पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक आदेश जारी कर सभी जिला कलक्टरों को हाइवे पर बने गैर कानूनी वसूली चौकियों को हटाने और वसलूने वालों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वादा किया था कि 4 मई को जैसे ही बीजेपी सरकार बनेगी, बंगाल के लोगों को 'भाइपो टैक्स' से आज़ादी मिल जाएगी। अवैध चेकपोस्ट पर वसूली पर असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने भी आपत्ति दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि बंगाल में ट्रक ड्राइवरों से अभिषेक टैक्स देना पड़ता है। 4 मई के बाद एनएच-2 के पास कई जगह अवैध टोल तो हट गए, मगर कुछ स्थानों पर अभी तक वसूली जारी थी।
रास्ते और हाइवे भाइपो टैक्स और डंडा टैक्स के लिए बदनाम: पिछले कुछ सालों में बंगाल में सीमा पार करने वाले रास्ते और हाइवे भाइपो टैक्स और डंडा टैक्स के लिए बदनाम हो गए थे। झारखंड-असम-बंगाल रूट पर बांस के बैरिकेड्स लगाकर अवैध वसूली का कारोबार इतना बढ़ गया था कि ट्रक ड्राइवर परेशान हो गए थे। हर चेकपॉइंट पर लाठियों से लैस सिंडिकेट के गुंडे होते थे, जो बिना पर्ची 20 से 500 रुपये तक टैक्स वसूलते थे। ट्रक ड्राइवरों के पास मना करना कोई विकल्प ही नहीं था। इनकार करने पर ये गुंडे गाड़ियों के शीशे तोड़ देते थे या टायर पंक्चर कर देते थे। यह उत्पीड़न तब तक जारी रहता था, जब तक पैसे दे नहीं दिए जाते थे।
डंडा टैक्स के अवैध कारोबार की कमाई कितनी?:
डंडा टैक्स के अवैध कारोबार की कमाई का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पूर्वी भारत, नॉर्थ-ईस्ट और बांग्लादेश के लिए बंगाल से रोज 50 हजार से ज्यादा ट्रक गुजरते हैं। अन्य गाड़ियों की संख्या इसमें शामिल नहीं है। सबसे ज्यादा बदनाम पश्चिम बर्धमान और पुरुलिया के हाइवे थे, जहां हर किलोमीटर पर बांस का नाका लगाकर रास्ते रोके जाते थे। बंगाल में ट्रक ऑपरेटर्स एसोसिएशन के फेडरेशन के महासचिव सजल घोष का कहना है कि बंगाल में दो तरह के अनौपचारिक टैक्स आम थे। भाइपो टैक्स तो खत्म हो गया है। हम चाहते हैं कि डंडा टैक्स को भी पूरी तरह से खत्म किया जाए।
भाइपो टैक्स क्या है?: बांग्ला में भाइपो का मतलब भतीजा होता है, जबकि बुआ को पीशी कहा जाता है। बीजेपी और लेफ्ट समेत कई पार्टियों ने भाइपो शब्द का इस्तेमाल टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के लिए किया है, जो पूर्व सीएम ममता बनर्जी के भतीजे भी हैं। चुनावों के दौरान बीजेपी ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी बंगाल में सिंगल विंडो बन गए हैं, जिनके मंजूरी के बिना बंगाल में कोई अनुमति नहीं मिलती। नरेंद्र मोदी ने पीशी-भाइपो की जोड़ी को तोलाबाज बताया था। तोलाबाज का मतलब बंगाली में वसूली करने वाला होता है। ( बंगाल से अशोक झा की रिपोर्ट )
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