कोलकाता के पूर्व DCP शांतनु सिन्हा बिस्वास को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके नाम पर एक ‘लुक आउट’ नोटिस जारी किया गया था।इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की गई है। आरोप है कि उन्होंने एक अधिकारी के बजाय पार्टी कार्यकर्ता की तरह काम किया और उन पर कई घोटालों से जुड़े आरोप हैं। करीब एक हफ्ते पहले शांतनु के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया था। ईडी ने सोना पप्पू केस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ये नोटिस जारी किया था। शांतुन के देश छोड़कर भागने की आशंका थी. ED ने पिछले महीने शांतनु सिन्हा बिस्वास के घर और उनके कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। शांतनु सिन्हा पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बेहद करीबी माने जाते हैं। हाल ही में उन्हें ममता सरकार के धरने के दौरान मंच पर देखा गया था। दरअसल, यह कार्रवाई ‘सोना पप्पू’ से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग, जमीन कब्जाने और रंगदारी वसूली के मामले में की गई है। इसके अलावा उन पर बालू तस्करी से जुड़े वित्तीय लेन-देन के भी आरोप हैं।
क्या है सोनू पप्पू से जुड़ा मामला?: फरवरी में कोलकाता के गोलपार्क इलाके में दो गुटों के बीच भयंकर गैंगवार हुई थी। इस दौरान जमकर बमबाजी, गोलीबारी और पथराव हुआ।पुलिस ने इस मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह पूरा विवाद इलाके में अपना दबदबा बनाने को लेकर था। लोगों का कहना है कि सोनू पप्पू इस इलाके पर अपना राज कायम करना चाहता था, इसलिए उसने यह हमला प्लान किया था।
पप्पू ने साल 2010-11 में कंस्ट्रक्शन के बिजनेस में कदम रखा। इसके बाद से वह लगातार अपराध की दुनिया में शामिल रहा है। साल 2015 में उसने बालीगंज रेल यार्ड पर कब्जा करने की कोशिश की, जिससे उसकी दुश्मनी दूसरे अपराधी मुन्ना पांडे से हो गई। वहीं, साल 2017 में स्विन्हो लेन इलाके पर कब्जे की लड़ाई में पलाश जाना नाम के शख्स की हत्या हो गई थी। इस मर्डर केस में पुलिस ने पप्पू को जलपाईगुड़ी से गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में उसे कोर्ट से जमानत मिल गई थी। ( बंगाल से अशोक झा की रिपोर्ट )
#WestBengal
दुनियाभर के घुमक्कड़ पत्रकारों का एक मंच है,आप विश्व की तमाम घटनाओं को कवरेज करने वाले खबरनवीसों के अनुभव को पढ़ सकेंगे
https://www.roamingjournalist.com/