- सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था और पुलिस को थी उनकी तलाश
- इस मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), आरोपितों की खैर नहीं
चुनाव आयोग ने बुधवार की देर शाम पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक में सात न्यायिक अधिकारियों के साथ हुई बदसलूकी की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी है। इस मामले में मालदा के कालियाचक में नाकाबंदी, विरोध प्रदर्शन और न्यायिक अधिकारियों को हिरासत में लेने के मामले में मुख्य आरोपी मोफक्करुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया गया। चुनाव आयोग के अनुसार, भागने की कोशिश कर रहे मोफक्करुल को बागडोगरा एयरपोर्ट से पकड़ा गया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था और पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी।
मोफक्करुल पेशे से वकील हैं और पहले रायगंज जिला अदालत तथा बाद में कलकत्ता हाई कोर्ट में प्रैक्टिस कर चुके हैं।वह 2021 विधानसभा चुनाव से पहले असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM में शामिल हुए थे, लेकिन इटाहार सीट से चुनाव में उन्हें केवल 831 वोट मिले थे। ममता ने BJP को बंगाल के बाद दिल्ली से उखाड़ने का लिया संकल्प: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। चुनाव के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा के खिलाफ बड़ा राजनीतिक संकल्प लिया है।तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने जनसभा में ऐलान किया कि वह भाजपा को न सिर्फ बंगाल से बाहर करेंगी, बल्कि दिल्ली की सत्ता से भी हटाकर रहेंगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंच से जनता को गवाह बनाते हुए कहा कि बीजेपी का अंत अब करीब है। उन्होंने कहा, 'यह मेरा वादा है पहले बंगाल से भाजपा को हटाऊंगी और फिर दिल्ली की कुर्सी से भी उन्हें उतार फेंकूंगी.' मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान निर्वाचन आयोग (ECI) और केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं का इस्तेमाल विपक्ष को दबाने के लिए किया जा रहा है. ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा, 'मोदी और शाह देश को बर्बादी की ओर ले जा रहे हैं'. उन्होंने जनता से बीजेपी को सबक सिखाने की अपील की.
ममता का यह बयान केवल राज्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने इसे राष्ट्रीय राजनीति से जोड़ते हुए भाजपा के खिलाफ व्यापक लड़ाई का संकेत दिया. उनके इस तेवर को आगामी चुनावी रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है.
दिलीप घोष का हमला- बंगाल की कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. खड़गपुर सदर सीट से भाजपा उम्मीदवार दिलीप घोष ने शुक्रवार को राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब न्यायिक अधिकारियों को ही घेरा जा रहा है और उनके काम में बाधा डाली जा रही है, तो प्रदेश में कानून का राज सवालों के घेरे में है.
दिलीप घोष ने कहा कि भाजपा लगातार यह मुद्दा उठाती रही है कि बंगाल में कानून व्यवस्था कमजोर है. उनका कहना था कि जजों को उनके कर्तव्य निभाने से रोका जाना बेहद गंभीर मामला है, जो राज्य की स्थिति को उजागर करता है.
आठवीं पूरक मतदाता सूची जारी
निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत आठवीं पूरक मतदाता सूची जारी कर दी है. आयोग के अनुसार, अब तक लगभग 52 लाख मामलों का सत्यापन और निपटारा किया जा चुका है, जबकि करीब आठ लाख मामलों पर काम अभी जारी है. अधिकारियों को उम्मीद है कि यह प्रक्रिया अगले चार दिनों में पूरी हो जाएगी.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब तक मतदाता सूची से 35 से 40 प्रतिशत नाम हटाए जा चुके हैं. अंतिम मसौदा सूची प्रकाशित होने के बाद 60 लाख से अधिक नामों की जांच की गई थी. जिन लोगों के नाम पूरक सूची में नहीं हैं, उन्हें अब न्यायाधिकरण का सहारा लेना होगा, हालांकि ट्रिब्यूनलों के काम शुरू होने को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है.
मालदा कांड की जांच NIA को सौंपी गई
मालदा में न्यायिक अधिकारियों के घेराव और हमले के मामले में निर्वाचन आयोग ने जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) को सौंप दी है. आयोग के प्रवक्ता के मुताबिक, एनआईए की टीम राज्य में पहुंचकर जांच शुरू करेगी.
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे राज्य प्रशासन की "पूर्ण विफलता" बताया. अदालत ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों को डराने-धमकाने की यह कोशिश न्याय व्यवस्था और अदालत की गरिमा के खिलाफ है. कोर्ट ने केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने के निर्देश दिए थे.
कैसे हुआ मालदा में घेराव?
यह घटना मालदा जिले के कालियाचक इलाके में उस समय हुई, जब एसआईआर अभियान चल रहा था. आरोप है कि असामाजिक तत्वों ने एक बीडीओ कार्यालय में सात न्यायिक अधिकारियों का घेराव कर लिया. बाद में देर रात सुरक्षा बलों ने सभी अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला. पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में कराए जाएंगे. ऐसे में इस तरह की घटनाओं ने चुनावी माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। ( बंगाल से अशोक झा की रिपोर्ट )
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