अशोक झा/ सिलीगुड़ी: बंगाल में सत्ता परिवर्तन होने के बाद टीएमसी नेताओं पर एक्शन जारी है। अब इसी बीच राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी चीफ ममता बनर्जी के खिलाफ सिलीगुड़ी में आपराधिक धमकी देने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। सुवेंदु अधिकारी नए मुख्यमंत्री बने। सत्ता से बेदखल होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
आरोप है कि उन्होंने 2025 में रेड रोड पर ईद कार्यक्रम और 2026 चुनाव से पहले रैली में हिंदू समुदाय और हिंदुत्व के खिलाफ भड़काऊ, ध्रुवीकरण कारी बयान दिए। यह मामला सिर्फ एक FIR नहीं, बल्कि TMC के अंदरूनी टूटते गठबंधन, विपक्षी हमलों और बंगाल की सांप्रदायिक राजनीति का आईना बन गया है। FIR का आधार क्या? क्या कहा था ममता ने? आइए जानते हैं...FIR का आधार: क्या-क्या कहा था ममता ने? भाजपा कार्यकर्ता और वकील रिंकी चटर्जी ने शिकायत दर्ज कराई। मुख्य आरोप दो घटनाओं से जुड़े हैं:-
2025 ईद कार्यक्रम, रेड रोड, कोलकाता: ममता बनर्जी ने कहा था कि मैं रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद वाला धर्म मानती हूं, BJP वाला 'गंदा धर्म' नहीं।' उन्होंने BJP पर हिंदू धर्म को 'गंदा' बनाने का आरोप लगाया। BJP ने इसे हिंदू धर्म का अपमान बताया। शुभेंदु अधिकारी और अमित मालवीय ने इसे हिंदू-विरोधी करार दिया।
2026 चुनाव पूर्व रैली: कथित तौर पर हिंदू समुदाय को लक्ष्य करते हुए बयान दिए गए, जिसमें 'हम हैं इसलिए आप सुरक्षित हैं' जैसी टिप्पणियां शामिल बताई जा रही हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि इन बयानों से धार्मिक सद्भाव भंग हुआ और सांप्रदायिक तनाव बढ़ा।।रिंकी चटर्जी ने बताया कि 2025 में उन्होंने प्रधाननगर पुलिस स्टेशन में शिकायत करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने शिकायत लेने से इनकार कर दिया और उनके साथ बदसलूकी की। सत्ता परिवर्तन के बाद अब सिलीगुड़ी साइबर पुलिस में मामला दर्ज हुआ है। उन्होंने कहा कि मैं कानून की सबसे सख्त कार्रवाई का इंतजार कर रही हूं।
TMC में दरार: अत्री शर्मा का बयान
सबसे बड़ा झटका TMC के अंदर से आया। दार्जिलिंग जिला TMC महासचिव और वकील अत्री शर्मा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को सत्ता में रहते हुए ऐसी टिप्पणियां नहीं करनी चाहिए थीं। हम जो पार्टी के प्रति वफादार रहे, इस रुख का समर्थन नहीं कर सकते। हालांकि, हर किसी को कानूनी रास्ते से शिकायत करने का लोकतांत्रिक अधिकार है। यह बयान TMC खेमे में हलचल मचा गया। विश्लेषकों का मानना है कि यह लंबे समय से दबी नाराजगी का खुला प्रदर्शन है। सत्ता हारने के बाद पार्टी में टूट के संकेत साफ दिख रहे हैं।
अभिषेक बनर्जी पर भी कार्रवाई हुई: ममता के भतीजे और TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी पर भी दबाव बढ़ा है। उनके खिलाफ भड़काऊ बयानों के लिए अलग FIR दर्ज।
सोमवार को कोलकाता पुलिस उनकी 'शांति निकेतन' रेसिडेंस पहुंची। टीम ने सुरक्षा से जुड़ा LED मॉनिटर और हार्ड डिस्क जब्त किए। KMC ने 17 संपत्तियों को अनधिकृत निर्माण के नोटिस दिए। Z+ सुरक्षा वापस ली जा चुकी है।
TMC ने इसे 'राजनीतिक प्रतिशोध' बताया, जबकि BJP ने 'कानून का राज' कहा। Falta उपचुनाव: TMC की करारी हार: Falta में TMC उम्मीदवार जहांगीर खान मात्र 7,783 वोटों पर सिमट गए और जमानत जब्त हो गई। BJP के देबांग्शु पांडा ने भारी मतों से जीत हासिल की। यह परिणाम TMC के पतन का प्रतीक माना जा रहा है।
ममता बनर्जी का बचाव: TMC का पक्ष है कि ममता का बयान BJP की 'फूट डालो और राज करो' नीति के खिलाफ था। उन्होंने हमेशा कहा कि सभी धर्मों का सम्मान, लेकिन राजनीतिक दुरुपयोग नहीं।" ममता खुद को हिंदू मानती हैं और रामकृष्ण-विवेकानंद परंपरा का हवाला देती रही हैं।
विपक्ष का आरोप है कि 2011-2026 के शासनकाल में सांप्रदायिक हिंसा की कई घटनाएं हुईं, संदेशखाली, रैशन राशन घोटाला और तुष्टीकरण की राजनीति ने बंगाल को बांटा।
कानूनी पहलू क्या है?।IPC की धाराएं: धार्मिक भावनाएं भड़काने (295A, 153A, 505) आदि। IT एक्ट के तहत साइबर अपराध। सिलीगुड़ी पुलिस जांच कर रही है। FIR के आधार पर समन, पूछताछ या गिरफ्तारी हो सकती है।
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