रखें।" हम कभी भी अपने पड़ोसियों को नजरअंदाज़ नहीं कर सकते। न तो भारत और न ही बांग्लादेश ऐसा कर सकता है।" मोहम्मद सिराज ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर पुश इन की कोशिशों के साथ ही सीमा पर ड्रग फैक्ट्रियों का भी जिक्र किया। उन्होंने दोनों देशों की सरकारों से इसे बंद करने की मांग की।
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