- ममता बनर्जी की आखिरी कोशिश भी हो रही फेल,लगातार संकट गहराया
अशोक झा/ कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास पर हुई उच्च-स्तरीय बैठक खत्म हो गई है। बैठक के बाद पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी ने एक तीखा बयान दिया है।उन्होंने स्पीकर द्वारा नियुक्त किए गए विपक्ष के नेता के पद को पूरी तरह गैर-कानूनी बताया और इसके खिलाफ सोमवार को कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर करने की घोषणा की।बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कल्याण बनर्जी ने कहा, "हमने तय किया है कि स्पीकर की ओर से नियुक्त विपक्ष के नेता का पद गैर-कानूनी है। हम इसके खिलाफ सोमवार को कोर्ट जाएंगे। हम हाई कोर्ट में याचिका दायर करेंगे।"उन्होंने आगे आरोप लगाते हुए कहा, "BJP जिस तरह से TMC कार्यकर्ताओं की हत्या कर रही है और उन पर झूठे केस दर्ज कर रही है, हम उसके खिलाफ लड़ेंगे। हम सड़कों पर भी लड़ेंगे और कोर्ट में भी।"इससे पहले भी ममता ने बैठक बुलाई थी, जिसमें 80 में से सिर्फ 20 विधायक ही पहुंचे, जिसके चलते बैठक रद्द कर दी गई।
ममता ने क्यों बुलाई थी आज की बैठक?
ममता बनर्जी ने इससे पहले 31 मई को अपने विधायकों की बैठक बुलाई थी। उसमें 80 में से 20 विधायक ही पहुंचे. इतने कम विधायकों के आने पर बैठक ही रद्द कर दी गई. बाद में पार्टी नेता कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि सभी विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं के साथ हैं. इसके चलते बैठक रद्द कर दी गई है. सांसदों की बात करें तो पार्टी के कुल 29 सांसद थे, जिसमें से एक सांसद का निधन हो गया. अब पार्टी के 28 सांसद हैं, जिसमें से 6 ही बैठक में पहुंचे। राज्यसभा में टीएमसी के 13 सांसद हैं, जिसमें से 2 बैठक में पहुंचे. बताया जा रहा कि ममता ने शक्ति प्रदर्शन के इरादे से पूर्व विधायकों को भी बैठक में बुलाया था. लेकिन उनमें से भी सिर्फ 3 के बैठक में पहुंचने की खबर है. ममता को जरा भी अंदाजा नहीं था कि उनके बुलाने पर इतने कम नेता पहुंचेंगे.
ऋतब्रत को नेता विपक्ष बनाने पर HC जाएंगी ममता
इसके अगले ही दिन ममता ने पार्टी विरोधी काम करने के आरोप में दो विधायकों ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को पार्टी से निकाल दिया था. पार्टी से बाहर होने पर ऋतब्रत ने 58 विधायकों को अपने पाले में मिलाकर नेता विपक्ष का दावा किया, जिसे स्पीकर ने मान लिया. इसके बाद ऋतब्रत ने कहा था कि यह वह तृणमूल नहीं है. तृणमूल अब कॉर्पोरेट एजेंसी बन गई है. इधर ममता ने ऋतब्रत बनर्जी को नेता विपक्ष बनाने पर स्पीकर के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाने का फैसला किया है.
नेताओं ने TMC छोड़ी या ममता से किया किनारा
चुनाव में करारी हार मिलने के बाद से टीएमसी में भगदड़ जैसी स्थिति बनी हुई है. पार्टी के कई नेता टीएमसी या तो छोड़ दिए हैं, या फिर ममता से किनारा कर लिए हैं. सभी को डर है कि अगर उन्होंने ममता का साथ दिया तो सुवेंदु सरकार उन पर एक्शन ले सकती है. वैसे भी सुवेंदु ने सीएम बनने के बाद साफ कहा है कि टीएमसी के एक-एक घोटाले की वे जांच कराएंगे. इसी के तहत अब ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी को ईडी ने नोटिस दिया है.
ये नेता पहुंचे ममता के घर
विधायक
बीना मंडल
अशिमा पात्रा
मदन मित्रा
कुणाल घोष
फिरहाद हकीम
शोभनदेव चट्टोपाध्याय
बिमान बनर्जी
अशोक कुमार देब
सांसद
डोला सेन
माला रॉय
कल्याण बनर्जी
अभिषेक बनर्जी
डेरेक ओ'ब्रायन
सुदीप बंद्योपाध्याय
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