बांग्लादेश बोर्डर से अशोक झा : पश्चिम बंगाल में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत और खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की करारी हार ने भारत ही नहीं, पड़ोसी बांग्लादेश के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। ढाका के सत्ता के गलियारों से लेकर सोशल मीडिया मंच पर इन नतीजे को लेकर चिंता और उम्मीदों का मिला-जुला माहौल है. सोशल मीडिया पर इसे मुस्लिम राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने प्रतिक्रिया में कहा कि भारत को लेकर हमारी विदेश नीति पर बंगाल के चुनाव नतीजों का कोई असर नहीं पड़ेगा। हमारी 'बांग्लादेश फर्स्ट' की नीति है। दूसरे देश में चाहे किसी भी पार्टी की सरकार हो, उससे हमारी विदेश नीति नहीं बदलती है. शमा ने पत्रकारों से बंगाल के चुनाव को लेकर कहा कि पहली बात तो यह कि इससे बीएनपी का कोई लेना-देना नहीं है। चुनाव भारत में हो रहे हैं, यह भारत का आंतरिक मामला है और उसके लोकतंत्र से जुड़ा है। हमारा मानना है कि हमारे देश में लोकतंत्र होना चाहिए। साथ ही भारत समेत सभी पड़ोसी देशों में भी लोकतंत्र मजबूत होना चाहिए। बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 206 पाई, वहीं ममता बनर्जी की पार्टी जो बीते 15 सालों से सत्ता में थी, इस बार के चुनाव में मात्र 80 सीटों पर ही सिमट कर रह गई। पश्चिम बंगाल में बीजेपी पहली बार सरकार बनाने जा रही है। इस ऐतिहासिक जीत की गूंज से पाकिस्तान और बांग्लादेश में भी हलचल रही.
बांग्लादेशी मीडिया में बेचैनी, बताया मोदी की बड़ी उपलब्धी: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बांग्लादेशी घुसपैठिए बहुत बड़ा मुद्दा था, बीजेपी भी बाहरी घुसपैठियों को बाहर निकालने और CAA को लेकर बातें करती है, इसलिए बांग्लादेशी मीडिया में इस जीत को लेकर काफी चर्चा है. द डेली स्टार ने अपनी रिपोर्ट में बीजेपी की बंगाल में आंधी टाइटल के साथ खबर छापी। द डेली स्टार ने लिखा कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पार्टी ने पश्चिम बंगाल में शानदार चुनावी जीत हासिल की, जिससे पूरे देश में सत्ता पर उनकी अभूतपूर्व पकड़ और मजबूत हो गई. द डेली स्टार ने आगे लिखा कि बीजेपी की बंगाल में जीत मोदी के 12 साल के शासनकाल की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक मानी जाएगी। यह सिर्फ तीन बार सत्ता में काबिज रही पार्टी की हार नहीं है, बल्कि पूर्वी भारत में पार्टी की सत्ता से दूर रहने की लंबी यात्रा का समापन है।
पाकिस्तानी मीडिया ने क्या लिखा?: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत को पाकिस्तान के प्रतिष्ठित अखबार डॉन ने अपनी प्रमुख सुर्खियों में जगह दी है. डॉन ने लिखा कि भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष के गढ़ कहे जाने वाले पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड जीत हासिल की है. डॉन ने लिखा कि बंगाल चुनाव में एक बड़ा विवाद यह रहा कि मतदाता सूची से लाखों नाम हटाए गए. सरकार का कहना था कि यह कदम फर्जी या अयोग्य वोटरों को हटाने के लिए उठाया गया है. लेकिन आलोचकों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में गरीब, हाशिए पर रहने वाले और अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों के नाम ज्यादा हटाए गए, जिससे यह कार्रवाई पक्षपातपूर्ण लगती है. विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी की इस जीत से भारत के बॉर्डर पर कड़ाई और भी बढ़ सकती है.
हिंदू राष्ट्रवाद की बड़ी जीत-द न्यूयॉर्क टाइम्स
दुनिया भर में सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स ने बीजेपी की जीत को 'हिंदू राष्ट्रवाद की एक और बड़ी जीत' के रूप में देखा है. NYT ने लिखा कि मोदी के हिंदू राष्ट्रवादियों ने विपक्ष के आखिरी गढ़ को भी फतह कर लिया है. अमेरिकी मीडिया ने इस बात पर भी गौर किया कि विपक्ष ने चुनावों में धांधली के आरोप लगाए हैं, लेकिन बीजेपी की विशाल बढ़त ने यह साबित कर दिया है कि पश्चिम बंगाल की जनता ने बदलाव की ओर रुख किया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने बाहरी घुसपैठियों को बड़ा मुद्दा बनाया, और सत्ता में आने पर कड़े एक्शन की बात कही.इसी का परिणाम सामने आया है. बीजेपी ने पश्चिम बंगाल के कानून व्यवस्था को भी टारगेट किया और लोगों को गुंडा राज्य से छुटकारा दिलाने की बात कही. जिसके बाद के परिणाम ने सबको हैरान कर दिया है. बीजेपी की इस प्रचंड जीत और उनके सख्त रुख ने पड़ोसी देशों में हलचल मचा दी है; जहां बांग्लादेशी मीडिया से लेकर पाकिस्तान के अखबार Dawn ने इसे विपक्ष के गढ़ में मोदी की 'रिकॉर्ड' जीत बताया है। वहीं अमेरिकी मीडिया The New York Times ने भी इसे हिंदू राष्ट्रवादियों द्वारा विपक्ष के आखिरी बड़े दुर्ग पर कब्जा करने के रूप में रिपोर्ट किया है।
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