- ताबड़तोड़ फायरिंग: हमलावरों ने करीब 12 राउंड गोलियां चलाईं।
- गंभीर चोटें: चंद्रनाथ के सिर, सीने और पेट में कई गोलियां लगी हैं, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई
·-अन्य घायल: इस हमले में उनके साथ मौजूद एक और व्यक्ति के घायल होने की खबर है, हालांकि अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं
बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना मध्यमग्राम क्षेत्र के दोहरिया में हुई। यह घटना ऐसे समय पर हुई है, बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम हाल में ही आए हैं और राज्य के अलग-अलग स्थानों से हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं। बताया जाता है कि चन्द्रनाथ अपनी स्कॉर्पियो से जा रहे थे, इसी दौरान सफेद कार ने उनका पीछा किया और गाड़ी को रोक दिया। इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने चन्द्रनाथ की गाड़ी को घेरते हुए कई राउंड फायरिंग की। इस हमले में चन्द्रनाथ के सीने की बाई तरफ दिल पर दो गोलियां लगी। वहीं, उनके एक सहयोगी बुद्धदेव को गोली लगी, जिसका अस्पताल में उपचार चल रहा है।
हमलावरों ने सीने में मारी गोली: जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने चंद्रनाथ को निशाना बनाते हुए उनके सीने और सिर में गोली मारी. चिकित्सों की जानकारी के अनुसार, उनके सीने पर बाईं ओर दो गोलियां लगी हैं। सीपीआर देने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका है वहीं, उनके सहयोगी को छाती में दाईं ओर एक पेट में और एक गोली हाथ में लगी है।प्राथमिक चिकित्सा देने के बाद घायल का उपचार किया गया और फिर उपचार के लिए कोलकाता रेफर किया गया है।
कैसे घटना को दिया गया अंजाम: बताया जा रहा है कि सुवेंदु अधिकारी के पीए चन्द्रनाथ रथ देर रात साढ़े नौ बजे के बाद निजाम पैलेस में थे। माना जा रहा है कि राजनीतिक कामधाम के चलते यहां पर वह मौजूद थे और यहां से निकलने के बाद बदमाशों ने मध्यमग्राम में उनकी कार को निशाना बनाया। चन्द्रनाथ अपने सहयोगियों के साथ काली कार में मौजूद थे, इसी दौरान पहले उनकी कार को दूसरी गाड़ी और कई बाइकों से घेरा गया. सफेद गाड़ी से उनकी कार को रोकने के बाद बाइक सवार बदमाशों ने गोलियां चलाईं. घटना के बाद हमलावर वहां से फरार हो गए। सभी हमलावरों ने हेलमेट पहना था। घटना के बाद सुवेंदु अधिकारी और सुकांत मजूमदार अस्पताल पहुंच गए हैं।
चन्द्रनाथ के बारे में जानिए: जानकारी के अनुसार, चन्द्रनाथ रथ बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी का पर्सनल काम देखते थे।बीजेपी ने आरोप लगाया है कि यह काम बॉर्डर के पार के लोगों की है। मध्यमग्राम घटनास्थल पर बड़ी संख्या में RAF और केंद्रीय बल पहुंचे हैं और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। बता दें कि चन्द्रनाथ रथ पूर्वी मिदनापुर के चांदीपुर निवासी थे और सुवेंदु अधिकारी के सभी कामों की देखरेख करते थे। चन्द्रनाथ रथ चांदीपुर के ईश्वरपुर क्षेत्र के कुलुप गांव में रहते थे। चश्मदीदों के मुताबिक वह कुछ लोगों के साथ थे, तभी हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है और राज्य में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक सिर, सीने और पेट में कई गोलियां लगी हैं। करीब 12 राउंड फायरिंग हुई है। बताया जा रहा है कि हमलावर पीछा करते हुए आए, गाड़ी रुकवाई और फिर लगातार गोलियां चलाईं। बताया जा रहा है कि पहले गाड़ी को ओवरटेक कर रोक गया, उसके बाद लगातार गोलियां चलाई गईं।
मौके पर पहुंच रहे सुवेंदु: मामले की सूचना मिलने के बाद सुवेंदु अधिकारी मध्यमग्राम के लिए रवाना हो गए हैं। बताया जा रहा है कि चंद्र नाथ रथ पिछले एक दशक से सुवेंदु के साथ जुड़े हुए थे। बताया जा रहा है जिस वक्त इस वारदात को अंजाम दिया गया, नाथ अपने एक साथी के साथ मौजूद थे। बताया जा रहा है कि कुल 12 राउंड गोली चलाई गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक यह कोई साधारण हमला नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। बीजेपी के वरिष्ठ नेता अर्जुन सिंह ने बताया कि हमलावरों ने पहले चंद्रनाथ की गाड़ी को ओवरटेक कर रुकवाया और फिर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
'ममता सुवेंदु को मरवाना चाहती हैं': बीजेपी नेता अर्जुन सिंह ने इस घटना को एक बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि
ममता बनर्जी सत्ता से जाते-जाते भी बंगाल का माहौल खराब करना चाहती हैं। यह शार्प शूटरों का काम है और मुझे लगता है कि ममता, सुवेंदु अधिकारी को मरवाना चाहती हैं। आरोप लगाया गया कि अपराधी बॉर्डर पार कर आकर ऐसी घटनाओं को अंजाम देते हैं।ये जिहादियों का काम है। बंगाल को दुरुस्त करने में 2 साल लगेंगे जुडिशरी को भी दुरुस्त करना होगा। इस इलाके के पास ही बॉर्डर है। आजकल अपराध का सिस्टम बहुत आगे बढ़ गया है।यह बहुत बड़ा हमला है. प्रशासन चुनाव के बाद ढीला पड़ गया है। योगी की तरह यहां भी एक्शन लेना होगा। इनका मकसद बहुत बड़ा है. यह शार्प शूटर का काम है।मैंने पहले भी कहा था कि ममता सुवेंदु को मरवाना चाहती हैं।
'बख्शा नहीं जाएगा, यह बीजेपी की गारंटी है':
केया घोष ने कहा:वह बहुत ही अच्छा लड़का था. वह एयरफोर्स में भी काम कर चुका था और बहुत अच्छे से काम करता था। भवानीपुर में सुवेंदु दा का पूरा काम संभाल रखा था। क्या इसी वजह से उन्हें टारगेट किया गया? यह TMC एक खूनी पार्टी है। उनका गुस्सा एक निहत्थे इंसान पर निकालेंगे। यह किसी प्रोफेशनल का काम है।बीजेपी की सरकार जब आएगी, तब किसी को नहीं छोड़ा जाएगा। वह मेरे भाई जैसा था। वह करीब एक दशक से सुवेंदु दा के लिए काम कर रहे थे। कल ही मुझसे बात हुई थी।मुझे जो पता है, उसे 4 गोलियां मारी गई हैं। वह ऑफिस का काम करके जा रहा था। देश को पता चलना चाहिए कि एक पार्टी ऐसी भी थी, जो हारने के बाद ऐसी हरकत करती थी।जब जांच रिपोर्ट आएगी, तब सबको पता चल जाएगा. लेकिन जिसने भी यह हत्या की है, उसे बख्शा नहीं जाएगा - यह बीजेपी की गारंटी है।सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्र नाथ रथ की हत्या की पूरी वारदात किस तरह अंजाम दी गई? यह कोई सामान्य हमला नहीं बल्कि एक सुनियोजित साजिश थी। हमलावरों ने पहले सुभेंदु की गाड़ी का पीछा किया और मध्यमग्राम के पास उसे ओवरटेक कर जबरन रुकवाया. इसके बाद शार्प शूटरों ने गाड़ी पर करीब 12 राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग की उनके पीएम के सिर, सीने और पेट में कई गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
बीजेपी नेता अर्जुन सिंह ने इस हत्याकांड के पीछे किन ताकतों का हाथ बताया है? अर्जुन सिंह ने इस घटना को एक बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र करार देते हुए दावा किया कि इसके पीछे जिहादी तत्वों का हाथ है जो अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पार कर बंगाल में घुसते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की ढिलाई के कारण अपराधी बेखौफ हैं और ममता बनर्जी सत्ता से जाते-जाते राज्य का माहौल पूरी तरह बिगाड़ना चाहती हैं। मृतक चंद्र नाथ रथ का सुवेंदु अधिकारी के राजनीतिक जीवन में क्या महत्व था? चंद्र नाथ रथ पिछले एक दशक से सुवेंदु अधिकारी के साथ साये की तरह जुड़े हुए थे। वे केवल उनके निजी सहायक ही नहीं बल्कि उनके सबसे भरोसेमंद रणनीतिकारों और सांगठनिक कार्यों को संभालने वाले प्रमुख व्यक्ति थे। उनकी हत्या को सुवेंदु अधिकारी के निजी और राजनीतिक आधार पर एक सीधा और बड़ा हमला माना जा रहा है।
[q] सुवेंदु अधिकारी के पीएम की हत्या के दौरान वहां मौजूद अन्य लोगों की स्थिति के बारे में क्या जानकारी मिली है? [/q]
[ans] जानकारी के मुताबिक, वारदात के वक्त चंद्र नाथ रथ अकेले नहीं थे, उनके साथ गाड़ी में एक और साथी मौजूद था. हमलावरों की अंधाधुंध फायरिंग में वह साथी भी गंभीर रूप से घायल हुआ है. हालांकि अभी उसकी पहचान और स्वास्थ्य की स्थिति को लेकर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। ( बंगाल से अशोक झा की रिपोर्ट )
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