बंगाल चुनाव 2026 के नतीजों से पहले टीएमसी और चुनाव आयोग के बीच टकराव बढ़ गया है. टीएमसी के नेताओं ने आयोग की मिली भगत से भाजपा पर ईवीएम से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। जानें चुनाव आयोग ने 7 स्ट्रांग रूम और पोस्टल बैलट पर क्या सफाई दी है। बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद अब सभी को रिजल्ट का इंतजार है। वहीं EVM को सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है।इस विवाद के बाद ममता बनर्जी सरकार की कैबिनेट मंत्री डॉ शशि पांजा और कुणाल घोष ने नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर धरना शुरू कर दिया है. चुनाव आयोग ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बताया है।पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों से पहले राज्य में सियासी संग्राम छिड़ गया है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भाजपा और चुनाव आयोग पर 'दिनदहाड़े लोकतंत्र की हत्या' करने का गंभीर आरोप लगाया है. टीएमसी ने बृहस्पतिवार की रात 8:31 बजे 46 सेकेंड का एक वीडियो शेयर करते हुए दावा है कि सीसीटीवी फुटेज से यह खुलासा हुआ है कि विपक्षी दलों की अनुपस्थिति में मतपेटियों को खोला जा रहा है.
इंडोर स्टेडियम के बाहर धरने पर शशि पांजा और कुणाल घोष
इस विवाद के बाद ममता बनर्जी सरकार की कैबिनेट मंत्री डॉ शशि पांजा और कुणाल घोष ने नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर धरना शुरू कर दिया है. चुनाव आयोग ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बताया है.
टीएमसी का हमला- दिल्ली के जमींदार चुरा रहे जनादेश
तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (चुनाव आयोग) की मिलीभगत से चुनावी धोखाधड़ी की जा रही है. वोटर लिस्ट से नाम हटाने और केंद्रीय बलों के डराने-धमकाने के बाद अब भाजपा हताशा में ईवीएम और बैलेट बॉक्स के साथ छेड़छाड़ कर रही है.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी जायेंगी धरना स्थल पर
पार्टी ने सोशल मीडिया साइट पर लिखा है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद इस मामले पर नजर रख रही हैं. जल्द ही धरना स्थल का दौरा करेंगी. पार्टी ने साफ किया है कि वे 'दिल्ली के जमींदारों' को जनादेश की चोरी नहीं करने देंगे.
चुनाव आयोग की सफाई- सुरक्षित हैं सभी स्ट्रांग रूम
विवाद बढ़ता देख चुनाव आयोग ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है. आयोग ने बताया कि खुदीराम अनुशीलन केंद्र के भीतर 7 विधानसभा क्षेत्रों के स्ट्रांग रूम उम्मीदवारों और पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में सुबह 5:15 बजे तक पूरी तरह सील कर दिये गये थे।
टीएमसी का हमला- दिल्ली के जमींदार चुरा रहे जनादेश
तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (चुनाव आयोग) की मिलीभगत से चुनावी धोखाधड़ी की जा रही है. वोटर लिस्ट से नाम हटाने और केंद्रीय बलों के डराने-धमकाने के बाद अब भाजपा हताशा में ईवीएम और बैलेट बॉक्स के साथ छेड़छाड़ कर रही है। हालांकि ईवीएम से छेड़छाड़ की आशंकाओं के बीच पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल के एक सदस्य और तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने गुरुवार (30 अप्रैल) शाम से कोलकाता में एक ईवीएम स्ट्रांगरूम के सामने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है।टीएमसी के इस आरोप के साथ ही तृणमूल कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गई। तृणमूल कांग्रेस के नेता और समर्थक बीजेपी पर आरोप लगाते हुए विरोध में धरना देने के लिए सड़कों पर उतर आए। इस दौरान वे जय बांग्ला के नारे लगाते रहे. स्थिति को देखते हुए स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। वहीं, भाजपा के समर्थकों ने इस दौरान जय श्री राम के नारे लगाए। इस बीच चुनाव आयोग ने TMC की तरफ से लगाए गए आरोपों और स्ट्रॉन्ग रूम के साथ पोस्टल बैलेट से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया दी है। बैलेट बॉक्स खोलने के आरोपों पर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया
चुनाव आयोग ने कहा कि खुदीराम अनुशीलन केंद्र के परिसर में कुल सात AC स्ट्रॉन्ग रूम बनाए गए हैं, जहां मतदान के बाद सभी इलेक्ट्रिक वोटिंग मशीनों (EVM) को सुरक्षित रखा गया है। सभी स्ट्रॉन्ग रूम को कल बुधवार (29 अप्रैल, 2026) को मतदान खत्म होने के बाद उम्मीदवारों, उनके चुनाव एजेंटों और जनरल ऑब्जर्वर की उपस्थिति में विधिवत बंद और सील किया गया। इनमें आखिरी स्ट्रॉन्ग रूम को आज गुरुवार (30 अप्रैल) की सुबह करीब 5:15 बजे सील किया गया। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी स्ट्रॉन्ग रूम और उनमें रखी गई EVM मशीनें सीलबंद स्थिति में पूरी तरह सुरक्षित हैं।
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पूरी तरह से सुरक्षित हैं बैलेट बॉक्सः चुनाव आयोग
पोस्टल बैलेट को लेकर उठे सवालों पर चुनाव आयोग ने कहा, 'इसी परिसर में पोस्टल बैलेट्स के लिए एक अलग स्ट्रॉन्ग रूम बनाया गया है, जहां विभिन्न मतदान कर्मियों और ETBPS के माध्यम से प्राप्त बैलेट को विधानसभा क्षेत्रवार सुरक्षित रखा गया है। इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी पहले ही सभी ऑब्जर्वर और रिटर्निंग ऑफिसर (RO) को दे दी गई थी और उनसे अनुरोध भी किया गया था कि वे संबंधित उम्मीदवारों और उनके एजेंटों को भी इसकी जानकारी दें दें. इसके अलावा, रिटर्निंग अफसरों ने राजनीतिक पार्टियों को ईमेल के जरिए भी इसकी जानकारी दी है। चुनाव आयोग ने कहा, 'पोस्टल बैलेट का सेग्रिगेशन तय प्रक्रिया के तहत शाम 4 बजे से स्ट्रॉन्ग रूप के कॉरिडोर में शुरू किया गया। इस दौरान सभी जरूरी प्रोटोकॉल का पालन किया गया. मुख्य स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित और लॉक हैं. इस पूरी प्रक्रिया को शशि पांजा, टीएमसी के कुनाल घोष और भाजपा के काली को भी दिखाया गया, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। चुनाव आयोग ने दोहराया कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सभी राजनीतिक दलों को सूचित करने के बाद ही पोस्टल बैलेट का सेग्रिगेशन शाम 4 बजे से शुरू किया गया था। ( बंगाल से अशोक झा की रिपोर्ट )
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