पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार में बीजेपी देश की सुरक्षा को अहम मुद्दा बता रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार के खिलाफ 'चार्जशीट' जारी की।
घुसपैठ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषयः शाह
शाह ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की सीमाओं से होने वाली घुसपैठ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बन गया है। साथ ही कहा कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा तृणमूल सरकार की तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति के कारण खतरे में पड़ गई है। सिलिगुड़ी कॉरिडोर सामरिक रूप से बेहद अहम है। इसे चिकन नेक भी कहते हैं। यह बहुत संकरा रास्ता है जिससे पूरा नॉर्थ ईस्ट देश के बाकी हिस्से से जुड़ता है। शाह का आरोप-ममता सरकार ने बाड़ लगाने के लिए जमीन नहीं दी: गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र के बार-बार अनुरोध के बावजूद ममता बनर्जी सरकार ने बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जरूरी जमीन उपलब्ध नहीं कराई है। साथ ही वादा किया कि राज्य में बीजेपी की सरकार बनने पर 45 दिन के भीतर सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जरूरी जमीन केंद्र को मुहैया कराएंगे और घुसपैठ को रोकेंगे।शाह ने आरोप लगाया कि टीएमसी के 15 साल के शासन के दौरान बंगाल देश के लिए घुसपैठ, तुष्टीकरण की राजनीति और सीमा पर असुरक्षा का प्रमुख गलियारा बन गया है। SIR के मुद्दे पर ममता सरकार को शाह ने घेरा
शाह ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अन्य राज्यों में भी हुआ है लेकिन कहीं भी इसे इतना बड़ा मुद्दा नहीं बनाया गया।उन्होंने कहा, बंगाल में इसे मुद्दा सिर्फ इसलिए बनाया गया है, क्योंकि ममता बनर्जी अपने वोट बैंक को बचाना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग जैसे संवैधानिक निकायों का अपमान करना बंगाली संस्कृति का हिस्सा नहीं है। शाह ने दावा किया कि असम में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद वहां से घुसपैठ लगभग खत्म हो गई है और कहा कि अब पश्चिम बंगाल ''आखिरी बचा हुआ रास्ता'' बनकर उभरा है, जिसके ज़रिए घुसपैठिए भारत में प्रवेश करते हैं और अलग-अलग राज्यों में फैल जाते हैं। ( बंगाल से अशोक झा की रिपोर्ट )
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