बंगाल में बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी चंद्रनाथ रथ की हत्या से आक्रोश है. यह पहली बार नहीं है जब उनके सहयोगी के साथ ऐसी दर्दनाक घटना हुई हो. रथ की हत्या के अलावा प्रदीप झा, शुभब्रत चक्रवर्ती और पुलक लाहिड़ी की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो चुकी है।पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की बीती रात हत्या कर दी गई। रथ के ड्राइवर को भी गोली लगी है और हालत नाजुक है। इस वारदात के चलते बंगाल बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। हत्याकांड को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं कि इसे किसने अंजाम दिया और मारने की वजह क्या हो सकती है. जिस तरह से हत्या की गई उससे लग रहा है कि हमलावरों ने इस कांड को अंजाम देने से पहले कई दिनों तक रेकी की थी। चंद्रनाथ हत्याकांड के बाद जांच में जुटी पुलिस CCTV फुटेज खंगाल रही है, साथ ही इस हत्या में शामिल लोगों का पता लगाने के लिए कई जांच टीमें भी बनाई गई हैं. पुलिस इस बात की भी जांच में जुटी है कि क्या उनकी हत्या में सुपारी किलर भी शामिल थे. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि फोरेंसिक टीम ने गुरुवार सुबह घटनास्थल का दौरा किया और सैंपल जुटाए, जबकि आपराधिक जांच विभाग (CID) के अधिकारी भी जांच में शामिल हो गए.
आटोमैटिक पिस्टल से मारी गई गोली
दूसरी ओर, चंद्रनाथ के शव का पोस्टमार्टम करा लिया गया है. शुरुआती पीएम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि उनके शरीर में 3 गोलियां मारी कई थी. दावा किया जा रहा है कि उस पर 7.6 बोर की सेमी आटोमैटिक पिस्टल से गोली मारी गई. मध्यमग्राम पुलिस स्टेशन में मामले में एफआईआर दर्ज की जाएगी.
हालांकि हत्याकांड के कई घंटे गुजर जाने के बाद भी पुलिस ने इस संबंध में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है. पुलिस अफसर का कहना है, “घटनास्थल से मिले सबूतों के आधार पर, ऐसा लगता है कि यह हत्या पहले से सोची-समझी योजना के तहत की गई. जांचकर्ता घटनास्थल और आस-पास के इलाकों से CCTV फुटेज की जांच कर रहे हैं.
हत्याकांड को लेकर एक ओर जांच जारी है तो दूसरी ओर, इसमें सिलीगुड़ी कनेक्शन ने सभी को चौंका दिया है. उत्तरी 24 परगना के मध्यमग्राम में कल बुधवार देर रात को चंद्रनाथ की कार सड़क पर रुकी तो पीछा कर रहे हमलावरों ने उनके ऊपर कई राउंड गोलियां बरसा दी. गोलियां कार का शीशा भेदकर चंद्रनाथ को लगीं. गोली लगने से हालत गंभीर हो गई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
नंबर प्लेट सिलीगुड़ी का निकला
पुलिस सूत्रों का कहना है कि एक कार ने चंद्रनाथ की गाड़ी को रोककर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं. इसके बाद बदमाशों ने कार को वहीं छोड़ दिया और बाइक पर सवार होकर फरार हो गए.
घटनास्थल पर मौजूद गाड़ी को पुलिस ने जब्त कर लिया और नंबर प्लेट की जांच करने के बाद, गाड़ी के मालिक का नाम सामने आया. आरटीओ में उस नंबर की गाड़ी के बारे में पता लगाया गया जिसमें रजिस्ट्रेशन जोसेफ विलियम्स के नाम पर है. वह सिलीगुड़ी के मतिगारा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के निवासी हैं. उनसे तुरंत संपर्क किया गया.
OLX से बनवाया डुप्लीकेट नंबर
मैने भी उनसे संपर्क साधा। उसने स्पष्ट रूप से जवाब दिया, “गाड़ी मेरी है, लेकिन मुझे नहीं पता कि नंबर किसने लिया है। पुलिस ने उस शख्स को माटीगाड़ा पुलिस स्टेशन बुलाया। उससे बार-बार पूछताछ की गई। बाद में, पुलिस ने इंजन नंबर और कई अन्य चीजों की तुलना की तो पता चला कि जोसेफ के पास असली नंबर प्लेट वाली कार थी। हालांकि उसने कार को बेचने के लिए OLX पर विज्ञापन दिया था। नंबर प्लेट की एक तस्वीर भी थी।ऐसे में पुलिस का मानना है कि हमलावरों ने वहीं से ही नकली नंबर प्लेट बनवाई थी। खास बात यह है कि दोनों कारों का रंग और मॉडल बिल्कुल एक जैसा है।ये पहली दफा नहीं है जब सुवेंदु के करीबी को निशाना बनाया गया है. 2013 से लेकर अब तक उनके चार करीबी सहयोगियों की अलग-अलग घटनाओं में मौत हुई है. आइए इन घटनाओं के बारे में डिटेल में जानते हैं.सबसे पहले बात प्रदीप झा की, जो कि सुवेंदु के पर्सनल असिस्टेंट/पॉलिटिकल सेक्रेटरी थे। बात साल 2013 की है तब सुवेंदु टीएमसी में थे। प्रदीप भी पार्टी कार्यकर्ता थे. इससे पहले वो सुवेंदु के पर्सनल असिस्टेंट और पॉलिटिकल सेक्रटरी रह चुके थे।अगस्त में कोलकाता के स्ट्रैंड रोड पर पुलिस को वह सुबह-सुबह एक रेस्टोरेंट के पास बेहोश मिले। इसके बाद पुलिस उन्हें अस्पताल ले गई जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत की वजह की असली वजह कभी भी पक्के तौर पर साबित नहीं हो पाई। यह मामला रहस्यमय ही बना रहापुलिस बैरक के अंदर लगी गोली:
अगला नाम है शुभब्रत चक्रवर्ती का, जो राज्य सशस्त्र पुलिस के जवान रहे।इसके बाद जब सुवेंदु सांसद चुने गए तो वो उनकी सिक्योरिटी टीम का हिस्सा थे। अक्टूबर 2018 में कोंताई में एक पुलिस बैरक के अंदर गोली लगने से घायल पाए गए। अगले ही दिन कोलकाता के एक अस्पताल में उनकी मौत हो गई। शुरुआत में इस मामले को आत्महत्या माना गया था लेकिन बाद में उनकी पत्नी ने घटनाक्रम पर सवाल उठाए।मामले की और ज़्यादा गहराई से जांच की मांग की।
चक्रवर्ती का मामला बंगाल की राजनीति में काफी विवादों में रहा. 2021 में जब TMC दोबारा सत्ता में आई तो बंगाल CID ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली। इस दौरान अधिकारी के करीबी लोगों में से कई लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया। इसके बाद कलकत्ता हाई कोर्ट ने मामले में अधिकारी के खिलाफ किसी भी तरह की सख़्त कार्रवाई पर रोक लगा दी।
2021 में पुलक लाहिड़ी की मौत: पुलक लाहिड़ी: पुलक, सुवेंदु अधिकारी के असिस्टेंट रहे। साल 2021 में उनकी मौत हो गई। यह मामला 2021 के बंगाल चुनावों के बाद अधिकारी के करीबी लोगों की मौत से जुड़े मामलों की सीआईडी द्वारा की जा रही बड़ी जांच के संदर्भ में सामने आया था हालांकि, मामले से जुड़े विस्तृत सार्वजनिक रिकॉर्ड बहुत कम मिलते हैं। अब मध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ की हत्या
चंद्रनाथ रथ: चंद्रनाथ 2019 से ही सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और पर्सनल असिस्टेंट थे. उनकी मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने बताया कि दोहरिया के पास एक संकरी गली में हमलावरों ने उनकी SUV को रोक लिया और बहुत करीब से गोलीबारी शुरू कर दी. करीब 12 से 15 राउंड गोलियां चलाई गईं, जिनमें से कम से कम पांच गोलियां रथ को लगीं। ( बंगाल से अशोक झा की रिपोर्ट )
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