- यज्ञ में भाग लिया और चंद्रोदय मंदिर में भी की प्रार्थना, आध्यात्मिक विकास को लेकर संतो से हुई चर्चा
अशोक झा /कोलकाता: बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी गुरुवार को नदिया जिले स्थित ISKCON मुख्यालय मायापुर पहुंचे, जहां उन्होंने गौ पूजा की, साष्टांग प्रणाम किया और साधु-संतों से मुलाकात की।
इस दौरे को आध्यात्मिक के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टि से भी काफी अहम माना जा रहा है। सुबह लगभग 11:30 बजे, पारंपरिक धोती-कुर्ता पहने अधिकारी गौशाला पहुंचे, जहां उन्होंने 'गौ सेवा' कार्यक्रम के तहत गायों को भोजन कराया।
इसके बाद, उन्होंने यज्ञ में भाग लिया और चंद्रोदय मंदिर में प्रार्थना की। मुख्यमंत्री बनने के बाद सुवेंदु अधिकारी की मायापुर ISKCON धाम की यह पहली यात्रा थी। सीएम के दौरे के मद्देनजर मायापुर में व्यापक सुरक्षा इंतजाम थे। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रमुख प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग की गई और कुछ हिस्सों में आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाई गई थी।
ISKCON के एक प्रवक्ता ने कहा कि 'मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला मायापुर दौरा है। उन्होंने 'गोपी-जन गौ सेवा' और यज्ञ अनुष्ठान में भाग लिया। साधुओं के साथ उनका विशेष संवाद सत्र भी आयोजित किया गया।' तो वहीं मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के इस्कॉन दौरे पर भाजपा विधायक श्रुतिशेखर गोस्वामी ने कहा कि "वे यहाँ किसी संगठनात्मक या राजनीतिक उद्देश्य से नहीं आए थे, वे तो इस्कॉन में गौ माता की सेवा करने और संतों से मिलने-जुलने आए थे।'पश्चिम बंगाल के Nadia जिले में स्थित मायापुर को दुनियाभर में ISKCON का प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र माना जाता है।यह स्थान भगवान श्रीकृष्ण और चैतन्य महाप्रभु की भक्ति परंपरा से जुड़ा हुआ है। माना जाता है कि चैतन्य महाप्रभु का जन्म इसी क्षेत्र में हुआ था। यहां हर साल लाखों श्रद्धालु और विदेशी भक्त पहुंचते हैं। मंदिर परिसर बेहद विशाल है और यहां भव्य आरती, कीर्तन, गौशाला और वैदिक शिक्षा केंद्र आकर्षण का केंद्र हैं। जब गौशाला में गायों के बीच पहुंचे दादा: मायापुर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने किसी भी प्रकार के प्रोटोकॉल की औपचारिकता को आड़े नहीं आने दिया।मंदिर परिसर की गौशाला में प्रवेश करते ही मुख्यमंत्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गौ माता की पूजा की। उन्होंने गायों को केला, सेव और मंदिर का विशेष मिष्ठान्न खिलाया उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए यह एक दुर्लभ दृश्य था, जब राज्य का मुखिया एक साधारण सेवक की भांति गौशाला में समय बिता रहा था। सीएम ने कुछ समय ध्यान भी लगाया।
इस्कॉन के संतों के साथ बंद कमरे में मंथन: गौ पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने इस्कॉन मंदिर प्रबंधन और वहां के वरिष्ठ साधु-संतों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की. बैठक में मायापुर को 'विश्व आध्यात्मिक राजधानी' के रूप में विकसित करने और बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इस्कॉन के शिक्षण संस्थानों के कार्यों का जायजा : लिया और राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया. इस मुलाकात को बंगाल में सनातन मूल्यों की पुनर्स्थापना के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
चप्पे-चप्पे पर पहरा, छावनी में तब्दील मायापुर: मुख्यमंत्री के इस हाई-प्रोफाइल दौरे को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे. पुलिस के आला अधिकारियों ने सुबह से ही कमान संभाल ली थी. मायापुर के सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग की गयी थी. मुख्यमंत्री की एक झलक पाने के लिए सुबह से ही देश-विदेश से आये श्रद्धालु और स्थानीय लोग मंदिर के बाहर कतारों में खड़े रहे. संवेदनशील इलाकों और मंदिर परिसर की निगरानी के लिए पुलिस ने ड्रोन का भी सहारा लिया.
सॉफ्ट हिंदुत्व या सांस्कृतिक राष्ट्रवाद?: शुभेंदु अधिकारी का मायापुर जाना और वहां गौ पूजा करना बंगाल की बदलती राजनीति का एक बड़ा संकेत है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शुभेंदु अधिकारी इस्कॉन जैसे वैश्विक मंच के जरिये बंगाल की जनता को यह संदेश देना चाहते हैं कि उनकी सरकार विकास के साथ-साथ राज्य की जड़ों और धर्म की रक्षा के लिए भी उतनी ही गंभीर है।
भव्य गौशाला मंदिर का प्रमुख आकर्षण
विश्वभर से श्रद्धालु - रूस, अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका समेत कई देशों से भक्त यहां आते हैं।
भव्य गौशाला - यहां सैकड़ों गायों की सेवा की जाती है
रंगीन उत्सव - गौर पूर्णिमा, जन्माष्टमी और रथ यात्रा के दौरान मायापुर में भव्य आयोजन होते हैं।
वैदिक संस्कृति का केंद्र - संस्कृत, भगवद गीता और वैदिक जीवनशैली की शिक्षा दी जाती है।
आध्यात्मिक पर्यटन - गंगा नदी के किनारे स्थित यह जगह शांत वातावरण और आध्यात्मिक अनुभव के लिए प्रसिद्ध है।
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